Bhakti Ki Shakti Vedic Lotus Logo
BHAKTI KI SHAKTI
🪷
🪷 Goddess Maha Lakshmi ✨ Festivals & Vrats 📖 16 Steps Ritual

Maha Lakshmi & Diwali Puja Vidhi

🗓️ Auspicious Days / Tithi: Diwali (Kartik Amavasya), every Friday, Dhanteras & Sharad Purnima

💬 WhatsApp Share
📜
Puranic Significance · धार्मिक व आध्यात्मिक महात्म्य

Significance & Spiritual Fruits (पूजा का महात्म्य व फल)

Goddess Maha Lakshmi is the supreme goddess of wealth, fortune, and abundance. Performing Shodashopachara puja in Sthir Lagna (Taurus/Leo) ensures permanent prosperity, dissolves debt, and fills the household with divine auspiciousness.

📋
Interactive Puja Thali Checklist

Puja Samagri Checklist (सामग्री चेकलिस्ट)

0 / 14 तैयार

💡 Tip: Check off items as you arrange your Puja Thali. Your progress is saved automatically on your browser.

🧘
Preliminary Purification & Vow

Preliminary Rituals & Sankalpa (आरंभिक शुद्धि व संकल्प)

१. आसन शुद्धि:

उत्तर या ईशान कोण की ओर मुख कर आसन ग्रहण करें।

२. आचमन (मुख शुद्धि):

तीन बार आचमन कर पवित्र हों।

३. पवित्रीकरण (आत्म शुद्धि मंत्र):

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥

गंगाजल छिड़क कर पूजा स्थल व स्वयं को शुद्ध करें।

४. दीप प्रज्वलन व प्रणाम:

शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥

अखंड चौमुखी महादीपक प्रज्वलित करें।

५. संकल्प (Sankalpa):

हाथ में जल, पुष्प, सिक्का लेकर स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति का संकल्प लें।

॥ Step-by-Step 16 Shodashopachara Rituals ॥

Vedic Procedure with Sanskrit Mantras

प्रत्येक उपचार को श्रद्धापूर्वक संपन्न करें और साथ में दिए गए वैदिक/पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें।

1 १. ध्यानम् (Dhyanam)

उपचार #1
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ या सा पद्मासनस्था विपुलकटितटी पद्मपत्रायताक्षी। गम्भीरावर्तनाभिः स्तनभरनमिता शुभ्रवस्त्रोत्तरीया॥ लक्ष्मीर्दिव्यैर्गजेन्द्रैर्मणिगणखचितैः स्नापिता हेमकुम्भैः। नित्यं सा पद्महस्ता मम वसतु गृहे सर्वमाङ्गल्ययुक्ता॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

कमल के पुष्प व अक्षत हाथ में लेकर माता लक्ष्मी के चतुर्भुज, स्वर्णाभ व कमलारूढ़ स्वरूप का ध्यान करें।

📖 भावार्थ: कमल पर आसीन, गजराजों द्वारा स्वर्ण कलशों से अभिषिक्त माता महालक्ष्मी सदा हमारे घर में वास करें।

2 २. आवाहनम् (Avahanam)

उपचार #2
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥ आगच्छ वरदे देवि भक्तानुकम्पिनि॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

हाथ जोड़कर माता महालक्ष्मी व गणेश जी का सस्नेह आवाहन करें।

📖 भावार्थ: हे कमलालया महालक्ष्मी! कृपा कर हमारे घर-आंगन में पधारें और स्थिर वास करें।

3 ३. आसनम् (Asanam)

उपचार #3
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

दिव्यास्तरणसंयुक्तं मणिरत्नसमन्वितम्। कार्तस्वरमयं दिव्यमासनं प्रतिगृह्यताम्॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

रक्त पुष्प या कमल दल चौकी पर बिछाकर आसन अर्पित करें।

📖 भावार्थ: रत्नजड़ित पावन आसन माता के विराजमान होने हेतु समर्पित है।

4 ४. पाद्यम् (Padyam)

उपचार #4
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ महालक्ष्म्यै नमः, पादोदकं समर्पयामि।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

चरण प्रक्षालन हेतु सुगंधित जल अर्पित करें।

📖 भावार्थ: माता के कोमल चरण कमलों को धोने हेतु पाद्य जल अर्पित है।

5 ५. अर्घ्यम् (Arghyam)

उपचार #5
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

अर्घ्यं गृहाण वरदे गन्धपुष्पाक्षतैर्युतम्। प्रसन्न भव मे देवि त्रैलोक्यजननि शुभे॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

गुलाब जल, चंदन व अक्षत युक्त अर्घ्य जल चढ़ाएं।

📖 भावार्थ: त्रिलोक जननी माता महालक्ष्मी को अर्घ्य जल समर्पित है।

6 ६. आचमनीयम् (Achamaniyam)

उपचार #6
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

सर्वतीर्थसमुद्भूतं सुगन्धामृतशीतलम्। आचम्यतां मया दत्तं लक्ष्मि देवि नमोऽस्तु ते॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

आचमनी से जल अर्पित कर मुख शुद्धि कराएं।

📖 भावार्थ: आचमन हेतु पावन शीतल जल अर्पित है।

7 ७. पंचामृत व स्वर्णोदक स्नानम् (Snanam)

उपचार #7
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

क्षीरं दधि घृतं चैव मधु शर्करया युतम्। पञ्चामृतं गृहाण त्वं स्नानाय कमलालये॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

चांदी के सिक्के व प्रतिमा को पंचामृत से, तत्पश्चात इत्र युक्त गंगाजल से स्नान कराएं।

📖 भावार्थ: दिव्य पंचामृत व तीर्थ जल से मंगलकारी स्नान समर्पित है।

8 ८. वस्त्रम् व आभूषणम् (Vastram & Shringar)

उपचार #8
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

रक्तवस्त्रयुगं देवि नानालङ्कारशोभितम्। मया दत्तं गृहाण त्वं विष्णुपत्नि नमोऽस्तु ते॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

लाल रेशमी चुनरी, वस्त्र व चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि संपूर्ण सुहाग सामग्री चढ़ाएं।

📖 भावार्थ: विष्णुपत्नी माँ लक्ष्मी को सुंदर रक्त वस्त्र व दिव्य आभूषण अर्पित हैं।

9 ९. गन्धम्, कुंकुम व अक्षत (Chandan & Kumkum)

उपचार #9
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

कुङ्कुमं कामदं दिव्यं कामिनीकामसम्भवम्। कुङ्कुमेनार्चिता देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

माता को लाल कुंकुम, अष्टगंध व हल्दी-मिश्रित पीले अक्षत अर्पित करें।

📖 भावार्थ: सौभाग्यवर्धक पावन कुंकुम व अक्षत माता के श्री चरणों में अर्पित है।

10 १०. कमल पुष्प व माला (Kamal & Pushpam)

उपचार #10
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

पद्मशङ्खगदाहस्ते पद्मवर्णानि सुप्रभे। कमलैः पूजिते देवि सर्वान् कामान् प्रयच्छ मे॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

गुलाबी या लाल कमल के फूल, कमल गट्टा व गुलाब की ताजी माला माता को पहनाएं।

📖 भावार्थ: माता लक्ष्मी का प्रिय कमल पुष्प उन्हें अत्यधिक प्रसन्न करता है, इसे समर्पित करते हैं।

11 ११. धूपम् व इत्र (Dhupam & Itra)

उपचार #11
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

दिव्यगन्धसमायुक्तं वनस्पतिरसोद्भवम्। आघ्रेयं सर्वदेवानां धूपोऽयं प्रतिगृह्यताम्॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

गुलाब या चंदन का इत्र रुई के फाहे से लगाएं और सुगंधित धूप जलाएं।

📖 भावार्थ: दिव्य इत्र व धूप माता के सत्कार में अर्पित है।

12 १२. महादीपम् (Deepam)

उपचार #12
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

अन्तर्ज्योतिर्बहिर्ज्योतिर्ज्योतिर्ज्योतिः परात्परः। दीपज्योतिर्महादेवि गृहाण मम मङ्गले॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

शुद्ध घी का बड़ा दीपक और तेल के दीपक प्रज्वलित कर चारों ओर प्रकाश फैलाएं।

📖 भावार्थ: दरिद्रता का अंधकार मिटाने वाली महादीप ज्योति माता को समर्पित है।

13 १३. नैवेद्यम् (Bhog - Kheer & Batashe)

उपचार #13
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

अन्नं चतुर्विधं स्वादु रसैः षड्भिः समन्वितम्। नैवेद्यं गृह्यतां देवि भक्तिर्मे ह्यचला भवेत्॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

चावल की खीर, बताशे, खील, मावे के लड्डू, अनार व सिंघाड़े का भोग लगाएं।

📖 भावार्थ: मधुर खीर व सात्विक व्यंजनों का भोग माता को समर्पित है।

14 १४. ताम्बूलम्, कुबेर पूजन व दक्षिणा (Tambulam)

उपचार #14
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

पूगीफलं महद्दिव्यं नागवल्लीदलैर्युतम्। स्वर्णरजतमुद्राढ्यं दक्षिणां च समर्पये॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

पान-सुपारी, कौड़ी, गोमती चक्र और तिजोरी/बहीखाता पूजन कर दक्षिणा रखें।

📖 भावार्थ: कुबेर देव व धन-वैभव की रक्षा हेतु दक्षिणा व ताम्बूल समर्पित है।

15 १५. महाआरती (Karpoor Aarti)

उपचार #15
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

कपूर और 5 बत्तियों वाले पंचदीप से माँ लक्ष्मी की सपरिवार भव्य आरती करें।

📖 भावार्थ: माता लक्ष्मी की पावन महाआरती कर सुख-समृद्धि की याचना करते हैं।

16 १६. प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि व क्षमा (Pushpanjali)

उपचार #16
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥ अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

हाथ में पुष्प लेकर महालक्ष्मी गायत्री मंत्र का पाठ कर पुष्पांजलि अर्पित करें और नतमस्तक होकर क्षमा मांगें।

📖 भावार्थ: हे जगत जननी विष्णुपत्नी! मेरी समस्त भूलों को क्षमा कर घर में सदा वास करें।
⚠️
Vedic Guidelines & Prohibitions

Important Rules, Dos & Don'ts (पूजन नियम व क्या न करें)

  • ✦ माता लक्ष्मी की पूजा कभी अकेले न करें; उनके साथ प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की स्थापना अनिवार्य है (अन्यथा धन बिना विवेक के विपत्ति बन सकता है)।
  • ✦ दीपावली पूजन में माँ लक्ष्मी को गणेश जी के दाहिनी ओर (Right side) स्थापित करना चाहिए।
  • ✦ माँ लक्ष्मी को श्वेत (सफेद) फूल न चढ़ाएं; उन्हें लाल, गुलाबी कमल और गुलाब अत्यंत प्रिय हैं।
  • ✦ पूजन के उपरांत घर में झाड़ू न लगाएं और किसी को भी उस रात्रि धन/उधार न दें।

🔔 संबंधित चालीसा एवं महाआरती संग्रह

पूजन की पूर्णता हेतु स्तुति पाठ व कर्पूर आरती अवश्य करें।