Govardhan Puja & Annakut Mahotsav Vidhi
🗓️ Auspicious Days / Tithi: Kartik Shukla Pratipada (Day after Diwali)
Significance & Spiritual Fruits (पूजा का महात्म्य व फल)
Commemorating Lord Krishna lifting Mount Govardhan, this nature-worshipping festival honors cows, earth, and crops with the lavish Annakut 56-bhog offering.
Puja Samagri Checklist (सामग्री चेकलिस्ट)
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Preliminary Rituals & Sankalpa (आरंभिक शुद्धि व संकल्प)
१. आसन शुद्धि:
घर के आंगन में स्वच्छ स्थान पर बैठें।
२. आचमन (मुख शुद्धि):
आचमन करें।
३. पवित्रीकरण (आत्म शुद्धि मंत्र):
पवित्र हों।
४. दीप प्रज्वलन व प्रणाम:
दीपक जलाएं।
५. संकल्प (Sankalpa):
गोवर्धन व गो-संवर्धन पूजन का संकल्प लें।
Vedic Procedure with Sanskrit Mantras
प्रत्येक उपचार को श्रद्धापूर्वक संपन्न करें और साथ में दिए गए वैदिक/पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें।
1 १. गोबर से गोवर्धन स्वरूप निर्माण
उपचार #1गोवर्धन धराधार गोकुलत्राणकारक। विष्णुबाहुकृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रदो भव॥
आंगन में गाय के गोबर से लेटे हुए गोवर्धन देव की आकृति बनाएं, नाभि के स्थान पर कटोरी या दीपक रखें।
2 २. दूध, जल व रोली से अभिषेक
उपचार #2ॐ गोवर्धनाय नमः।
नाभि स्थल पर दूध और गंगाजल अर्पित करें, रोली-अक्षत और खील-बताशे चढ़ाएं।
3 ३. अन्नकूट महाप्रसाद भोग (56 Bhog)
उपचार #3अन्नं ब्रह्म रसो विष्णुः भोक्ता देवो महेश्वरः।
अन्नकूट की मिश्रित सब्जी, कढ़ी-चावल, बाजरा, खीर और पूरियों का प्रचुर भोग लगाएं।
4 ४. गोवर्धन परिक्रमा (Pradakshina)
उपचार #4श्री गोवर्धन महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो। तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े, और चढ़े दूध की धार॥
हाथ में जल का लोटा लेकर सपरिवार गोवर्धन देव की 7 बार परिक्रमा करें और आरती गाएं।
Important Rules, Dos & Don'ts (पूजन नियम व क्या न करें)
- ✦ गोवर्धन की आकृति केवल गाय के गोबर से ही बनाई जानी चाहिए (भैंस के गोबर से नहीं)।
- ✦ परिक्रमा करते समय लोटे से जल की अखंड धार छोड़ते हुए परिक्रमा की जाती है।
- ✦ इस दिन गायों को स्नान कराकर रोली-चंदन का तिलक करें और उन्हें गुड़ व हरी घास खिलाएं।
🔔 संबंधित चालीसा एवं महाआरती संग्रह
पूजन की पूर्णता हेतु स्तुति पाठ व कर्पूर आरती अवश्य करें।