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🌅 छठी मइया व भगवान सूर्य ✨ पर्व व त्योहार 📖 3 षोडशोपचार क्रम

छठ पूजा एवं सूर्य षष्ठी अर्घ्य विधि

🗓️ शुभ दिन व मुहूर्त: कार्तिक शुक्ल षष्ठी (4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य)

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Puranic Significance · धार्मिक व आध्यात्मिक महात्म्य

पूजन का महत्व एवं चमत्कारी फल

छठ पूजा सनातन संस्कृति का सबसे कठोर, पवित्र और प्रकृति-समर्पित लोक महापर्व है। यह प्रत्यक्ष देव भगवान सूर्य और षष्ठी देवी (छठी मइया) को समर्पित है। 36 घंटे के निर्जला उपवास के साथ बहते जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी (डूबते) और उदीयमान (उगते) सूर्य को अर्घ्य देने से संतान की दीर्घायु, नेत्र ज्योति, चर्म रोगों से मुक्ति और कुल की कीर्ति बढ़ती है।

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Interactive Puja Thali Checklist

सम्पूर्ण पूजन सामग्री सूची (चेकलिस्ट)

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💡 सुझाव: थाली में सामग्री सजाते समय प्रत्येक वस्तु के आगे टिक (✓) लगाएं ताकि कोई सामग्री छूटे नहीं।

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Preliminary Purification & Vow

आरंभिक शुद्धि, दीप प्रज्वलन एवं संकल्प

१. आसन शुद्धि:

दिन 1: नहाय-खाय (कद्दू-भात का सात्विक भोजन)।

२. आचमन (मुख शुद्धि):

दिन 2: खरना (गुड़ की खीर और रोटी का एकांत प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू)।

३. पवित्रीकरण (आत्म शुद्धि मंत्र):

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥

दिन 3: संझिया अरघ (शाम को नदी तट पर)।

४. दीप प्रज्वलन व प्रणाम:

शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥

दिन 4: भोर का अरघ (सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पारण)।

५. संकल्प (Sankalpa):

संतान व कुल की रक्षा का संकल्प लें।

॥ वैदिक षोडशोपचार पूजन क्रम (१ से १६) ॥

मंत्र, विधि एवं भावार्थ सहित संपूर्ण पूजन विधान

प्रत्येक उपचार को श्रद्धापूर्वक संपन्न करें और साथ में दिए गए वैदिक/पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें।

1 १. सूप सजाना व सिंदूर लगाना

उपचार #1
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ षष्ठी देव्यै नमः।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

बांस के सूप में ठेकुआ, मौसमी फल, गन्ना, अदरक, नारियल सजाकर पीला सिंदूर लगाएं।

📖 भावार्थ: प्रकृति के ताजे फलों से छठी मइया का सूप सजाते हैं।

2 २. सायंकालीन संध्या अर्घ्य (Sandhya Arghya)

उपचार #2
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

नदी या तालाब के पवित्र जल में खड़े होकर डूबते हुए भगवान सूर्य को दूध व गंगाजल से अर्घ्य दें।

📖 भावार्थ: अस्ताचलगामी सूर्य को कृतज्ञतापूर्वक नमन करते हैं।

3 ३. प्रातःकालीन उषा अर्घ्य व पारण (Usha Arghya)

उपचार #3
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ घृणि सूर्याय नमः।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

सप्तमी के प्रभात में उगते हुए सूर्य की प्रथम किरण को अर्घ्य देकर प्रणाम करें और ठेकुआ प्रसाद खाकर व्रत खोलें।

📖 भावार्थ: उदीयमान भगवान सूर्य से आरोग्य और जीवन शक्ति का आशीर्वाद पाते हैं।
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Vedic Guidelines & Prohibitions

महत्वपूर्ण पूजन नियम, सावधानियां व वर्जित कार्य

  • ✦ छठ पूजा में स्वच्छता और शुद्धता सर्वोपरि है; प्रसाद बनाने वाले स्थान पर चमड़े की वस्तुएं या अशुद्ध वस्त्र वर्जित हैं।
  • ✦ प्रसाद के ठेकुआ को सदैव नए चूल्हे पर शुद्ध घी और गुड़ में ही बनाया जाता है।
  • ✦ व्रती महिलाएं नाक से मांग तक लंबा नारंगी सिंदूर लगाती हैं, जो सुहाग और निष्ठा का प्रतीक है।

🔔 संबंधित चालीसा एवं महाआरती संग्रह

पूजन की पूर्णता हेतु स्तुति पाठ व कर्पूर आरती अवश्य करें।