जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब सुख की दाता॥ जय शीतला माता॥
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब सुख की दाता॥
गर्दभ वाहन सोहे, कर में झाड़ू भारी। कलश लिए अमृत का, शीतलता संसारी॥
चेचक दाह ज्वर आदि, सब व्याधि नशावे। शीतल जल जो छिड़के, शांत सब हो जावे॥
नीम की डाली साजे, मस्तक मुकुट ललाट। दया दृष्टि से देखत, खुलत भाग्य कपाट॥
बासी भोजन का भोग, भक्तन चाव चढ़ावे। शीतलाष्टमी पर्व पर, मंगल गान सुहावे॥
संतान की रक्षा करती, मात-पिता सुखदाई। दरिद्रता भय दूर करे, मैया वरदायी॥
शीतला माता की आरती, जो नर-नारी गावे। आरोग्य सुख काया पावे, संकट नहिं आवे॥
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब सुख की दाता॥
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब सुख की दाता॥ जय शीतला माता॥