नवग्रह शांति व दोष निवारण पूजन विधि
🗓️ शुभ दिन व मुहूर्त: किसी भी शनिवार, रविवार, अमावस्या अथवा गृह प्रवेश व ग्रह गोचर दशा काल में
पूजन का महत्व एवं चमत्कारी फल
मानव जीवन पर नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु) की किरणों व ऊर्जा का सीधा प्रभाव पड़ता है। कुंडली में किसी भी ग्रह की नीच स्थिति, साढ़े साती, ढैय्या या महादशा के अनिष्ट प्रभाव को शांत करने हेतु नवग्रह मंडल का पूजन किया जाता है। नवग्रह शांति से जीवन में स्थिरता, आरोग्य, ऐश्वर्य और शांति की प्राप्ति होती है।
सम्पूर्ण पूजन सामग्री सूची (चेकलिस्ट)
💡 सुझाव: थाली में सामग्री सजाते समय प्रत्येक वस्तु के आगे टिक (✓) लगाएं ताकि कोई सामग्री छूटे नहीं।
आरंभिक शुद्धि, दीप प्रज्वलन एवं संकल्प
१. आसन शुद्धि:
पूर्व या उत्तर मुख होकर बैठें।
२. आचमन (मुख शुद्धि):
आचमन करें।
३. पवित्रीकरण (आत्म शुद्धि मंत्र):
पवित्र हों।
४. दीप प्रज्वलन व प्रणाम:
दीपक जलाएं।
५. संकल्प (Sankalpa):
समस्त नवग्रह शांति व अनिष्ट निवारण का संकल्प लें।
मंत्र, विधि एवं भावार्थ सहित संपूर्ण पूजन विधान
प्रत्येक उपचार को श्रद्धापूर्वक संपन्न करें और साथ में दिए गए वैदिक/पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें।
1 १. नवग्रह मंडल स्थापना
उपचार #1ब्रह्मामुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥
चौकी पर नवग्रह मंडल बनाकर 9 सुपारियों पर ग्रहों का आवाहन कर स्थापित करें (मध्य में सूर्य, पूर्व में शुक्र, दक्षिण में मंगल आदि)।
2 २. प्रत्येक ग्रह को गंध, अक्षत व पुष्प
उपचार #2ॐ सूर्यादि नवग्रहेभ्यो नमः।
सूर्य को लाल चंदन, चंद्र को सफेद चंदन, मंगल को सिंदूर, बुध को दूर्वा, गुरु को पीला चंदन, शुक्र को इत्र, शनि को काला तिल, राहु-केतु को धूप अर्पित करें।
3 ३. नवग्रह शांति मंत्र जाप व आहुति
उपचार #3ॐ नवग्रहाय नमः।
नवग्रह के बीज मंत्रों का जाप करते हुए नवग्रह समिधा और घी से हवन में आहुतियां दें।
4 ४. नवग्रह आरती व क्षमा प्रार्थना
उपचार #4ॐ जय नवग्रह देवा, स्वामी जय नवग्रह देवा।
नवग्रह आरती करें और ग्रहों से अनिष्ट दोष शांत कर शुभ फल देने की प्रार्थना करें।
महत्वपूर्ण पूजन नियम, सावधानियां व वर्जित कार्य
- ✦ नवग्रह पूजन से पूर्व भगवान गणेश का पूजन अनिवार्य है।
- ✦ शनि, राहु या केतु से पीड़ित व्यक्ति को काले तिल, उड़द और सरसों के तेल का दान करना चाहिए।
- ✦ पूजा के उपरांत जरूरतमंदों को भोजन या अन्न दान करने से ग्रह दोषों का शमन शीघ्र होता है।
🔔 संबंधित चालीसा एवं महाआरती संग्रह
पूजन की पूर्णता हेतु स्तुति पाठ व कर्पूर आरती अवश्य करें।