Bhakti Ki Shakti Vedic Lotus Logo
BHAKTI KI SHAKTI
🪔
🪔 Lord Satyanarayan (Vishnu) ✨ Vrat & Kathas 📖 16 Steps Ritual

Shri Satyanarayan Puja Vidhi

🗓️ Auspicious Days / Tithi: Every Purnima, Ekadashi, Thursday, or Griha Pravesh

💬 WhatsApp Share
📜
Puranic Significance · धार्मिक व आध्यात्मिक महात्म्य

Significance & Spiritual Fruits (पूजा का महात्म्य व फल)

Narrated in Skanda Purana, Shri Satyanarayan Puja is the supreme vow in Kaliyuga. It removes financial hardships, blesses families with unity, health, and progeny, and fulfills heartfelt aspirations.

📋
Interactive Puja Thali Checklist

Puja Samagri Checklist (सामग्री चेकलिस्ट)

0 / 11 तैयार

💡 Tip: Check off items as you arrange your Puja Thali. Your progress is saved automatically on your browser.

🧘
Preliminary Purification & Vow

Preliminary Rituals & Sankalpa (आरंभिक शुद्धि व संकल्प)

१. आसन शुद्धि:

पूर्व या उत्तर मुख होकर पीले आसन पर बैठें।

२. आचमन (मुख शुद्धि):

तीन बार आचमन करें।

३. पवित्रीकरण (आत्म शुद्धि मंत्र):

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥

गंगाजल छिड़कें।

४. दीप प्रज्वलन व प्रणाम:

शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥

दीपक प्रज्वलित करें।

५. संकल्प (Sankalpa):

हाथ में जल, अक्षत, सिक्का लेकर सत्यनारायण कथा श्रवण का संकल्प लें।

॥ Step-by-Step 16 Shodashopachara Rituals ॥

Vedic Procedure with Sanskrit Mantras

प्रत्येक उपचार को श्रद्धापूर्वक संपन्न करें और साथ में दिए गए वैदिक/पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें।

1 १. ध्यानम् (Dhyanam)

उपचार #1
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

पीले पुष्प लेकर शेषनाग पर शयन करने वाले चतुर्भुज भगवान विष्णु का ध्यान करें।

📖 भावार्थ: शांत स्वरूप, कमल नयन, सर्वलोक के स्वामी भगवान विष्णु का ध्यान करते हैं।

2 २. आवाहनम् (Avahanam)

उपचार #2
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। आगच्छ सत्यदेवेश सन्निधौ भव मे प्रभो॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

कलश व चौकी पर भगवान सत्यनारायण का सस्नेह आवाहन करें।

📖 भावार्थ: हे सत्य स्वरूप प्रभु! हमारे अनुष्ठान में पधारें।

3 ३. आसनम् (Asanam)

उपचार #3
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

पीताम्बरधरायास्मै दिव्यासनं समर्पये। गृहाण देवदेवेश भक्त्या दत्तं जनार्दन॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

पीले पुष्पों का आसन अर्पित करें।

📖 भावार्थ: पीतांबरधारी प्रभु को पावन आसन समर्पित है।

4 ४. पाद्यम् (Padyam)

उपचार #4
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ श्रीसत्यनारायणाय नमः, पाद्यं समर्पयामि।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

चरण धोने हेतु जल चढ़ाएं।

📖 भावार्थ: चरण प्रक्षालन हेतु जल अर्पित है।

5 ५. अर्घ्यम् (Arghyam)

उपचार #5
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

अर्घ्यं गृहाण गोविन्द गन्धपुष्पाक्षतैर्युतम्।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

चंदन व अक्षत युक्त अर्घ्य जल चढ़ाएं।

📖 भावार्थ: अर्घ्य जल समर्पित है।

6 ६. आचमनीयम् (Achamaniyam)

उपचार #6
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

सुगन्धि निर्मलं तोयं आचम्यतां जगत्पते।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

आचमन हेतु जल अर्पित करें।

📖 भावार्थ: आचमन जल समर्पित है।

7 ७. पंचामृत स्नानम् (Snanam)

उपचार #7
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

पञ्चामृतस्नानं समर्पयामि। गंगाजलस्नानं समर्पयामि॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

पंचामृत व गंगाजल से शालिग्राम या प्रतिमा को स्नान कराएं।

📖 भावार्थ: पंचामृत व गंगाजल स्नान समर्पित है।

8 ८. वस्त्रम् व यज्ञोपवीतम् (Vastram)

उपचार #8
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

पीतवस्त्रं मया दत्तं कुरु रक्षां जनार्दन। उपवीतं गृहाण त्वं विष्णो सर्वहितप्रद॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

पीला वस्त्र व जनेऊ अर्पित करें।

📖 भावार्थ: पीतांबर व जनेऊ समर्पित है।

9 ९. गन्धम् व अक्षत (Chandan & Akshat)

उपचार #9
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

गोपीचन्दनसंयुक्तं कस्तूरीकुङ्कुमान्वितम्। विलेपनं गृहाण त्वं सत्यदेव नमोऽस्तु ते॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

पीला गोपीचंदन लगाएं और अक्षत चढ़ाएं।

📖 भावार्थ: पीला चंदन व अक्षत अर्पित है।

10 १०. तुलसीदल व पुष्पमाला (Tulsi & Flowers)

उपचार #10
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

तुलसीदलैर्युतं माल्यं पीतपुष्पैः समन्वितम्। प्रीत्यर्थं ते समर्प्यामि गृहाण कमलापते॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

तुलसी की पत्तियां व पीले गेंदे की माला अवश्य चढ़ाएं (तुलसी के बिना भोग स्वीकार नहीं होता)।

📖 भावार्थ: भगवान विष्णु को परम प्रिय तुलसी दल व पुष्पमाला अर्पित है।

11 ११. धूपम् (Dhupam)

उपचार #11
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

धूपं गृहाण देवेश सर्वलोकैकनायक।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

सुगंधित धूप दिखाएं।

📖 भावार्थ: धूप समर्पित है।

12 १२. दीपम् (Deepam)

उपचार #12
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

साज्यं च वर्तिसंयुक्तं दीपं दर्शयामि प्रभो।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

घी का दीपक दिखाएं।

📖 भावार्थ: दीपक समर्पित है।

13 १३. पंजीरी व केला नैवेद्यम् (Maha Prasad)

उपचार #13
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

सपादभक्ष्यं संयुक्तं कदलीफलशोभितम्। पयो दधि घृतोपेतं नैवेद्यं प्रतिगृह्यताम्॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

सवा पाव भुने आटे की पंजीरी, पंचामृत, तुलसी दल और केले का मुख्य भोग लगाएं।

📖 भावार्थ: सत्यनारायण का सवाया महाप्रसाद समर्पित है।

14 १४. ताम्बूलम् व दक्षिणा (Tambulam)

उपचार #14
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ताम्बूलं गृहाण देव पूगीफलसमन्वितम्। दक्षिणां च मया दत्तां कुरु पूर्णं मनोरथम्॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

पान-सुपारी व दक्षिणा चढ़ाएं।

📖 भावार्थ: ताम्बूल व दक्षिणा समर्पित है।

15 १५. कथा श्रवण व आरती (Katha & Aarti)

उपचार #15
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

श्री सत्यनारायण कथा के पांचों अध्यायों का श्रवण करें और शंख-घंटे बजाकर कर्पूर आरती करें।

📖 भावार्थ: कथा श्रवण उपरांत महाआरती संपन्न करते हैं।

16 १६. पुष्पांजलि व प्रसाद वितरण (Prasad)

उपचार #16
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात्। करोमि यद्यत् सकलं परस्मै नारायणायेति समर्पयामि॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

पुष्पांजलि देकर साष्टांग नमन करें, चरणामृत व पंजीरी का प्रसाद सभी में बांटें और स्वयं ग्रहण करें।

📖 भावार्थ: सर्वस्व नारायण को समर्पित कर प्रसाद वितरण करते हैं।
⚠️
Vedic Guidelines & Prohibitions

Important Rules, Dos & Don'ts (पूजन नियम व क्या न करें)

  • ✦ सत्यनारायण पूजा में प्रसाद 'सवाया' (सवा पाव, सवा किलो) बनाने का विधान है।
  • ✦ प्रसाद में गेहूं के भुने आटे की पंजीरी, शर्करा, केला और तुलसी दल अनिवार्य घटक हैं।
  • ✦ कथा समाप्त होने से पूर्व बीच में उठकर जाना वर्जित है; कथा पूरी श्रद्धा से एकाग्र होकर सुननी चाहिए।
  • ✦ पूजा के दिन सात्विक आहार लें और सत्य वचन का पालन करें।

🔔 संबंधित चालीसा एवं महाआरती संग्रह

पूजन की पूर्णता हेतु स्तुति पाठ व कर्पूर आरती अवश्य करें।