BHAKTI KI SHAKTI
🪔 कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष एकादशी ⏳ In 9 Days Vedic Sanatan Guide

Rama Ekadashi Vrat

दीपावली से ठीक 3 दिन पूर्व आने वाली रमा एकादशी समस्त पापों का नाश करने और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा दिलाने वाली परम पावन एकादशी है। मां लक्ष्मी का एक नाम "रमा" है, इसलिए इस एकादशी के प्रभाव से साधक को कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता। ब्रह्म हत्या जैसे महापाप भी इस व्रत के प्रभाव से क्षीण हो जाते हैं और साधक को वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।

🕉️ Principal Deity: भगवान केशव (श्री विष्णु) व माता रमा (लक्ष्मी जी)
Festival Date (2026) 05 Nov 2026 • Thursday View Day Panchang
⏰

Auspicious Muhurat & Timings for 2026

Calculated as per Vedic Surya Siddhanta and Lahiri Ayanamsha

Main Puja Muhurat

प्रातः 06:40 से 08:05 तक | शाम 05:35 से 07:00 तक

Most Auspicious Window
Tithi Transition Timing

तिथि विवरण: 05 नवंबर 2026, प्रातः 06:12 बजे से • समाप्ति: 06 नवंबर 2026, प्रातः 04:12 बजे तक

📋

Step-by-Step Schedule & Ritual Timeline (Hour by Hour)

Detailed sequence from morning to night for rituals, puja, and lighting lamps

🙏

स्नान व एकादशी व्रत संकल्प

प्रातः 05:30 - 06:30 AM

पीले वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी के सम्मुख व्रत का संकल्प लें।

🪷

पंचामृत अभिषेक व तुलसी अर्पण

प्रातः 07:00 - 08:30 AM

शालिग्राम या श्री हरि की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराएं। पीले चंदन, तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें।

📖

रमा एकादशी महात्म्य पाठ

दोपहर 12:00 PM

पद्म पुराण की रमा एकादशी कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण करें।

🪔

तुलसी दीपदान व संध्या आरती

शाम 05:45 - 07:00 PM

तुलसी चौरे पर घी का दीपक जलाएं और "विष्णु सहस्त्रनाम" का पाठ करें।

🥣

द्वादशी पारण

अगले दिन प्रातः 06:41 - 08:52 AM

ब्राह्मण को भोजन/दान देकर शुभ मुहूर्त में एकादशी व्रत का पारण करें।

🌟

Why is this Festival Celebrated?

दीपावली से ठीक 3 दिन पूर्व आने वाली रमा एकादशी समस्त पापों का नाश करने और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा दिलाने वाली परम पावन एकादशी है। मां लक्ष्मी का एक नाम "रमा" है, इसलिए इस एकादशी के प्रभाव से साधक को कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता। ब्रह्म हत्या जैसे महापाप भी इस व्रत के प्रभाव से क्षीण हो जाते हैं और साधक को वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।

Significance rooted in Sanatan Dharma
🪷

Pauranik Beliefs & Cultural Traditions

इस दिन भगवान विष्णु के केशव स्वरूप और माता रमा (लक्ष्मी) की संयुक्त पूजा की जाती है। एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना गया है। रात्रि में जागरण कर भजन-कीर्तन करने से सहस्रों अश्वमेध यज्ञों के समान फल प्राप्त होता है।

Preserved through millennia of tradition
📜

Complete Sacred Mythological Story (Vrat Katha)

Authentic narration from Sacred Puranas and Epics

पद्म पुराण अनुसार, प्राचीन काल में मुचुकुंद नाम का एक सत्यवादी राजा था। उसकी एक कन्या थी चंद्रभागा, जिसका विवाह राजा चंद्रसेन के पुत्र शोभन से हुआ था। शोभन शारीरिक रूप से दुर्बल था और भूख सहन नहीं कर पाता था। एक बार कार्तिक मास में शोभन ससुराल आया। वहां एकादशी का नियम था कि राज्य के सभी मनुष्य, पशु व पक्षी भी अन्न ग्रहण नहीं करते थे।

शोभन ने विवश होकर रमा एकादशी का निर्जला व्रत रखा, किंतु भूख-प्यास से आधी रात में उसके प्राण पखेरू उड़ गए। चंद्रभागा ने सती न होकर प्रभु चरणों में ध्यान लगाया। एकादशी व्रत के अमोघ प्रभाव से शोभन को देवलोक में मंदराचल पर्वत पर एक अलौकिक, स्वर्ण-निर्मित देवपुर प्राप्त हुआ। बाद में चंद्रभागा ने अपने जीवन भर के पुण्यों का फल देकर उस नगर को सदा के लिए स्थिर कर दिया और दोनों दिव्य रूप धारण कर आनंदपूर्वक रहने लगे।

📖 Reciting or listening to this Katha during puja yields multifold blessings.
🌍

How and Where is it Celebrated? (India & Worldwide)

Regional customs across Indian states and global celebrations by Indian diaspora

🇮🇳 Across Indian States & Regions

संपूर्ण भारत, विशेषकर वैष्णव संप्रदायों (वृंदावन, अयोध्या, तिरुपति, जगन्नाथ पुरी, पंढरपुर) में लाखों श्रद्धालु उपवास रखकर श्री हरि का अभिषेक करते हैं।

🌐 Celebrations Across the Globe (NRI & Diaspora)

इस्कॉन (ISKCON) के विश्वभर के 800+ मंदिरों में रमा एकादशी पर विशेष हरिनाम संकीर्तन और फलहारी प्रसाद वितरण होता है।

🛍️

Puja Samagri Checklist

Tick off items as you prepare for the ritual

5 Items
🕉️

Sacred Mantras & Invocations

विष्णु मूल मंत्र: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥"
लक्ष्मी-विष्णु मंत्र: "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री विष्णवे नमः॥"
⚖️

Rules: Dos and Don'ts

What to Do (अवश्य करें)
  • ✓ तुलसी दल पहले दिन ही तोड़ लें
  • ✓ सात्विक फलाहार करें
  • ✓ विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें
What to Avoid (कदापि न करें)
  • ✗ चावल, अन्न या तामसिक भोजन कदापि न करें
  • ✗ एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें
  • ✗ क्रोध व अपशब्दों से बचें
📅

Upcoming Dates for Rama Ekadashi Vrat (2026–2030)

Accurate advance calendar for devotees, families and diaspora planning

Year Date Day Tithi Action
2026 05 November 2026 Thursday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष एकादशी Panchang
2027 26 October 2027 Tuesday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष एकादशी Panchang
2028 14 October 2028 Saturday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष एकादशी Panchang
2029 02 November 2029 Friday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष एकादशी Panchang
2030 23 October 2030 Wednesday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष एकादशी Panchang

🪔 Explore Other Major Festivals & Vrats

Tap any festival to read full katha, muhurat and rituals

View all 2026-2030 ›
🔔
दैनिक राशिफल व पंचांग अलर्ट

शुभ मुहूर्त व दैनिक राशिफल पाएं

प्रतिदिन प्रातः अपनी राशि का सटीक दैनिक राशिफल, आज का शुभ चौघड़िया व राहुकाल समय की सूचना सीधे अपने मोबाइल/कंप्यूटर पर प्राप्त करें।

🍪

कुकीज़ व गोपनीयता सहमति (Cookie Consent)

हम आपकी पसंदीदा भाषा, चयनित शहर और पंचांग गणना को सहेजने के लिए आवश्यक कुकीज़ का उपयोग करते हैं।