BHAKTI KI SHAKTI
🪔 कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या ⏳ In 12 Days Vedic Sanatan Guide

Diwali / Deepawali (Maha Lakshmi Puja)

दीपावली सनातन धर्म का सबसे भव्य व प्रकाशमय महापर्व है। यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, और बुराई पर अच्छाई की शाश्वत विजय का प्रतीक है। कार्तिक अमावस्या की गहनतम रात्रि को करोड़ों दीपकों की आभा से आलोकित किया जाता है। इस दिन धन-धान्य, ऐश्वर्य व सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी और ज्ञान व बुद्धि प्रदाता भगवान श्री गणेश का गृह-गृह में स्वागत व षोडशोपचार पूजन किया जाता है।

🕉️ Principal Deity: माता महालक्ष्मी, विघ्नहर्ता श्री गणेश, माता सरस्वती, धनपति कुबेर
Festival Date (2026) 08 Nov 2026 • Sunday View Day Panchang
⏰

Auspicious Muhurat & Timings for 2026

Calculated as per Vedic Surya Siddhanta and Lahiri Ayanamsha

Main Puja Muhurat

शाम 05:42 से रात 07:38 तक (अवधि: 1 घंटा 56 मिनट)

Most Auspicious Window
Pradosh Kaal

शाम 05:32 से रात 08:08 तक (गृहस्थ पूजन हेतु सर्वोत्तम)

Sunset to 2h 24m
Vrishabha Sthir Lagna

शाम 05:42 से शाम 07:38 तक (स्थिर लग्न - धन आगमन व स्थिरता)

Permanent Wealth & Prosperity
Mahanishita Kaal

रात 11:39 से मध्यरात्रि 12:32 तक (श्री सूक्त पाठ व तंत्र साधना)

Tantra & Mantra Sadhana
Tithi Transition Timing

तिथि विवरण: 08 नवंबर 2026, दोपहर 12:44 बजे से • समाप्ति: 09 नवंबर 2026, प्रातः 10:35 बजे तक

Shubh Choghadiya:

शुभ: शाम 05:32 - 07:11 | अमृत: शाम 07:11 - 08:50 | लाभ: रात 01:46 - 03:24

📋

Step-by-Step Schedule & Ritual Timeline (Hour by Hour)

Detailed sequence from morning to night for rituals, puja, and lighting lamps

🌿

उबटन स्नान, घर शुद्धि व तोरण

प्रातः 06:00 - 08:30 AM

ब्रह्म मुहूर्त या प्रातःकाल तेल/उबटन लगाकर स्नान करें। संपूर्ण घर, दुकान व कार्यालय की गंगाजल से शुद्धि करें। मुख्य द्वार पर आम या अशोक के ताजे पत्तों का वंदनवार (तोरण) लगाएं और कुमकुम से शुभ-लाभ व स्वस्तिक अंकित करें।

🎨

रंगोली निर्माण व बहीखाता पूजन

प्रातः 09:00 - 11:30 AM

द्वार पर सिंदूर, चावल के आटे व फूलों से भव्य रंगोली बनाएं। व्यापारी वर्ग अपनी नई बही-खाता, तिजोरी, तराजू और कलम-दवात की पूजा करें।

🪷

पूजा मंडप व नैवेद्य सज्जा

दोपहर 12:00 - 03:00 PM

ईशान कोण या उत्तर दिशा में चौकी स्थापित करें। लाल रेशमी वस्त्र बिछाकर मां लक्ष्मी व गणेश जी की सुंदर प्रतिमाएं रखें। खील, बताशे, पंचमेवा, कमल गट्टे, मोदक, फल व मिष्ठान्न की थाल सजाएं।

🕯️

यम दीपदान व देहली पूजन

शाम 05:30 - 06:15 PM

सूर्यास्त के ठीक बाद घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके चार बत्तियों वाला चौमुखा सरसों तेल का दीपक यमराज के निमित्त प्रज्वलित करें, जिससे अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो।

🪔

स्थिर लग्न में मुख्य महालक्ष्मी-गणेश पूजन

शाम 05:42 - 07:38 PM

प्रदोष काल व वृषभ स्थिर लग्न में गणेश-अंबिका, कलश स्थापना, नवग्रह और महालक्ष्मी का षोडशोपचार पूजन करें। अक्षत, कुमकुम, कमल पुष्प, इत्र, धूप, दीप व खील-बताशे अर्पित करें। श्री सूक्त, कनकधारा व लक्ष्मी चालीसा का सस्वर पाठ करें।

✨

दीपोत्सव - समस्त घर में दीप प्रज्वलन

शाम 07:45 - 09:30 PM

लक्ष्मी पूजा के मुख्य दीपक से बाकी 11, 21, 51 या 101 मिट्टी के दीपकों को प्रज्वलित करें। सबसे पहला दीपक पूजा स्थल, दूसरा तुलसी चौरा, तीसरा मुख्य द्वार, चौथा रसोई, और बाकी दीपक छत, मुंडेरों और तिजोरी के पास सजाएं।

🕉️

महानिशीथ काल साधना व कुबेर ध्यान

रात 11:39 - 12:32 AM

तांत्रिक व साधक वर्ग इस समय कनकधारा स्तोत्र, लक्ष्मी सूक्त और "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का 108 या 1008 बार कमल गट्टे की माला से जप करें। व्यापार वृद्धि यंत्र स्थापित करें।

🙏

अखंड दीप व सुख-समृद्धि मंगल प्रार्थना

मध्यरात्रि 12:30 AM के बाद

घर में रातभर अखंड दीपक जलता रहे इसकी व्यवस्था करें। परिवार संग महाआरती करें, प्रसाद वितरण करें और सभी बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।

🌟

Why is this Festival Celebrated?

दीपावली सनातन धर्म का सबसे भव्य व प्रकाशमय महापर्व है। यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, और बुराई पर अच्छाई की शाश्वत विजय का प्रतीक है। कार्तिक अमावस्या की गहनतम रात्रि को करोड़ों दीपकों की आभा से आलोकित किया जाता है। इस दिन धन-धान्य, ऐश्वर्य व सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी और ज्ञान व बुद्धि प्रदाता भगवान श्री गणेश का गृह-गृह में स्वागत व षोडशोपचार पूजन किया जाता है।

Significance rooted in Sanatan Dharma
🪷

Pauranik Beliefs & Cultural Traditions

पौराणिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक अमावस्या के दिन ही समुद्र मंथन से अमृत कलश और 14 रत्नों के साथ जगन्माता महालक्ष्मी प्रकट हुई थीं और उन्होंने भगवान श्री नारायण (विष्णु जी) का वरण किया था। इसी पावन तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास के पश्चात लंकापति रावण का संहार कर माता सीता और लक्ष्मण सहित अयोध्या पधारे थे। अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत में संपूर्ण नगर को शुद्ध घी के दीपकों से जगमगा दिया था। इसी दिन पांडव भी अपने 12 वर्ष के अज्ञातवास से वापस लौटे थे। दीपावली पर घर की शुद्धि व रंगोली बनाई जाती है ताकि माता लक्ष्मी का स्थायी वास हो।

Preserved through millennia of tradition
📜

Complete Sacred Mythological Story (Vrat Katha)

Authentic narration from Sacred Puranas and Epics

समुद्र मंथन कथा: जब देवराज इंद्र के प्रमाद से देवलोक श्रीहीन हो गया, तब भगवान विष्णु की आज्ञा से देवताओं और दानवों ने मंदराचल पर्वत को मथानी और वासुकि नाग को नेती बनाकर क्षीरसागर का मंथन किया। मंथन से हलाहल विष के बाद कामधेनु, उच्चैःश्रवा, ऐरावत और अंत में कार्तिक अमावस्या के दिन दिव्य कमल पर विराजमान होकर स्वयं भगवती महालक्ष्मी प्रकट हुईं। समस्त देवों और गंधर्वों ने मां लक्ष्मी की स्तुति की और मां ने भगवान विष्णु के वक्षस्थल पर वैजयंती माला अर्पित की।

एक अन्य प्रसिद्ध लोककथा एक निर्धन ब्राह्मण और उसकी तपस्वी पत्नी की है। दरिद्रता से पीड़ित ब्राह्मण दंपती ने कार्तिक अमावस्या पर विधिवत दीप प्रज्वलित कर माता लक्ष्मी की निष्काम आराधना की। उनकी निश्छल भक्ति से प्रसन्न होकर मां लक्ष्मी ने स्वयं पधारकर उनके घर का सारा दारिद्र्य दूर किया और उन्हें अनंत धन, विद्या व आरोग्यता का वरदान दिया।

📖 Reciting or listening to this Katha during puja yields multifold blessings.
🌍

How and Where is it Celebrated? (India & Worldwide)

Regional customs across Indian states and global celebrations by Indian diaspora

🇮🇳 Across Indian States & Regions

भारत के हर कोने में अनोखी उमंग के साथ मनाई जाती है। उत्तर भारत व दिल्ली-यूपी में लक्ष्मी-गणेश पूजन व आतिशबाजी होती है। पश्चिम बंगाल व असम में इस रात मां काली की तांत्रिक महापूजा (काली पूजा) होती है। गुजरात में दीपावली वर्ष का अंतिम दिन होता है और अगले दिन नूतन वर्ष (बेस्टु वरस) मनाया जाता है। महाराष्ट्र में वसुबारस से लेकर भाईदूज तक 5 दिन का दीपोत्सव होता है। दक्षिण भारत में नरक चतुर्दशी के दिन तेल स्नान (दीपम) कर दिवाली मनाई जाती है।

🌐 Celebrations Across the Globe (NRI & Diaspora)

नेपाल (तिहार पर्व), मॉरीशस (राष्ट्रीय अवकाश), त्रिनिदाद और टोबैगो, गुयाना, सूरीनाम, फिजी, सिंगापुर (लिटिल इंडिया रोशनी), मलेशिया, यूके (लीसेस्टर और लंदन में विश्व का सबसे बड़ा दिवाली मेला), अमेरिका (व्हाइट हाउस व टाइम्स स्क्वायर पर दीपोत्सव) और संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय समुदाय इसे भव्य रूप से मनाता है।

🛍️

Puja Samagri Checklist

Tick off items as you prepare for the ritual

11 Items
🕉️

Sacred Mantras & Invocations

महालक्ष्मी मूल मंत्र: "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥"
श्री गणेश ध्यान मंत्र: "वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥"
कुबेर धन मंत्र: "ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥"
दीप प्रज्वलन मंत्र: "शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥"
⚖️

Rules: Dos and Don'ts

What to Do (अवश्य करें)
  • ✓ घर का कोना-कोना स्वच्छ रखें, क्योंकि मां लक्ष्मी केवल स्वच्छता में वास करती हैं
  • ✓ मुख्य द्वार पर अखंड प्रकाश रखें और रंगोली बनाएं
  • ✓ दीपावली की रात घर को सूना या ताला बंद न छोड़ें
What to Avoid (कदापि न करें)
  • ✗ माता लक्ष्मी की खड़ी प्रतिमा की पूजा न करें, हमेशा बैठी हुई मुद्रा की पूजा करें
  • ✗ घर में टूटे-फूटे बर्तन, खंडित कांच या खराब बिजली का सामान न रखें
  • ✗ दीपावली की रात जुआ खेलने, मदिरापान या क्रोध करने से महालक्ष्मी रुष्ट होती हैं
📅

Upcoming Dates for Diwali / Deepawali (Maha Lakshmi Puja) (2026–2030)

Accurate advance calendar for devotees, families and diaspora planning

Year Date Day Tithi Action
2026 08 November 2026 Sunday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या Panchang
2027 29 October 2027 Friday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या Panchang
2028 17 October 2028 Tuesday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या Panchang
2029 05 November 2029 Monday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या Panchang
2030 26 October 2030 Saturday कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या Panchang

🪔 Explore Other Major Festivals & Vrats

Tap any festival to read full katha, muhurat and rituals

View all 2026-2030 ›
🔔
दैनिक राशिफल व पंचांग अलर्ट

शुभ मुहूर्त व दैनिक राशिफल पाएं

प्रतिदिन प्रातः अपनी राशि का सटीक दैनिक राशिफल, आज का शुभ चौघड़िया व राहुकाल समय की सूचना सीधे अपने मोबाइल/कंप्यूटर पर प्राप्त करें।

🍪

कुकीज़ व गोपनीयता सहमति (Cookie Consent)

हम आपकी पसंदीदा भाषा, चयनित शहर और पंचांग गणना को सहेजने के लिए आवश्यक कुकीज़ का उपयोग करते हैं।