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BHAKTI KI SHAKTI
🛡️ भगवान भू-वराह वाराह पुराण ऋषि: ब्रह्मा छंद: अनुष्टुप्

वराह कवच

Varaha Kavach

भगवान भू-वराह का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। भूमि लाभ, अचल संपत्ति विवाद में विजय व पाताल भयों से मुक्ति।

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॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥

वराह कवच मूल श्लोक व भावार्थ

श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
श्रीमुष्णं वेङ्कटाद्रिं च सालग्रामं च नैमिशम् ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
तोताद्रिं पुष्करं चैव नरनारायणाश्रमम् । अष्टौ मे मूर्तयः सन्ति स्वयं व्यक्ता महीतले ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
॥ श्री सूत उवाच ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
श्रीरुद्रमुख निर्णीत मुरारि गुणसत्कथा । सन्तुष्टा पार्वती प्राह शङ्करं लोकशङ्करम् ॥ १ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
पार्वती उवाच कवच श्लोक
॥ श्री पार्वती उवाच ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक पार्वती उवाच): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse पार्वती उवाच): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
श्रीमुष्णेशस्य माहात्म्यं वराहस्य महात्मनः । श्रुत्वा तृप्तिर्न मे जाता मनः कौतूहलायते । श्रोतुं तद्देव माहात्म्यं तस्माद्वर्णय मे पुनः ॥ २ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
॥ श्री शङ्कर उवाच ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
शृणु देवि प्रवक्ष्यामि श्रीमुष्णेशस्य वैभवम् । यस्य श्रवणमात्रेण महापापैः प्रमुच्यते । सर्वेषामेव तीर्थानां तीर्थ राजोऽभिधीयते ॥ ३ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
नित्य पुष्करिणी नाम्नी श्रीमुष्णे या च वर्तते । जाता श्रमापहा पुण्या वराह श्रमवारिणा ॥ ४ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
विष्णोरङ्गुष्ठ संस्पर्शात्पुण्यदा खलु जाह्नवी । विष्णोः सर्वाङ्गसम्भूता नित्यपुष्करिणी शुभा ॥ ५ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
महानदी सहस्त्रेण नित्यदा सङ्गता शुभा । सकृत्स्नात्वा विमुक्ताघः सद्यो याति हरेः पदम् ॥ ६ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
तस्या आग्नेय भागे तु अश्वत्थच्छाययोदके । स्नानं कृत्वा पिप्पलस्य कृत्वा चापि प्रदक्षिणम् ॥ ७ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8 कवच श्लोक
दृष्ट्वा श्वेतवराहं च मासमेकं नयेद्यदि । कालमृत्युं विनिर्जित्य श्रिया परमया युतः ॥ ८ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 9 कवच श्लोक
आधिव्याधि विनिर्मुक्तो ग्रहपीडाविवर्जितः । भुक्त्वा भोगाननेकांश्च मोक्षमन्ते व्रजेत् ध्रुवम् ॥ ९ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 9): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 9): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 10 कवच श्लोक
अश्वत्थमूलेऽर्कवारे नित्य पुष्करिणी तटे । वराहकवचं जप्त्वा शतवारं जितेन्द्रियः ॥ १० ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 10): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 10): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 11 कवच श्लोक
क्षयापस्मारकुष्ठाद्यैः महारोगैः प्रमुच्यते । वराहकवचं यस्तु प्रत्यहं पठते यदि ॥ ११ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 11): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 11): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 12 कवच श्लोक
शत्रु पीडाविनिर्मुक्तो भूपतित्वमवाप्नुयात् । लिखित्वा धारयेद्यस्तु बाहुमूले गलेऽथ वा ॥ १२ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 12): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 12): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 13 कवच श्लोक
भूतप्रेतपिशाचाद्याः यक्षगन्धर्वराक्षसाः । शत्रवो घोरकर्माणो ये चान्ये विषजन्तवः । नष्ट दर्पा विनश्यन्ति विद्रवन्ति दिशो दश ॥ १३ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 13): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 13): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
पार्वती उवाच कवच श्लोक
॥ श्री पार्वती उवाच ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक पार्वती उवाच): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse पार्वती उवाच): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 14 कवच श्लोक
तद्ब्रूहि कवचं मह्यं येन गुप्तो जगत्त्रये । सञ्चरेद्देववन्मर्त्यः सर्वशत्रुविभीषणः । येनाप्नोति च साम्राज्यं तन्मे ब्रूहि सदाशिव ॥ १४ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 14): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 14): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 15 कवच श्लोक
॥ श्री शङ्कर उवाच ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 15): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 15): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 15 कवच श्लोक
शृणु कल्याणि वक्ष्यामि वाराहकवचं शुभम् । येन गुप्तो लभेन्मर्त्यो विजयं सर्वसम्पदम् ॥ १५ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 15): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 15): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 16 कवच श्लोक
अङ्गरक्षाकरं पुण्यं महापातकनाशनम् । सर्वरोगप्रशमनं सर्वदुर्ग्रहनाशनम् ॥ १६ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 16): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 16): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 17 कवच श्लोक
विषाभिचार कृत्यादि शत्रुपीडानिवारणम् । नोक्तं कस्यापि पूर्वं हि गोप्यात्गोप्यतरं यतः ॥ १७ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 17): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 17): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 18 कवच श्लोक
वराहेण पुरा प्रोक्तं मह्यं च परमेष्ठिने । युद्धेषु जयदं देवि शत्रुपीडानिवारणम् ॥ १८ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 18): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 18): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 19 कवच श्लोक
वराहकवचात् गुप्तो नाशुभं लभते नरः । वराहकवचस्यास्य ऋषिर्ब्रह्मा प्रकीर्तितः ॥ १९ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 19): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 19): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 20 कवच श्लोक
छन्दोऽनुष्टुप् तथा देवो वराहो भूपरिग्रहः । प्रक्षाल्य पादौ पाणी च सम्यगाचम्य वारिणा ॥ २० ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 20): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 20): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
करन्यासः कवच श्लोक
कृत स्वाङ्ग करन्यासः सपवित्र उदंमुखः । ओं भूर्भवस्सुवरिति नमो भूपतयेऽपि च ॥ २१ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक करन्यासः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse करन्यासः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 22 कवच श्लोक
नमो भगवते पश्चात्वराहाय नमस्तथा । एवं षडङ्गं न्यासं च न्यसेदङ्गुलिषु क्रमात् ॥ २२ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 22): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 22): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 23 कवच श्लोक
नमः श्वेतवराहाय महाकोलाय भूपते । यज्ञाङ्गाय शुभाङ्गाय सर्वज्ञाय परात्मने ॥ २३ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 23): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 23): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 24 कवच श्लोक
स्रव तुण्डाय धीराय परब्रह्मस्वरूपिणे । वक्रदंष्ट्राय नित्याय नमोऽन्तैर्नामभिः क्रमात् ॥ २४ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 24): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 24): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 25 कवच श्लोक
अङ्गुलीषु न्यसेद्विद्वान् करपृष्ठतलेष्वपि । ध्यात्वा श्वेतवराहं च पश्चान्मन्त्रमुदीरयेत् ॥ २५ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 25): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 25): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
ध्यानम् कवच श्लोक
॥ ध्यानम् ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक ध्यानम्): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse ध्यानम्): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 26 कवच श्लोक
ओं श्वेतं वराहवपुषं क्षितिमुद्धरन्तं शङ्घारिसर्व वरदाभय युक्त बाहुम् । ध्यायेन्निजैश्च तनुभिः सकलैरुपेतं पूर्णं विभुं सकलवाञ्छितसिद्धयेऽजम् ॥ २६ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 26): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 26): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 27 कवच श्लोक
॥ कवचम् ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 27): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 27): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 27 कवच श्लोक
वराहः पूर्वतः पातु दक्षिणे दण्डकान्तकः । हिरण्याक्षहरः पातु पश्चिमे गदया युतः ॥ २७ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 27): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 27): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 28 कवच श्लोक
उत्तरे भूमिहृत्पातु अधस्ताद्वायुवाहनः । ऊर्ध्वं पातु हृषीकेशो दिग्विदिक्षु गदाधरः ॥ २८ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 28): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 28): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 29 कवच श्लोक
प्रातः पातु प्रजानाथः कल्पकृत्सङ्गमेऽवतु । मध्याह्ने वज्रकेशस्तु सायाह्ने सर्वपूजितः ॥ २९ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 29): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 29): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 30 कवच श्लोक
प्रदोषे पातु पद्माक्षो रात्रौ राजीवलोचनः । निशीन्द्र गर्वहा पातु पातूषः परमेश्वरः ॥ ३० ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 30): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 30): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 31 कवच श्लोक
अटव्यामग्रजः पातु गमने गरुडासनः । स्थले पातु महातेजाः जले पात्ववनीपतिः ॥ ३१ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 31): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 31): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 32 कवच श्लोक
गृहे पातु गृहाध्यक्षः पद्मनाभः पुरोऽवतु । झिल्लिका वरदः पातु स्वग्रामे करुणाकरः ॥ ३२ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 32): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 32): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 33 कवच श्लोक
रणाग्रे दैत्यहा पातु विषमे पातु चक्रभृत् । रोगेषु वैद्यराजस्तु कोलो व्याधिषु रक्षतु ॥ ३३ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 33): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 33): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 34 कवच श्लोक
तापत्रयात्तपोमूर्तिः कर्मपाशाच्च विश्वकृत् । क्लेशकालेषु सर्वेषु पातु पद्मापतिर्विभुः ॥ ३४ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 34): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 34): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 35 कवच श्लोक
हिरण्यगर्भसंस्तुत्यः पादौ पातु निरन्तरम् । गुल्फौ गुणाकरः पातु जङ्घे पातु जनार्दनः ॥ ३५ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 35): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 35): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 36 कवच श्लोक
जानू च जयकृत्पातु पातूरू पुरुषोत्तमः । रक्ताक्षो जघने पातु कटिं विश्वम्भरोऽवतु ॥ ३६ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 36): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 36): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 37 कवच श्लोक
पार्श्वे पातु सुराध्यक्षः पातु कुक्षिं परात्परः । नाभिं ब्रह्मपिता पातु हृदयं हृदयेश्वरः ॥ ३७ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 37): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 37): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 38 कवच श्लोक
महादंष्ट्रः स्तनौ पातु कण्ठं पातु विमुक्तिदः । प्रभञ्जन पतिर्बाहू करौ कामपिताऽवतु ॥ ३८ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 38): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 38): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 39 कवच श्लोक
हस्तौ हंसपतिः पातु पातु सर्वाङ्गुलीर्हरिः । सर्वाङ्गश्चिबुकं पातु पात्वोष्ठौ कालनेमिहा ॥ ३९ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 39): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 39): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 40 कवच श्लोक
मुखं तु मधुहा पातु दन्तान् दामोदरोऽवतु । नासिकामव्ययः पातु नेत्रे सूर्येन्दुलोचनः ॥ ४० ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 40): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 40): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 41 कवच श्लोक
फालं कर्मफलाध्यक्षः पातु कर्णौ महारथः । शेषशायी शिरः पातु केशान् पातु निरामयः ॥ ४१ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 41): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 41): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 42 कवच श्लोक
सर्वाङ्गं पातु सर्वेशः सदा पातु सतीश्वरः । इतीदं कवचं पुण्यं वराहस्य महात्मनः ॥ ४२ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 42): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 42): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 43 कवच श्लोक
यः पठेत् शृणुयाद्वापि तस्य मृत्युर्विनश्यति । तं नमस्यन्ति भूतानि भीताः साञ्जलिपाणयः ॥ ४३ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 43): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 43): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 44 कवच श्लोक
राजदस्युभयं नास्ति राज्यभ्रंशो न जायते । यन्नाम स्मरणात्भीताः भूतवेतालराक्षसाः ॥ ४४ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 44): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 44): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 45 कवच श्लोक
महारोगाश्च नश्यन्ति सत्यं सत्यं वदाम्यहम् । कण्ठे तु कवचं बद्ध्वा वन्ध्या पुत्रवती भवेत् ॥ ४५ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 45): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 45): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 46 कवच श्लोक
शत्रुसैन्य क्षय प्राप्तिः दुःखप्रशमनं तथा । उत्पात दुर्निमित्तादि सूचितारिष्टनाशनम् ॥ ४६ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 46): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 46): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 47 कवच श्लोक
ब्रह्मविद्याप्रबोधं च लभते नात्र संशयः । धृत्वेदं कवचं पुण्यं मान्धाता परवीरहा ॥ ४७ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 47): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 47): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 48 कवच श्लोक
जित्वा तु शाम्बरीं मायां दैत्येन्द्रानवधीत्क्षणात् । कवचेनावृतो भूत्वा देवेन्द्रोऽपि सुरारिहा ॥ ४८ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 48): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 48): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 49 कवच श्लोक
भूम्योपदिष्टकवच धारणान्नरकोऽपि च । सर्वावध्यो जयी भूत्वा महतीं कीर्तिमाप्तवान् ॥ ४९ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 49): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 49): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 50 कवच श्लोक
अश्वत्थमूलेऽर्कवारे नित्य पुष्करिणीतटे । वराहकवचं जप्त्वा शतवारं पठेद्यदि ॥ ५० ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 50): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 50): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 51 कवच श्लोक
अपूर्वराज्य सम्प्राप्तिं नष्टस्य पुनरागमम् । लभते नात्र सन्देहः सत्यमेतन्मयोदितम् ॥ ५१ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 51): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 51): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 52 कवच श्लोक
जप्त्वा वराहमन्त्रं तु लक्षमेकं निरन्तरम् । दशांशं तर्पणं होमं पायसेन घृतेन च ॥ ५२ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 52): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 52): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 53 कवच श्लोक
कुर्वन् त्रिकालसन्ध्यासु कवचेनावृतो यदि । भूमण्डलाधिपत्यं च लभते नात्र संशयः ॥ ५३ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 53): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 53): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 54 कवच श्लोक
इदमुक्तं मया देवि गोपनीयं दुरात्मनाम् । वराहकवचं पुण्यं संसारार्णवतारकम् ॥ ५४ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 54): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 54): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 55 कवच श्लोक
महापातककोटिघ्नं भुक्तिमुक्तिफलप्रदम् । वाच्यं पुत्राय शिष्याय सद्वृत्ताय सुधीमते ॥ ५५ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 55): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 55): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 56 कवच श्लोक
॥ श्री सूतः ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 56): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 56): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
इति पत्युर्वचः श्रुत्वा देवी सन्तुष्टमानसा । विनायक गुहौ पुत्रौ प्रपेदे द्वौ सुरार्चितौ ॥ ५६ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 57 कवच श्लोक
कवचस्य प्रभावेन लोकमाता च पार्वती । य इदं शृणुयान्नित्यं यो वा पठति नित्यशः । स मुक्तः सर्वपापेभ्यो विष्णुलोके महीयते ॥ ५७ ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक 57): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse 57): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
॥ इति श्री वराह कवच सम्पूर्णम् ॥
सरल भावार्थ: वराह कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Varaha Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥

पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम

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सर्वोत्तम शुभ समय: रविवार, वराह द्वादशी

🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:

  1. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
  2. पूजा वेदी पर भगवान भू-वराह का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  3. हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
  4. वराह कवच का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
  5. पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।

✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:

  • ✔ भूमि लाभ, अचल संपत्ति विवाद में विजय व पाताल भयों से मुक्ति।
  • ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
  • ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वराह कवच का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
वराह कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से भूमि लाभ, अचल संपत्ति विवाद में विजय व पाताल भयों से मुक्ति। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
वराह कवच का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः रविवार, वराह द्वादशी के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
वराह कवच का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत वाराह पुराण है। इसके ऋषि ब्रह्मा एवं देवता भगवान भू-वराह हैं।

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