Bhakti Ki Shakti Vedic Lotus Logo
BHAKTI KI SHAKTI
🕉️ भगवान मारुति हनुमान / रुद्र अथर्ववेद खिल / सुदर्शन संहिता ऋषि: रामदास / अगस्त्य छंद: त्रिष्टुप् / अनुष्टुप्

हनुमान सूक्तं

Hanuman Suktam

भूत-पिशाच, ग्रह-बाधा, दुर्घटना और संकटों से रक्षा करने वाला परम तेजस्वी हनुमान सूक्त।

फॉन्ट आकार:
॥ वेदोक्त मूल ऋचाएं ॥

हनुमान सूक्तं मूल पाठ व भावार्थ

ऋचा १ वेदमंत्र
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥ १ ॥
सरल भावार्थ: मन के समान तीव्र गति वाले, वायु के समान वेगवान, इंद्रियों को जीतने वाले, बुद्धिमानों में अग्रगण्य, पवनपुत्र, वानर सेना के प्रमुख और भगवान श्रीराम के अनन्य दूत श्री हनुमान की मैं शरण लेता हूँ।
English Translation: hanuman-suktam sacred verse
ऋचा २ वेदमंत्र
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् । सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ॥ २ ॥
सरल भावार्थ: अतुलनीय बल के धाम, सुवर्ण पर्वत (सुमेरु) के समान कांतिमय देह वाले, असुर रूपी वन के लिए दावानल, ज्ञानियों में सर्वश्रेष्ठ, समस्त गुणों के सागर और श्रीराम के परम प्रिय पवनपुत्र हनुमान जी को मेरा प्रणाम।
English Translation: hanuman-suktam sacred verse
ऋचा ३ वेदमंत्र
उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं यः शोकवह्निं जनकात्मजायाः । आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम् ॥ ३ ॥
सरल भावार्थ: जिन्होंने लीलापूर्वक समुद्र को पार कर माता सीता के शोक रूपी संताप को दूर किया और उसी अग्नि से लंका को भस्म कर दिया, उन अंजनीपुत्र श्री हनुमान को मैं हाथ जोड़कर नमन करता हूँ।
English Translation: hanuman-suktam sacred verse
॥ विधि एवं नियम ॥

पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम

⏱️
सर्वोत्तम शुभ समय: मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती

🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:

  1. हनुमान जी को सिन्दूर, चमेली का तेल और लाल लंगोट अर्पित करें।
  2. हनुमान सूक्त का 7 बार पाठ करें।

✨ दिव्य फलश्रुति एवं लाभ:

  • ✔ शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और मंगल दोष का निवारण होता है।
  • ✔ शारीरिक बल, साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनुमान सूक्तं का पाठ करने का सबसे शुभ समय क्या है?
हनुमान सूक्तं का पाठ सामान्यतः मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती के समय सर्वाधिक फलदायी माना गया है। शुद्ध होकर शांत मन से पाठ करें।
हनुमान सूक्तं का मूल वेद स्रोत क्या है?
हनुमान सूक्तं का पावन स्रोत अथर्ववेद खिल / सुदर्शन संहिता है। इसके ऋषि रामदास / अगस्त्य तथा छंद त्रिष्टुप् / अनुष्टुप् है।
हनुमान सूक्तं का पाठ करने से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
इसके श्रद्धापूर्वक पाठ से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और मंगल दोष का निवारण होता है। तथा शारीरिक बल, साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। होती है।

संबंधित अन्य वैदिक स्तोत्र, स्तुतियां व दैनिक पंचांग