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BHAKTI KI SHAKTI
🛡️ विजय नृसिंह पद्म पुराण ऋषि: ब्रह्मा छंद: त्रिष्टुप्

नृसिंह विजय कवच

Narasimha Vijaya Kavach

विजय नृसिंह का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। प्रतियोगिताओं, युद्धों, व्यापारिक संकटों में निश्चित विजय।

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॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥

नृसिंह विजय कवच मूल श्लोक व भावार्थ

श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
॥ नारद उवाच ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
इन्द्रादिदेववृन्देश ईड्येश्वर जगत्पते । महाविष्णोर्नृसिंहस्य कवचं ब्रूहि मे प्रभो । यस्य प्रपठनाद्विद्वांस्त्रैलोक्यविजयी भवेत् ॥ 1 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
॥ ब्रह्मोवाच ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
शृणु नारद वक्ष्यामि पुत्रश्रेष्ठ तपोधन । कवचं नरसिंहस्य त्रैलोक्यविजयी भवेत् ॥ 2 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
स्रष्टाऽहं जगतां वत्स पठनाद्धारणाद्यतः । लक्ष्मीर्जगत्त्रयं पाति संहर्ता च महेश्वरः ॥ 3 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
पठनाद्धारणाद्देवा बहवश्च दिगीश्वराः । ब्रह्ममन्त्रमयं वक्ष्ये भ्रान्त्यादिविनिवारकम् ॥ 4 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
यस्य प्रसादाद्दुर्वासास्त्रैलोक्यविजयी भवेत् । पठनाद्धारणाद्यस्य शास्ता च क्रोधभैरवः ॥ 5 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
त्रैलोक्यविजयस्यास्य कवचस्य प्रजापतिः । ऋषिश्छन्दस्तु गायत्री नृसिंहो देवता विभुः ॥ 6 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
विनियोगः कवच श्लोक
चतुर्वर्गे च शान्तौ च विनियोगः प्रकीर्तितः । क्ष्रौं बीजं मे शिरः पातु चन्द्रवर्णो महामनुः ॥ 7 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक विनियोगः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse विनियोगः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8 कवच श्लोक
ओं उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् । नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम् ॥ 8 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 9 कवच श्लोक
द्वात्रिंशदक्षरो मन्त्रो मन्त्रराजः सुरद्रुमः । कण्ठं पातु ध्रुवं क्ष्रौं हृद्भगवते चक्षुषी मम ॥ 9 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 9): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 9): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 10 कवच श्लोक
नरसिंहाय च ज्वालामालिने पातु कर्णकम् । दीप्तदंष्ट्राय च तथा अग्निनेत्राय नासिकाम् ॥ 10 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 10): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 10): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 11 कवच श्लोक
सर्वरक्षोघ्नाय तथा सर्वभूतहिताय च । सर्वज्वरविनाशाय दह दह पदद्वयम् ॥ 11 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 11): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 11): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 12 कवच श्लोक
रक्ष रक्ष वर्ममन्त्रः स्वाहा पातु मुखं मम । तारादिरामचन्द्राय नमः पातु हृदं मम ॥ 12 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 12): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 12): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 13 कवच श्लोक
क्लीं पायात् पार्श्वयुग्मं च तारो नमः पदं ततः । नारायणाय नाभिं च आं ह्रीं क्रों क्ष्रौं च हुं फट् ॥ 13 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 13): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 13): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 14 कवच श्लोक
षडक्षरः कटिं पातु ओं नमो भगवते पदम् । वासुदेवाय च पृष्ठं क्लीं कृष्णाय उरुद्वयम् ॥ 14 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 14): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 14): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 15 कवच श्लोक
क्लीं कृष्णाय सदा पातु जानुनी च मनूत्तमः । क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलाङ्गाय नमः पायात् पदद्वयम् ॥ 15 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 15): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 15): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
क्ष्रौं नृसिंहाय क्ष्रौं ह्रीं च सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु । इति ते कथितं वत्स सर्वमन्त्रौघविग्रहम् ॥ 16 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 17 कवच श्लोक
तव स्नेहान्मया ख्यातं प्रवक्तव्यं न कस्यचित् । गुरुपूजां विधायाथ गृह्णीयात् कवचं ततः ॥ 17 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 17): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 17): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 18 कवच श्लोक
सर्वपुण्ययुतो भूत्वा सर्वसिद्धियुतो भवेत् । शतमष्टोत्तरं चास्य पुरश्चर्याविधिः स्मृतः ॥ 18 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 18): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 18): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 19 कवच श्लोक
हवनादीन् दशांशेन कृत्वा सत्साधकोत्तमः । ततस्तु सिद्धकवचो रूपेण मदनोपमः ॥ 19 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 19): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 19): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 20 कवच श्लोक
स्पर्धामुद्धूय भवने लक्ष्मीर्वाणी वसेन्मुखे । पुष्पाञ्जल्यष्टकं दत्त्वा मूलेनैव पठेत् सकृत् ॥ 20 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 20): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 20): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 21 कवच श्लोक
अपि वर्षसहस्राणां पूजानां फलमाप्नुयात् । भूर्जे विलिख्य गुटिकां स्वर्णस्थां धारयेद्यदि ॥ 21 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 21): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 21): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 22 कवच श्लोक
कण्ठे वा दक्षिणे बाहौ नरसिंहो भवेत् स्वयम् । योषिद्वामभुजे चैव पुरुषो दक्षिणे करे ॥ 22 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 22): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 22): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 23 कवच श्लोक
बिभृयात् कवचं पुण्यं सर्वसिद्धियुतो भवेत् । काकवन्ध्या च या नारी मृतवत्सा च या भवेत् ॥ 23 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 23): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 23): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 24 कवच श्लोक
जन्मवन्ध्या नष्टपुत्रा बहुपुत्रवती भवेत् । कवचस्य प्रसादेन जीवन्मुक्तो भवेन्नरः ॥ 24 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 24): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 24): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 25 कवच श्लोक
त्रैलोक्यं क्षोभयत्येवं त्रैलोक्यविजयी भवेत् । भूतप्रेतपिशाचाश्च राक्षसा दानवाश्च ये ॥ 25 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 25): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 25): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 26 कवच श्लोक
तं दृष्ट्वा प्रपलायन्ते देशाद्देशान्तरं ध्रुवम् । यस्मिन् गृहे च कवचं ग्रामे वा यदि तिष्ठति । तद्देशं तु परित्यज्य प्रयान्ति ह्यातिदूरतः ॥ 26 ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 26): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 26): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
॥ इति श्रीब्रह्मसंहितायां सप्तदशोऽध्याये त्रैलोक्यविजयं नाम नृसिंह विजय कवच संपूर्ण ॥
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 27 कवच श्लोक
नृसिंह विजय नृसिंह विजय कवच बुराई पर विजय प्राप्त करने में सहायक हैं। इस कवच का पाठ करने से भूत-प्रेत, बुरी शक्तियाँ, नकारात्मक ऊर्जा आदि से रक्षा होने लगती हैं। यदि आप पर किसी बुरी शक्ति का प्रभाव बना हुआ हैं, जिस कारण आपको अपने जीवन में बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं, जिससे आपके परिवार में आए दिन किसी न किसी बात पर झगड़े होते रहते हैं, परिवार के सभी सदस्यों में आपसी मन मुटाव बना रहता हैं, ऐसे में नृसिंह विजय कवच का पाठ करना एक रामबाण उपाय माना जाता हैं जिसका पाठ करने से समस्त बुरी शक्तियाँ खुद-ब-खुद आपसे दूर होने लगती हैं तथा आपके घर में सुख-शांति का वास होता हैं। नृसिंह विजय कवच का पाठ करने के साथ नृसिंह यंत्र कवच धारण करने से आपको सभी प्रकार के दोषों से मुक्ति प्राप्त होने लगती हैं, नकारात्मक ऊर्जा दूर होने लगती हैं और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता हैं। इस कवच का नित्य पाठ करने से, ग्रहो के अशुभ प्रभाव दूर होने लगते हैं। यदि आप भी अपने परिवार का वातावारण सकारात्मक और सुखी बनाना चाहते हैं तो आपको नृसिंह विजय कवच का पाठ अवश्य करना चहिये। आरती स्तोत्र चालीसा स्तुतियाँ सूक्तम् अष्टकम् सहस्त्रनाम प्रार्थना कवच शिव कवच हनुमान कवच बगलामुखी कवच भैरव कवच चंडी कवच दुर्गा कवच गुरु कवच कामख्या कवच काली कवच लक्ष्मी कवच मातंगी कवच महाविधा कवच नारायण कवच नवग्रह कवच निखिल कवच सूर्य कवच
सरल भावार्थ: नृसिंह विजय कवच (श्लोक 27): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Narasimha Vijaya Kavach (Verse 27): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥

पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम

⏱️
सर्वोत्तम शुभ समय: मंगलवार, स्वाति नक्षत्र

🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:

  1. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
  2. पूजा वेदी पर विजय नृसिंह का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  3. हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
  4. नृसिंह विजय कवच का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
  5. पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।

✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:

  • ✔ प्रतियोगिताओं, युद्धों, व्यापारिक संकटों में निश्चित विजय।
  • ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
  • ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नृसिंह विजय कवच का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
नृसिंह विजय कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से प्रतियोगिताओं, युद्धों, व्यापारिक संकटों में निश्चित विजय। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
नृसिंह विजय कवच का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः मंगलवार, स्वाति नक्षत्र के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
नृसिंह विजय कवच का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत पद्म पुराण है। इसके ऋषि ब्रह्मा एवं देवता विजय नृसिंह हैं।

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