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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 माँ कामेश्वरी

कामेश्वरी देवी स्तुति

माँ कामेश्वरी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक कामेश्वरी देवी स्तुति।

रचयिता ऋषि वशिष्ठ
स्रोत / ग्रन्थ कालिका पुराण
॥ श्लोक 1 ॥
कामेश्वरीं कामबीजप्रदात्रीं कामप्रदां कामकलास्वरूपाम्। कामेश्वराङ्कस्थितां त्रिनेत्रां वन्दे परां शक्तिमनन्तवीर्याम्॥
हिंदी भावार्थ:

कामबीज प्रदान करने वाली, समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली, कामकला स्वरूपा, भगवान कामेश्वर की अंकशायिनी और त्रिनेत्री अनन्त शक्ति स्वरूपा कामेश्वरी देवी को मैं प्रणाम करता हूँ।

अंग्रेजी अनुवाद: I revere Goddess Kameshwari, the granter of all desires and creative essence, seated on Lord Shiva's lap, endowed with infinite divine power.
॥ श्लोक 2 ॥
माणिक्यकुण्डलां दिव्यां रक्तवस्त्रविभूषिताम्। पाशाङ्कुशधरां सौम्यां नमामि जगदम्बिकाम्॥
हिंदी भावार्थ:

माणिक्य के कुंडलों से सुशोभित, दिव्य लाल वस्त्र धारण करने वाली, पाश और अंकुश धारण करने वाली सौम्य जगदम्बा कामेश्वरी को मेरा नमन।

अंग्रेजी अनुवाद: Adorned with ruby earrings and red silk, holding the sacred noose and goad; I bow to the gentle Mother of the universe.
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पाठ विधि एवं नियम

  • ✦ प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध श्वेत या पीले वस्त्र धारण करें।
  • ✦ पूजा स्थान में माँ कामेश्वरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • ✦ रोली, अक्षत, सुगंधित पुष्प व नैवेद्य अर्पित कर आचमन करें।
  • ✦ एकाग्र चित्त होकर कामेश्वरी देवी स्तुति का श्रद्धापूर्वक पाठ करें व अंत में आरती करें।
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चमत्कारी फलश्रुति व लाभ

प्रेम, आकर्षण, सुखी दांपत्य, आकर्षण शक्ति और समस्त अभीष्ट मनोरथों की त्वरित सिद्धि होती है।

🗓️ शुभ मुहूर्त व वार: प्रातः काल, प्रदोष काल व संबंधित देवता का पावन वार