Ekadashi Vrat & Lord Vishnu Puja Vidhi
🗓️ Auspicious Days / Tithi: Every Shukla & Krishna Ekadashi (24 in a year)
Significance & Spiritual Fruits (पूजा का महात्म्य व फल)
Known as the king of all vows, Ekadashi cleanses sins, bestows self-discipline and peace, and guides the soul toward Vaikuntha (Lord Vishnu's eternal abode).
Puja Samagri Checklist (सामग्री चेकलिस्ट)
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Preliminary Rituals & Sankalpa (आरंभिक शुद्धि व संकल्प)
१. आसन शुद्धि:
दशमी की रात्रि से ही संयम रखें और एकादशी को प्रातः स्नान करें।
२. आचमन (मुख शुद्धि):
आचमन करें।
३. पवित्रीकरण (आत्म शुद्धि मंत्र):
पवित्र हों।
४. दीप प्रज्वलन व प्रणाम:
दीपक जलाएं।
५. संकल्प (Sankalpa):
एकादशी व्रत व रात्रि जागरण का संकल्प लें।
Vedic Procedure with Sanskrit Mantras
प्रत्येक उपचार को श्रद्धापूर्वक संपन्न करें और साथ में दिए गए वैदिक/पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें।
1 १. ध्यानम् व आवाहनम्
उपचार #1ॐ नमो नारायणाय। ध्यायेत् सत्यं परं ब्रह्म सर्वव्यापिनमीश्वरम्॥
हाथ में पीले पुष्प लेकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और चौकी पर आवाहन करें।
2 २. पंचामृत स्नान व पीतांबर अर्पण
उपचार #2पञ्चामृतं मयानीतं स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्।
पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराकर पीतांबर वस्त्र और जनेऊ अर्पित करें।
3 ३. तुलसी दल व पीले पुष्प समर्पण
उपचार #3तुलसी विष्णुप्रेयसी नमो नमः।
भगवान के मस्तक और वक्षस्थल पर तुलसी दल और पीले गेंदे के फूल चढ़ाएं।
4 ४. एकादशी महात्म्य कथा व आरती
उपचार #4ॐ जय जगदीश हरे।
उस विशिष्ट एकादशी की प्रामाणिक व्रत कथा पढ़ें और परिवार सहित आरती करें।
Important Rules, Dos & Don'ts (पूजन नियम व क्या न करें)
- ✦ एकादशी के दिन चावल (Rice) का सेवन महापाप माना गया है; किसी भी रूप में चावल न खाएं।
- ✦ एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते; आवश्यक तुलसी दल दशमी के दिन ही तोड़कर रख लें।
- ✦ द्वादशी के दिन सूर्योदय के बाद और हरिवासर समाप्त होने पर ही शुभ मुहूर्त में पारण करें।
🔔 संबंधित चालीसा एवं महाआरती संग्रह
पूजन की पूर्णता हेतु स्तुति पाठ व कर्पूर आरती अवश्य करें।