Bhakti Ki Shakti Vedic Lotus Logo
BHAKTI KI SHAKTI
🪙
🪙 भगवान धन्वंतरि, कुबेर देव व माँ लक्ष्मी ✨ पर्व व त्योहार 📖 3 षोडशोपचार क्रम

धनतेरस व कुबेर पूजन विधि

🗓️ शुभ दिन व मुहूर्त: कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (प्रदोष काल)

💬 WhatsApp Share
📜
Puranic Significance · धार्मिक व आध्यात्मिक महात्म्य

पूजन का महत्व एवं चमत्कारी फल

कार्तिक त्रयोदशी को समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इसी दिन धन के अधिपति कुबेर देव और यमराज का पूजन होता है। धनतेरस पर नए बर्तन, सोना-चांदी या धनिया खरीदने और सायंकाल यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक (यम दीपदान) जलाने से अकाल मृत्यु का भय टल जाता है और आरोग्य व धन की वृद्धि होती है।

📋
Interactive Puja Thali Checklist

सम्पूर्ण पूजन सामग्री सूची (चेकलिस्ट)

0 / 7 तैयार

💡 सुझाव: थाली में सामग्री सजाते समय प्रत्येक वस्तु के आगे टिक (✓) लगाएं ताकि कोई सामग्री छूटे नहीं।

🧘
Preliminary Purification & Vow

आरंभिक शुद्धि, दीप प्रज्वलन एवं संकल्प

१. आसन शुद्धि:

प्रदोष काल में उत्तर दिशा की ओर मुख कर बैठें।

२. आचमन (मुख शुद्धि):

आचमन करें।

३. पवित्रीकरण (आत्म शुद्धि मंत्र):

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥

पवित्र हों।

४. दीप प्रज्वलन व प्रणाम:

शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥

दीपक जलाएं।

५. संकल्प (Sankalpa):

आरोग्य व धन वृद्धि का संकल्प लें।

॥ वैदिक षोडशोपचार पूजन क्रम (१ से १६) ॥

मंत्र, विधि एवं भावार्थ सहित संपूर्ण पूजन विधान

प्रत्येक उपचार को श्रद्धापूर्वक संपन्न करें और साथ में दिए गए वैदिक/पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें।

1 १. भगवान धन्वंतरि पूजन (आरोग्य)

उपचार #1
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वन्तरये अमृतकलशहस्ताय सर्वभयविनाशाय सर्वरोगनिवारणाय त्रिलोकपतये त्रिलोकनाथाय श्रीमहाविष्णुस्वरूपाय नमः॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

आयुर्वेद के प्रवर्तक धन्वंतरि जी को रोली, अक्षत, पीले पुष्प और औषधि/फल चढ़ाकर उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।

📖 भावार्थ: रोग-शोक का नाश कर अमृत प्रदान करने वाले धन्वंतरि देव का पूजन करते हैं।

2 २. कुबेर देव पूजन (धन-संपत्ति)

उपचार #2
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

तिजोरी, धन स्थान या चांदी के सिक्के पर रोली लगाकर कुबेर मंत्र का जाप करें और खड़ा धनिया अर्पित करें।

📖 भावार्थ: यक्षराज कुबेर देव से धन-धान्य समृद्धि की याचना करते हैं।

3 ३. यम दीपदान (अकाल मृत्यु निवारण)

उपचार #3
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अन्न की ढेरी पर चार बत्तियों वाला सरसों के तेल का बड़ा दीपक जलाएं।

📖 भावार्थ: अकाल मृत्यु के भय को मिटाने हेतु यमराज को दीपदान समर्पित है।
⚠️
Vedic Guidelines & Prohibitions

महत्वपूर्ण पूजन नियम, सावधानियां व वर्जित कार्य

  • ✦ धनतेरस के दिन लोहे, एल्युमिनियम या नुकीली वस्तुएं (कैंची, चाकू) न खरीदें।
  • ✦ सोना, चांदी, पीतल के बर्तन या साबुत धनिया खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • ✦ यम दीपदान का दीपक घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर ही रखा जाता है; दीप प्रज्वलित करने के बाद पीछे मुड़कर न देखें।

🔔 संबंधित चालीसा एवं महाआरती संग्रह

पूजन की पूर्णता हेतु स्तुति पाठ व कर्पूर आरती अवश्य करें।