संपूर्ण स्वप्न शास्त्र व स्वप्न-फल महाकोश 333+ सपनों का शास्त्रीय अर्थ, शुभ-अशुभ संकेत व शांति उपाय
क्या आपने सपने में साँप, बहता जल, मृत परिजन, मंदिर, विवाह अथवा उड़ना देखा? जानें प्राचीन सनातन ग्रंथों के अनुसार अपने स्वप्न का शास्त्रीय फल, प्रहर अनुसार फल अवधि और अनिष्ट स्वप्नों के निवारण उपाय।
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स्वप्न समय चक्र: किस प्रहर के सपने का फल कब मिलता है?
अग्नि पुराण एवं स्वप्न शास्त्र के अनुसार रात्रि के चार प्रहरों का शास्त्रीय फल चक्र।
संध्या काल व प्रथम प्रहर का सपना 1 वर्ष के भीतर फलित होता है।
मध्य रात्रि पूर्व देखा गया स्वप्न प्रायः 8 से 9 महीने में परिणाम देता है।
गहरी निद्रा का यह स्वप्न शक्तिशाली होता है और 3 महीने में फलित होता है।
अति शीघ्र फलदायक। 10 दिन से 1 माह के भीतर प्रत्यक्ष परिणाम दिखाई देता है।
अशुभ व डरावने सपनों के निवारण के शास्त्रीय उपाय
शिव पुराण, गरुड़ पुराण एवं मार्कंडेय पुराण अनुसार अनिष्ट स्वप्न शांति विधान।
प्रातः उठकर 11 बार महामृत्युंजय मंत्र अथवा ॐ नमः शिवाय का जप करें व शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
डरावने या सर्प/शत्रु भय वाले स्वप्न आने पर हनुमान चालीसा का पाठ करें, अनिष्ट तुरंत दूर होता है।
अशुभ स्वप्न किसी को न बताएं, केवल तुलसी माता के सम्मुख कहें। शुभ सपने किसी से साझा न करें।
❓ स्वप्न शास्त्र से जुड़े सामान्य प्रश्न
वैदिक ज्योतिष अनुसार सपने क्यों आते हैं? ▼
शास्त्रों के अनुसार चंद्रमा मन का और राहु माया व स्वप्न का कारक है। जब आत्मा जागृत अवस्था से स्वप्नावस्था में जाती है, तो अवचेतन मन व ग्रह-गोचर मिलकर भविष्य के पूर्वाभास को प्रतीकों के रूप में दर्शाते हैं।
सपने में मृत्यु या अर्थी देखना शुभ होता है या अशुभ? ▼
स्वप्न शास्त्र में मृत्यु देखना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे जिस व्यक्ति को देखा गया है उसकी आयु में वृद्धि होती है, अटके काम बनते हैं और कष्टों का अंत होता है।
शुभ सपना आने पर क्या करना चाहिए? ▼
शुभ स्वप्न आने पर पुनः नहीं सोना चाहिए। उठकर अपने इष्ट देव को प्रणाम करें और वह सपना किसी को न बताएं ताकि उसकी शुभ ऊर्जा क्षीण न हो।