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🛡️ मां महागौरी (अष्टम दुर्गा) देवी भागवत ऋषि: सनातन छंद: अनुष्टुप्

महागौरी देवी कवच

Mahagauri Devi Kavach

मां महागौरी (अष्टम दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। समस्त संचित पापों का प्रक्षालन, रूप, सौंदर्य व वैवाहिक सुख।

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॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥

महागौरी देवी कवच मूल श्लोक व भावार्थ

श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
क्लीं बीजं सदा पातु नभो गृहोच पादयो ॥
सरल भावार्थ: महागौरी देवी कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Mahagauri Devi Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
ललाट कर्णो,हूं, बीजंपात महागौरीमां नेत्र घ्राणों । कपोल चिबुकोफट् पातुस्वाहा मां सर्ववदनो ॥
सरल भावार्थ: महागौरी देवी कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Mahagauri Devi Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
॥ इति महागौरी देवी कवच संपूर्ण ॥
सरल भावार्थ: महागौरी देवी कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Mahagauri Devi Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
महागौरी देवी कवच Omkar: Patushirshomaam, Him Bijammaam Hridayo । kleen Bijam Sada Patu Nabho Grihoch Padayo ॥
सरल भावार्थ: महागौरी देवी कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Mahagauri Devi Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
Lalat Karno,Hum, Bijampat Mahagaurimaam Netra Ghranom । Kapol Chibucophat Patusvahaa Maam Sarvavadano ॥
सरल भावार्थ: महागौरी देवी कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Mahagauri Devi Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
॥ Iti Mahagauri Devi Kavach Sampurna ॥
सरल भावार्थ: महागौरी देवी कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Mahagauri Devi Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
महागौरी देवी कवच का पाठ दांपत्य जीवन को सुखी और समृद्ध बनाये रखने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता हैं। यदि परिवार में आये दिन पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होता रहता हैं, परिवार का वातावरण अशांत सा हो गया है, आपस में समझदारी बिल्कुल खत्म होती जा रही है, जिसके कारण घर के अन्य सदस्य काफी परेशान रहते है, तो ऐसे में उन्हें महागौरी देवी कवच का नियमित रूप से अवश्य ही पाठ करना चाहिए। इस कवच के पाठ से पति-पत्नी के बीच के सारे झगड़े धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं और आपसी मतभेद दूर हो जाते हैं इस कवच का पाठ करने के साथ गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली सभी परेशानियाँ दूर होने लगती हैं और विवाहित जोड़े पर भगवान शंकर और माँ गोरी का आशीर्वाद बना रहता हैं। अगर कोई महिला जिसके विवाह को काफी लम्बा समय हो गया हैं और वह संतान सुख प्राप्त नही कर पा रही हैं, गर्भधारण नहीं कर पा रही हैं, यदि गर्भधारण करती भी हैं, तो किसी कारण से वह नष्ट हो जाता हैं, ऐसे में, उस महिला को महागौरी कवच का पाठ करने के साथ गौरी गुटिका अवश्य ही धारण करनी चाहिए। इस गुटिका को धारण करने से महिला को संतान सुख की प्राप्ति होने लगती हैं और उसकी गर्भधारण के समय रक्षा होती हैं। आरती स्तोत्र चालीसा स्तुतियाँ सूक्तम् अष्टकम् सहस्त्रनाम प्रार्थना कवच शिव कवच हनुमान कवच बगलामुखी कवच भैरव कवच चंडी कवच दुर्गा कवच गुरु कवच कामख्या कवच काली कवच लक्ष्मी कवच मातंगी कवच
सरल भावार्थ: महागौरी देवी कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Mahagauri Devi Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥

पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम

⏱️
सर्वोत्तम शुभ समय: नवरात्रि अष्टमी

🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:

  1. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
  2. पूजा वेदी पर मां महागौरी (अष्टम दुर्गा) का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  3. हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
  4. महागौरी देवी कवच का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
  5. पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।

✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:

  • ✔ समस्त संचित पापों का प्रक्षालन, रूप, सौंदर्य व वैवाहिक सुख।
  • ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
  • ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महागौरी देवी कवच का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
महागौरी देवी कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से समस्त संचित पापों का प्रक्षालन, रूप, सौंदर्य व वैवाहिक सुख। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
महागौरी देवी कवच का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः नवरात्रि अष्टमी के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
महागौरी देवी कवच का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत देवी भागवत है। इसके ऋषि सनातन एवं देवता मां महागौरी (अष्टम दुर्गा) हैं।

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