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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 दस महाविद्या

महाविद्या स्तुति

दस महाविद्या की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक महाविद्या स्तुति।

रचयिता भगवान शिव
स्रोत / ग्रन्थ मुंडमाला तंत्र
॥ श्लोक 1 ॥
काली तारा महाविद्या षोडशी भुवनेश्वरी। भैरवी छिन्नमस्ता च विद्या धूमावती तथा॥ बगला सिद्धविद्या च मातङ्गी कमलात्मिका। एता दश महाविद्याः सिद्धविद्याः प्रकीर्तिताः॥
हिंदी भावार्थ:

काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला—ये दस महाविद्याएं समस्त सिद्धियों की प्रदायिनी हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: Kali, Tara, Shodashi, Bhuvaneshwari, Bhairavi, Chhinnamasta, Dhumavati, Bagalamukhi, Matangi and Kamala are the ten supreme forms of wisdom.
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पाठ विधि एवं नियम

  • ✦ प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध श्वेत या पीले वस्त्र धारण करें।
  • ✦ पूजा स्थान में दस महाविद्या की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • ✦ रोली, अक्षत, सुगंधित पुष्प व नैवेद्य अर्पित कर आचमन करें।
  • ✦ एकाग्र चित्त होकर महाविद्या स्तुति का श्रद्धापूर्वक पाठ करें व अंत में आरती करें।
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चमत्कारी फलश्रुति व लाभ

दसों महाविद्याओं की सामूहिक कृपा, आत्मज्ञान, समस्त तंत्र-बाधा मुक्ति और अष्ट सिद्धियों का मार्ग प्रशस्त होना।

🗓️ शुभ मुहूर्त व वार: प्रातः काल, प्रदोष काल व संबंधित देवता का पावन वार