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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 देवाधिदेव महादेव शिव

शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं

शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शंकराचार्य स्तोत्ररत्न में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।

रचयिता आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य
स्रोत / ग्रन्थ शंकराचार्य स्तोत्ररत्न
शुभ दिन / तिथि सोमवार, प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि
जप माला रुद्राक्ष माला - 1, 3 अथवा 11 पाठ
श्लोक संख्या 1 ॥ श्री ॥
पामरेतरप्रधानबन्धवे नमः शिवाय ।। 1 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 2 ॥ श्री ॥
कालभीतविप्रबालपाल ते नमः शिवाय शूलभिन्नदुष्टदक्षफाल ते नमः शिवाय । मूलकारणाय कालकाल ते नमः शिवाय पालयाधुना दयालवाल ते नमः शिवाय ।। 2 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 3 ॥ श्री ॥
इष्टवस्तुमुख्यदानहेतवे नमः शिवाय दुष्टदैत्यवंशधूमकेतवे नमः शिवाय । सृष्टिरक्षणाय धर्मसेतवे नमः शिवाय अष्टमूर्तये वृषेन्द्रकेतवे नमः शिवाय ।। 3 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4 ॥ श्री ॥
आपदद्रिभेदटङ्कहस्त ते नमः शिवाय पापहारिदिव्यसिन्धुमस्त ते नमः शिवाय । पापदारिणे लसन्नमस्तते नमः शिवाय शापदोषखण्डनप्रशस्त ते नमः शिवाय ।। 4 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5 ॥ श्री ॥
व्योमकेश दिव्यभव्यरूप ते नमः शिवाय हेममेदिनीधरेन्द्रचाप ते नमः शिवाय । नाममात्रदग्धसर्वपाप ते नमः शिवाय कामनैकतानहृद्दुराप ते नमः शिवाय ।। 5 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6 ॥ श्री ॥
ब्रह्ममस्तकावलीनिबद्ध ते नमः शिवाय जिह्मगेन्द्रकुण्डलप्रसिद्ध ते नमः शिवाय । ब्रह्मणे प्रणीतवेदपद्धते नमः शिवाय जिंहकालदेहदत्तपद्धते नमः शिवाय ।। 6 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7 ॥ श्री ॥
कामनाशनाय शुद्धकर्मणे नमः शिवाय सामगानजायमानशर्मणे नमः शिवाय । हेमकान्तिचाकचक्यवर्मणे नमः शिवाय सामजासुराङ्गलब्धचर्मणे नमः शिवाय ।। 7 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8 ॥ श्री ॥
जन्ममृत्युघोरदुःखहारिणे नमः शिवाय चिन्मयैकरूपदेहधारिणे नमः शिवाय । मन्मनोरथावपूर्तिकारिणे नमः शिवाय सन्मनोगताय कामवैरिणे नमः शिवाय ।। 8 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 9 ॥ श्री ॥
यक्षराजबन्धवे दयालवे नमः शिवाय दक्षपाणिशोभिकाञ्चनालवे नमः शिवाय । पक्षिराजवाहहृच्छयालवे नमः शिवाय अक्षिफाल वेदपूततालवे नमः शिवाय ।। 9 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 10 ॥ श्री ॥
दक्षहस्तनिष्ठजातवेदसे नमः शिवाय अक्षरात्मने नमद्बिडौजसे नमः शिवाय । दीक्षितप्रकाशितात्मतेजसे नमः शिवाय उक्षराजवाह ते सतां गते नमः शिवाय ।। 10 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 11 ॥ श्री ॥
राजताचलेन्द्रसानुवासिने नमः शिवाय राजमाननित्यमन्दहासिने नमः शिवाय । राजकोरकावतंस भासिने नमः शिवाय राजराजमित्रताप्रकाशिने नमः शिवाय ।। 11 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 12 ॥ श्री ॥
दीनमानवालिकामधेनवे नमः शिवाय सूनबाणदाहकृत्कृशानवे नमः शिवाय । स्वानुरागभक्तरत्नसानवे नमः शिवाय दानवान्धकारचण्डभानवे नमः शिवाय ।। 12 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 13 ॥ श्री ॥
सर्वमङ्गलाकुचाग्रशायिने नमः शिवाय सर्वदेवतागणातिशायिने नमः शिवाय । पूर्वदेवनाशसंविधायिने नमः शिवाय सर्वमन्मनोजभङ्गदायिने नमः शिवाय ।। 13 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 14 ॥ श्री ॥
स्तोकभक्तितोऽपि भक्तपोषिणे नमः शिवाय माकरन्दसारवर्षिभाषिणे नमः शिवाय । एकबिल्वदानतोऽपि तोषिणे नमः शिवाय नैकजन्मपापजालशोषिणे नमः शिवाय ।। 14 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15 ॥ श्री ॥
सर्वजीवरक्षणैकशीलिने नमः शिवाय पार्वतीप्रियाय भक्तपालिने नमः शिवाय । दुर्विदग्धदैत्यसैन्यदारिणे नमः शिवाय शर्वरीशधारिणे कपालिने नमः शिवाय ।। 15 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16 ॥ श्री ॥
पाहि मामुमामनोज्ञदेह ते नमः शिवाय देहि मे वरं सिताद्रिगेह ते नमः शिवाय । मोहितर्षिकामिनीसमूह ते नमः शिवाय स्वेहितप्रसन्न कामदोह ते नमः शिवाय ।। 16 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17 ॥ श्री ॥
मङ्गलप्रदाय गोतुरङ्ग ते नमः शिवाय गङ्गया तरङ्गितोत्तमाङ्ग ते नमः शिवाय । सङ्गरप्रवृत्तवैरिभङ्ग ते नमः शिवाय अङ्गजारये करेकुरङ्ग ते नमः शिवाय ।। 17 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18 ॥ श्री ॥
ईहितक्षणप्रदानहेतवे नमः शिवाय आहिताग्निपालकोक्षकेतवे नमः शिवाय । देहकान्तिधूतरौप्यधातवे नमः शिवाय गेहदुःखपुञ्जधूमकेतवे नमः शिवाय ।। 18 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19 ॥ श्री ॥
त्र्यक्ष दीनसत्कृपाकटाक्ष ते नमः शिवाय दक्षसप्ततन्तुनाशदक्ष ते नमः शिवाय । ऋक्षराजभानुपावकाक्ष ते नमः शिवाय रक्ष मां प्रपन्नमात्ररक्ष ते नमः शिवाय ।। 19 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20 ॥ श्री ॥
न्यङ्कुपाणये शिवङ्कराय ते नमः शिवाय सङ्कटाब्धितीर्णकिङ्कराय ते नमः शिवाय । कङ्कभीषिताभयङ्कराय ते नमः शिवाय पङ्कजाननाय शङ्कराय ते नमः शिवाय ।। 20 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21 ॥ श्री ॥
कर्मपाशनाश नीलकण्ठ ते नमः शिवाय शर्मदाय वर्यभस्मकण्ठ ते नमः शिवाय । निर्ममर्षिसेवितोपकण्ठ ते नमः शिवाय कुर्महे नतीर्नमद्विकुण्ठ ते नमः शिवाय ।। 21 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 22 ॥ श्री ॥
विष्टपाधिपाय नम्रविष्णवे नमः शिवाय शिष्टविप्रहृद्गुहाचरिष्णवे नमः शिवाय । इष्टवस्तुनित्यतुष्टजिष्णवे नमः शिवाय कष्टनाशनाय लोकजिष्णवे नमः शिवाय ।। 22 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 22): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23 ॥ श्री ॥
अप्रमेयदिव्यसुप्रभाव ते नमः शिवाय सत्प्रपन्नरक्षणस्वभाव ते नमः शिवाय । स्वप्रकाश निस्तुलानुभाव ते नमः शिवाय विप्रडिम्भदर्शितार्द्रभाव ते नमः शिवाय ।। 23 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24 ॥ श्री ॥
सेवकाय मे मृड प्रसीद ते नमः शिवाय भावलभ्यतावकप्रसाद ते नमः शिवाय । पावकाक्ष देवपूज्यपाद ते नमः शिवाय तावकाङ्घ्रिभक्तदत्तमोद ते नमः शिवाय ।। 24 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25 ॥ श्री ॥
भुक्तिमुक्तिदिव्यभोगदायिने नमः शिवाय शक्तिकल्पितप्रपञ्चभागिने नमः शिवाय । भक्तसङ्कटापहारयोगिने नमः शिवाय युक्तसन्मनःसरोजयोगिने नमः शिवाय ।। 25 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 26 ॥ श्री ॥
अन्तकान्तकाय पापहारिणे नमः शिवाय शन्तमाय दन्तिचर्मधारिणे नमः शिवाय । सन्तताश्रितव्यथाविदारिणे नमः शिवाय जन्तुजातनित्यसौख्यकारिणे नमः शिवाय ।। 26 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 26): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 27 ॥ श्री ॥
शूलिने नमो नमः कपालिने नमः शिवाय पालिने विरिञ्चिमुण्डमालिने नमः शिवाय । लीलिने विशेषरुण्डमालिने नमः शिवाय शीलिने नमः प्रपुण्यशालिने नमः शिवाय ।। 27 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 27): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28 ॥ श्री ॥
शिवपञ्चाक्षरमुद्राचतुष्पदोल्लासपद्यमणिघटिताम् । नक्षत्रमालिकामिह दधदुपकण्ठं नरो भवेत्सोमः ।। 28 ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
समाप्ति ॥ श्री ॥
।। इति शिव पञ्चाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ।।
हिंदी भावार्थ: शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं (श्लोक समाप्ति): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
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संबंधित चालीसा, आरती, पूजन एवं पंचांग

इस स्तोत्र साधना के साथ संबंधित चालीसा, आरती, पूजन विधि व आज का शुभ मुहूर्त पंचांग भी अवश्य देखें:

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पाठ की दिव्य फलश्रुति व लाभ

  • ✓ देवाधिदेव महादेव शिव की अविरल कृपा, सुरक्षा और आत्मबल की प्राप्ति
  • ✓ अज्ञात भय, मानसिक तनाव, कलह और गृह दोषों का निवारण
  • ✓ कार्यक्षेत्र, व्यापार और विद्या में आने वाले विघ्नों पर विजय
  • ✓ नित्य पाठ से सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और सौभाग्य में वृद्धि
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स्तोत्र पाठ विधि एवं नियम

1
शुद्धि व स्नान
प्रातः काल स्नानोपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2
आसन व दीप
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
3
ध्यान व अर्पण
देवाधिदेव महादेव शिव का ध्यान कर पुष्प, चंदन, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें।
4
संकल्प व पाठ
हाथ में जल और अक्षत लेकर अपने मनोरथ का संकल्प करें और शांत मन से स्तोत्र का पाठ करें।
5
क्षमा प्रार्थना व समर्पण
पाठ उपरांत अज्ञानतावश हुई त्रुटियों के लिए क्षमा मांगें और आरती करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं का पाठ कब करना चाहिए? ▼

प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त अथवा संध्या काल में शुद्ध होकर सोमवार, प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि पर पाठ करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है।

इस स्तोत्र के मुख्य लाभ क्या हैं? ▼

यह पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आत्मबल, शांति, सुरक्षा और अभीष्ट फल प्रदान करता है।