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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 भगवान श्री राम

श्री राम स्तुति

भगवान श्री राम की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री राम स्तुति।

रचयिता गोस्वामी तुलसीदास
स्रोत / ग्रन्थ विनय पत्रिका
॥ श्लोक 1 ॥
श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम्। नवकञ्जलोचन, कञ्जमुख, करकञ्ज, पद कञ्जारुणम्॥
हिंदी भावार्थ:

कृपालु प्रभु श्री रामचंद्र का भजन कर जो भव के दारुण भय को हरने वाले हैं, जिनके नेत्र, मुख, हाथ व चरण कमल के समान सुंदर हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: Worship compassionate Sri Ramachandra who removes the fears of existence, lotus-eyed, lotus-faced, and lotus-footed.
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पाठ विधि एवं नियम

  • ✦ प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध श्वेत या पीले वस्त्र धारण करें।
  • ✦ पूजा स्थान में भगवान श्री राम की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • ✦ रोली, अक्षत, सुगंधित पुष्प व नैवेद्य अर्पित कर आचमन करें।
  • ✦ एकाग्र चित्त होकर श्री राम स्तुति का श्रद्धापूर्वक पाठ करें व अंत में आरती करें।
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चमत्कारी फलश्रुति व लाभ

संसार के समस्त क्लेशों से मुक्ति और प्रभु श्री राम का परम सान्निध्य।

🗓️ शुभ मुहूर्त व वार: प्रातः काल, प्रदोष काल व संबंधित देवता का पावन वार