BHAKTI KI SHAKTI
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🏹 मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ⏰ रामनवमी, मंगलवार, रविवार, संध्या वंदना

श्री राम जी की आरती (श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन)

सत्य, धर्म, मर्यादा, संकट निवारण और प्रभु श्री राम की अनुकंपा के लिए।

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॥ मुख्य टेक / मुखड़ा ॥

श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं। नवकंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं॥

॥ संपूर्ण आरती कड़ियां ॥
1

कंदर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुंदरं। पटपीत मानहुं तड़ित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरं॥

2

भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनं। रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नंदनं॥

3

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारु अंग विभूषणं। आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर दूषणं॥

4

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनं। मम हृदय कंज निवास कुरु कामादि खल दल गंजनं॥

5

मनु जाहिं राचेउ मिलहि सो बरु सहज सुंदर सांवरो। करुना निधान सुजान सीलु सनेहु जानत रावरो॥

6

एहि भांति गौरि असीस सुनि सिय सहित हियं हरषीं अली। तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि मुदित मन मंदिर चली॥

श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं। नवकंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं॥

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आरती करने की शास्त्रोक्त विधि

भगवान श्री राम, सीताजी और लक्ष्मणजी की प्रतिमा के आगे घी का दीपक जलाएं। चन्दन, तुलसीदल और पीले पुष्प अर्पित कर स्तुति रूपी आरती करें।

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आरती के चमत्कारी लाभ

संसार के सभी भयों और विपदाओं से मुक्ति मिलती है। मन में धर्म, धैर्य और सत्य आचरण का विकास होता है। पारिवारिक सद्भाव बढ़ता है।

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