श्लोक संख्या 1
॥ श्री ॥
वन्दे मातरमव्यक्तां व्यक्तां च जननीं पराम् ।
दीनोहं बालक: कांक्षे सेवां जन्मनि जन्मनि ।। 1 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 2
॥ श्री ॥
सागरालिंगिता लक्ष्मीं जगज्जनककन्यकाम् ।
स्थितां हिमनगस्यांके पार्वतीमपरां भजे ।। 2 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 3
॥ श्री ॥
शुभ्रं धर्मध्वजं मातु: किं वा राशीकृतं यश: ।
रौप्यं वा मुकुटं दिव्यं वन्देऽहं तं हिमालयम् ।। 3 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4
॥ श्री ॥
जाह्नवीयमुनासिन्धुब्रह्मपुत्रशतद्रुभि: ।
भूदेवीं पंचधाराभि सततं साभिषिचंति ।। 4 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5
॥ श्री ॥
नगाधिपं धारयंती मस्तके रत्नमद्वयम् ।
काश्मीरं च ललाटे भ्रूमध्ये नेपालिकां शुभाम् ।। 5 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6
॥ श्री ॥
नर्मदातापतीविंध्यसप्तपीठकमेखलाम् ।
पूर्वापराचलोरूँ च मलयं पादपीठके ।
मध्यदेशोदरे गुप्तानक्षयान् धनसंचयान् ।। 6 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7
॥ श्री ॥
असुराणां पुरी लंका दासी यंच्चरणयो: कृता ।
तां देवी भारतीं वन्दे मातरं विश्वपूजिताम् ।। 7 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8
॥ श्री ॥
दृष्टा चैवोपनिषदां गीतशास्त्रप्रवर्तक: ।
षड्दर्शनप्रवक्ता च भगवान्पाणिनिर्मुनि: ।। 8 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 9
॥ श्री ॥
वाल्मीकिश्र्च तथा व्यास: कालिदासो महाकवि: ।
आर्यभट्टश्र्च भरत: शंकरोऽद्वैतकेसरी ।। 9 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 10
॥ श्री ॥
भीष्मरामार्जुना वीरा नृपौ रामयुधिष्ठिरौ ।
सावित्री द्रोपदी सीता दमयंती च तारका ।। 10 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 11
॥ श्री ॥
महाधान्यद्वितीयानि रत्नान्येतानि भूतले ।
जननी भारती तेषां रत्नगर्भा कथं न सा ।। 11 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 12
॥ श्री ॥
वसुंधरा रत्नगर्भा रसा विश्र्वंभरा क्षमा ।
सर्वसहा स्थिरा चैव भारती भूसुकन्यका ।। 12 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 13
॥ श्री ॥
रत्नाकर: स्वयं भक्त्या मुक्तो पायनपूर्वकम् ।
चरणान्क्षालयत्यस्या अंतद्रश्र्च दिवानिशम् ।। 13 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 14
॥ श्री ॥
कैलासद्वारकाधीशौ रामेश्वरपुरीश्र्वरौ ।
द्वारपाला वभूबुश्र्च सौभाग्यं मातुरद्भुतम् ।। 14 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15
॥ श्री ॥
पोषयन्ति सदा मातु: पर्वतस्तनमण्डलात् ।
नि:सृहाश्र्च पयोधारा: संततीनां परंपरा ।। 15 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16
॥ श्री ॥
पुत्रवत्सलता मातुरगाथा हरिणा स्वयम् ।
अवतीर्योदरे सोढं गर्भदुखं पुन: पुन: ।। 16 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17
॥ श्री ॥
मरणे जन्मकाले च मुमूर्षुर्नवबालक: ।
त्वदंके चैव संशेते अहो वत्सलता तव ।। 17 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18
॥ श्री ॥
पद्मालया त्वमेवासि त्वमेव च सरस्वती ।
अन्नपूर्णा त्वमेवासि त्वमेव च शिवा सती ।। 18 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19
॥ श्री ॥
त्वदृक्षा: कल्पवृक्षाश्र्च चिंतामणिशिला: शिला: ।
त्वद्वनं नन्दनं साक्षात्साक्षात्वं स्वर्गदेवता ।। 19 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20
॥ श्री ॥
प्रतिजन्मनि मे चित्तं वित्तं देहश्र्च संतति: ।
त्वत्सेवानिरता भूयुर्माता त्वं करुणामयी ।। 20 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21
॥ श्री ॥
न मे वांछाऽस्ति यशसि विद्वत्तवे न च वा सुखे ।
प्रभुत्वं नैव वा स्वर्गे मोक्षेत्यानंददायके ।। 21 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 22
॥ श्री ॥
परं च भारते जनम मानवस्य च वा पशो: ।
विहंगस्य च वा जन्तोर्व्रक्षपाषाणयोरपि ।। 22 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 22): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23
॥ श्री ॥
निरंतरं भवतु मे मातृ सेवांशभाग्यभाक् ।
एषैव वांछा ह्रदये साक्षी सर्वात्मक: प्रभु: ।। 23 ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
समाप्ति
॥ श्री ॥
।। इति भारत भूमातृ स्तोत्र संपूर्णम् ।।
हिंदी भावार्थ:
भारत भूमात्र स्तोत्र (श्लोक समाप्ति): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
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