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🌿 माता तुलसी व भगवान शालिग्राम ✨ पर्व व त्योहार 📖 4 षोडशोपचार क्रम

तुलसी विवाह व शालिग्राम पूजन विधि

🗓️ शुभ दिन व मुहूर्त: कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी / प्रबोधिनी एकादशी) व द्वादशी

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Puranic Significance · धार्मिक व आध्यात्मिक महात्म्य

पूजन का महत्व एवं चमत्कारी फल

देवउठनी एकादशी पर जब भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से जागते हैं, तब उनका विवाह वृंदा स्वरूप तुलसी जी से कराया जाता है। तुलसी विवाह का अनुष्ठान करने से कन्यादान के समान महापुण्य प्राप्त होता है। जिन कन्याओं के विवाह में बाधा या विलंब हो रहा हो, उन्हें तुलसी विवाह कराने से शीघ्र सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है और दांपत्य जीवन सुखी होता है।

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Interactive Puja Thali Checklist

सम्पूर्ण पूजन सामग्री सूची (चेकलिस्ट)

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💡 सुझाव: थाली में सामग्री सजाते समय प्रत्येक वस्तु के आगे टिक (✓) लगाएं ताकि कोई सामग्री छूटे नहीं।

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Preliminary Purification & Vow

आरंभिक शुद्धि, दीप प्रज्वलन एवं संकल्प

१. आसन शुद्धि:

तुलसी के गमले के चारों ओर गन्ने का मंडप बनाएं।

२. आचमन (मुख शुद्धि):

आचमन करें।

३. पवित्रीकरण (आत्म शुद्धि मंत्र):

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥

पवित्र हों।

४. दीप प्रज्वलन व प्रणाम:

शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥

दीपक जलाएं।

५. संकल्प (Sankalpa):

कन्यादान तुल्य पुण्य हेतु तुलसी विवाह का संकल्प लें।

॥ वैदिक षोडशोपचार पूजन क्रम (१ से १६) ॥

मंत्र, विधि एवं भावार्थ सहित संपूर्ण पूजन विधान

प्रत्येक उपचार को श्रद्धापूर्वक संपन्न करें और साथ में दिए गए वैदिक/पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें।

1 १. शालिग्राम जी व तुलसी जी को हल्दी लगाना

उपचार #1
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। ॐ तुलस्यै नमः।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

विवाह के रीति-रिवाजों के अनुसार शालिग्राम जी और तुलसी जी को हल्दी व उबटन लगाएं।

📖 भावार्थ: विवाह की मांगलिक हल्दी रस्म संपन्न करते हैं।

2 २. शृंगार व चुनरी अर्पण

उपचार #2
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

महाप्रसादजननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी। आधि Cash हन्त्री तुलसि त्वां नमाम्यहम्॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

तुलसी जी को लाल चुनरी ओढ़ाएं, सिंदूर लगाएं व सुहाग सामग्री अर्पित करें। शालिग्राम जी को पीतांबर व जनेऊ पहनाएं।

📖 भावार्थ: वधु तुलसी और वर शालिग्राम का दिव्य शृंगार करते हैं।

3 ३. गठबंधन व मंगलाष्टक

उपचार #3
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षो मङ्गलायतनो हरिः॥

👉 विधि व क्रिया (What to do):

कलावा या पीले दुपट्टे से शालिग्राम जी और तुलसी जी का गठबंधन करें।

📖 भावार्थ: वर-वधु का पवित्र गठबंधन संपन्न करते हैं।

4 ४. सप्तपदी (7 परिक्रमा) व कन्यादान

उपचार #4
🕉️ पूजक मंत्र (Sanskrit Mantra):

ॐ यन्मङ्गलं भवतु मे सुरवृन्दवन्द्ये।

👉 विधि व क्रिया (What to do):

गमले और शालिग्राम जी को साथ लेकर 7 बार परिक्रमा कराएं और हाथ में जल-अक्षत लेकर तुलसी जी का कन्यादान करें।

📖 भावार्थ: सप्तपदी परिक्रमा व कन्यादान महापुण्य संपन्न होता है।
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Vedic Guidelines & Prohibitions

महत्वपूर्ण पूजन नियम, सावधानियां व वर्जित कार्य

  • ✦ तुलसी विवाह के दिन से ही हिंदू धर्म में समस्त मांगलिक कार्य (विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश) प्रारंभ होते हैं।
  • ✦ तुलसी के पौधे पर सिंदूर केवल विवाह के दिन या सुहागिन स्त्रियां ही अर्पित करती हैं।
  • ✦ शालिग्राम जी को सदैव तुलसी जी के दाहिनी ओर स्थापित किया जाता है।

🔔 संबंधित चालीसा एवं महाआरती संग्रह

पूजन की पूर्णता हेतु स्तुति पाठ व कर्पूर आरती अवश्य करें।