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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 धनपति कुबेर व मां लक्ष्मी

दरिद्रता नाशक स्तोत्र

दरिद्रता नाशक स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव पुराण / ऋग्वेद खिल सूक्त में वर्णित यह स्तुति धनपति कुबेर व मां लक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।

रचयिता भगवान शिव / महर्षि विश्रवा
स्रोत / ग्रन्थ शिव पुराण / ऋग्वेद खिल सूक्त
शुभ दिन / तिथि शुक्रवार, गुरुवार, धनतेरस, त्रयोदशी
जप माला कमलगट्टा अथवा स्फटिक माला - 1 अथवा 11 पाठ
श्लोक संख्या 1 ॥ श्री ॥
जय देव जगन्नाथ, जय शंकर शाश्वत । जय सर्व-सुराध्यक्ष, जय सर्व-सुरार्चित ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 2 ॥ श्री ॥
जय सर्व-गुणातीत, जय सर्व-वर-प्रद । जय नित्य-निराधार, जय विश्वम्भराव्यय ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 3 ॥ श्री ॥
जय विश्वैक-वेद्येश, जय नागेन्द्र-भूषण । जय गौरी-पते शम्भो, जय चन्द्रार्ध-शेखर ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4 ॥ श्री ॥
जय कोट्यर्क-संकाश, जयानन्त-गुणाश्रय । जय रुद्र-विरुपाक्ष, जय चिन्त्य-निरञ्जन ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5 ॥ श्री ॥
जय नाथ कृपा-सिन्धो, जय भक्तार्त्ति-भञ्जन । जय दुस्तर-संसार-सागरोत्तारण-प्रभो ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6 ॥ श्री ॥
प्रसीद मे महा-भाग, संसारार्त्तस्य खिद्यतः । सर्व-पाप-भयं हृत्वा, रक्ष मां परमेश्वर ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7 ॥ श्री ॥
महा-दारिद्रय-मग्नस्य, महा-पाप-हृतस्य च । महा-शोक-विनष्टस्य, महा-रोगातुरस्य च ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8 ॥ श्री ॥
ऋणभार-परीत्तस्य, दह्यमानस्य कर्मभिः । ग्रहैः प्रपीड्यमानस्य, प्रसीद मम शंकर ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
फलश्रुतिः ॥ श्री ॥
फलश्रुति दारिद्रयः प्रार्थयेदेवं, पूजान्ते गिरिजा-पतिम् । अर्थाढ्यो वापि राजा वा, प्रार्थयेद् देवमीश्वरम् ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक फलश्रुतिः): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 9 ॥ श्री ॥
दीर्घमायुः सदाऽऽरोग्यं, कोष-वृद्धिर्बलोन्नतिः । ममास्तु नित्यमानन्दः, प्रसादात् तव शंकर ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 10 ॥ श्री ॥
शत्रवः संक्षयं यान्तु, प्रसीदन्तु मम गुहाः । नश्यन्तु दस्यवः राष्ट्रे, जनाः सन्तुं निरापदाः ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 11 ॥ श्री ॥
दुर्भिक्षमरि-सन्तापाः, शमं यान्तु मही-तले । सर्व-शस्य समृद्धिनां, भूयात् सुख-मया दिशः ।।
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
समाप्ति ॥ श्री ॥
।। इति दरिद्रता नाशक स्तोत्र सम्पूर्णम्
हिंदी भावार्थ: दरिद्रता नाशक स्तोत्र (श्लोक समाप्ति): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
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संबंधित चालीसा, आरती, पूजन एवं पंचांग

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पाठ की दिव्य फलश्रुति व लाभ

  • ✓ धनपति कुबेर व मां लक्ष्मी की अविरल कृपा, सुरक्षा और आत्मबल की प्राप्ति
  • ✓ अज्ञात भय, मानसिक तनाव, कलह और गृह दोषों का निवारण
  • ✓ कार्यक्षेत्र, व्यापार और विद्या में आने वाले विघ्नों पर विजय
  • ✓ नित्य पाठ से सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और सौभाग्य में वृद्धि
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स्तोत्र पाठ विधि एवं नियम

1
शुद्धि व स्नान
प्रातः काल स्नानोपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2
आसन व दीप
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
3
ध्यान व अर्पण
धनपति कुबेर व मां लक्ष्मी का ध्यान कर पुष्प, चंदन, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें।
4
संकल्प व पाठ
हाथ में जल और अक्षत लेकर अपने मनोरथ का संकल्प करें और शांत मन से स्तोत्र का पाठ करें।
5
क्षमा प्रार्थना व समर्पण
पाठ उपरांत अज्ञानतावश हुई त्रुटियों के लिए क्षमा मांगें और आरती करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दरिद्रता नाशक स्तोत्र का पाठ कब करना चाहिए? ▼

प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त अथवा संध्या काल में शुद्ध होकर शुक्रवार, गुरुवार, धनतेरस, त्रयोदशी पर पाठ करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है।

इस स्तोत्र के मुख्य लाभ क्या हैं? ▼

यह पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आत्मबल, शांति, सुरक्षा और अभीष्ट फल प्रदान करता है।