ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजे, भक्तन कष्ट हरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥
शीश का दान दिया प्रभु, जग में नाम किया। मोरछड़ी लहराई, अमृत रस बरसाया॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...॥
हारे का तुम हो सहारा, लखदातार कहाए। जो ध्यावे मन लाई, सो मनवांछित पाए॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...॥
श्याम प्रभु की आरती, प्रेम सहित जो गावे। सब संकट मिट जावे, श्याम कृपा पावे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजे, भक्तन कष्ट हरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥