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कामकला काली
महाकाल संहिता / तंत्र आगम
ऋषि: महाकाल
छंद: बृहती
कामकला काली
Kamakala Kali Kavach
कामकला काली का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। तांत्रिक अभिचार, शत्रु बाधा व अकाल संकट का तत्क्षण संहार।
फॉन्ट आकार:
॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥
कामकला काली मूल श्लोक व भावार्थ
विनियोगः
कवच श्लोक
सीधे हाथ में जल लेकर विनियोग पढ़कर जल भूमि पर छोड़ दे।
अस्य श्री त्रैलोकयमोहन रहस्य कवचस्य।
त्रिपुरारि ऋषिःविराट् छन्दःभगवति कामकलाकाली देवता ।
फ्रेंबीजं – योगिनी शक्तिःक्लीं कीलकं डाकिनि तत्त्वंभ्गावती श्री कामकलाकाली अनुग्रह प्रसाद सिध्यर्ते जपे विनियोगः ।
ॐ ऐं श्रीं क्लीं शिरः पातु फ्रें ह्रीं छ्रीं मदनातुरा ।
स्त्रीं ह्रूं क्षौं ह्रीं लं ललाटं पातु ख्फ्रें क्रौं करालिनी ॥ 1॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक विनियोगः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse विनियोगः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2
कवच श्लोक
आं हौं फ्रों क्षूँ मुखं पातु क्लूं ड्रं थ्रौं चन्ण्डनायिका ।
हूं त्रैं च्लूं मौः पातु दृशौ प्रीं ध्रीं क्ष्रीं जगदाम्बिका ॥ 2॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3
कवच श्लोक
क्रूं ख्रूं घ्रीं च्लीं पातु कर्णौ ज्रं प्लैं रुः सौं सुरेश्वरी ।
गं प्रां ध्रीं थ्रीं हनू पातु अं आं इं ईं श्मशानिनी ॥ 3॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4
कवच श्लोक
जूं डुं ऐं औं भ्रुवौ पातु कं खं गं घं प्रमाथिनी ।
चं छं जं झं पातु नासां टं ठं डं ढं भगाकुला ॥ 4॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5
कवच श्लोक
तं थं दं धं पात्वधरमोष्ठं पं फं रतिप्रिया ।
बं भं यं रं पातु दन्तान् लं वं शं सं चं कालिका ॥ 5॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6
कवच श्लोक
हं क्षं क्षं हं पातु जिह्वां सं शं वं लं रताकुला ।
वं यं भं वं चं चिबुकं पातु फं पं महेश्वरी ॥ 6॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7
कवच श्लोक
धं दं थं तं पातु कण्ठं ढं डं ठं टं भगप्रिया ।
झं जं छं चं पातु कुक्षौ घं गं खं कं महाजटा ॥ 7॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8
कवच श्लोक
ह्सौः ह्स्ख्फ्रैं पातु भुजौ क्ष्मूं म्रैं मदनमालिनी ।
ङां ञीं णूं रक्षताज्जत्रू नैं मौं रक्तासवोन्मदा ॥ 8॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 9
कवच श्लोक
ह्रां ह्रीं ह्रूं पातु कक्षौ में ह्रैं ह्रौं निधुवनप्रिया ।
क्लां क्लीं क्लूं पातु हृदयं क्लैं क्लौं मुण्डावतंसिका ॥ 9॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 9): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 9): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 10
कवच श्लोक
श्रां श्रीं श्रूं रक्षतु करौ श्रैं श्रौं फेत्कारराविणी ।
क्लां क्लीं क्लूं अङ्गुलीः पातु क्लैं क्लौं च नारवाहिनी ॥ 10॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 10): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 10): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 11
कवच श्लोक
च्रां च्रीं च्रूं पातु जठरं च्रैं च्रौं संहाररूपिणी ।
छ्रां छ्रीं छ्रूं रक्षतान्नाभिं छ्रैं छ्रौं सिद्धकरालिनी ॥ 11॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 11): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 11): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 12
कवच श्लोक
स्त्रां स्त्रीं स्त्रूं रक्षतात् पार्श्वौ स्त्रैं स्त्रौं निर्वाणदायिनी ।
फ्रां फ्रीं फ्रूं रक्षतात् पृष्ठं फ्रैं फ्रौं ज्ञानप्रकाशिनी ॥ 12॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 12): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 12): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 13
कवच श्लोक
क्षां क्षीं क्षूं रक्षतु कटिं क्षैं क्षौं नृमुण्डमालिनी ।
ग्लां ग्लीं ग्लूं रक्षतादूरू ग्लैं ग्लौं विजयदायिनी ॥ 13॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 13): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 13): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 14
कवच श्लोक
ब्लां ब्लीं ब्लूं जानुनी पातु ब्लैं ब्लौं महिषमर्दिनी ।
प्रां प्रीं प्रूं रक्षताज्जङ्घे प्रैं प्रौं मृत्युविनाशिनी ॥ 14॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 14): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 14): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 15
कवच श्लोक
थ्रां थ्रीं थ्रूं चरणौ पातु थ्रैं थ्रौं संसारतारिणी ।
ॐ फ्रें सिद्ध्विकरालि ह्रीं छ्रीं ह्रं स्त्रीं फ्रें नमः ॥ 15॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 15): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 15): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 16
कवच श्लोक
सर्वसन्धिषु सर्वाङ्गं गुह्यकाली सदावतु ।
ॐ फ्रें सिद्ध्विं हस्खफ्रें ह्सफ्रें ख्फ्रें करालि ख्फ्रें हस्खफ्रें ह्स्फ्रें फ्रें ॐ स्वाहा ॥ 16॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 16): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 16): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 17
कवच श्लोक
रक्षताद् घोरचामुण्डा तु कलेवरं वहक्षमलवरयूं ।
अव्यात् सदा भद्रकाली प्राणानेकादशेन्द्रियान् ॥ 17॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 17): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 17): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 18
कवच श्लोक
ह्रीं श्रीं ॐ ख्फ्रें ह्स्ख्फ्रें हक्षम्लब्रयूं
न्क्ष्रीं नज्च्रीं स्त्रीं छ्रीं ख्फ्रें ठ्रीं ध्रीं नमः ।
यत्रानुक्त्तस्थलं देहे यावत्तत्र च तिष्ठति ॥ 18॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 18): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 18): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 19
कवच श्लोक
उक्तं वाऽप्यथवानुक्तं करालदशनावतु
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं हूं स्त्रीं ध्रीं फ्रें क्षूं क्शौं
क्रौं ग्लूं ख्फ्रें प्रीं ठ्रीं थ्रीं ट्रैं ब्लौं फट् नमः स्वाहा ॥ 19॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 19): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 19): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 20
कवच श्लोक
सर्वमापादकेशाग्रं काली कामकलावतु ॥ 20॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 20): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 20): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति
कवच श्लोक
॥ इति कामकला काली कवच संपूर्ण ॥
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 21
कवच श्लोक
कामकला काली माँ महाकाली का ही एक अद्भूत रूप हैं। कामकला काली कवच की पूजा, साधना को सर्वोपरि माना जाता हैं। कामकला काली कवच का पाठ करने से समस्त, भय, तंत्र, पीड़ा और असाध्य रोगों के संकट से रक्षा होती हैं। तथा साधक पर माँ काली की विशेष कृपा बनी रहती है। कामकला काली कवच का पाठ करते समय यदि साधक
माँ काली माला
धारण करता है, तो सभी तंत्र-मंत्र बाधा से रक्षा होने लगती हैं। बुरी नज़र, टोना-टोटका, वशीकरण, उच्चाटन आदि, जैसे बुरे प्रयोग उस साधक पर काम नही करते
यह बहुत ही शक्तिशाली कवच है, इसके साथ
माँ काली कवच
धारण कर, पाठ करने मात्र से ही समस्त शत्रुओं पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता हैं। इस कवच को धारण करने से शत्रु भी मित्र बनने लगते हैं। यदि
महाकाली यंत्र
के सामने कामकला काली कवच का पाठ किया जाए, तो साधक के घर से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर होने लगती हैं, घर-परिवार का वातावरण सकारात्मक बनने लगता हैं, घर के सभी लोग सुरक्षित हो जाते है।
आरती
स्तोत्र
चालीसा
स्तुतियाँ
सूक्तम्
अष्टकम्
सहस्त्रनाम
प्रार्थना कवच
शिव कवच
हनुमान कवच
बगलामुखी कवच
भैरव कवच
चंडी कवच
दुर्गा कवच
गुरु कवच
कामख्या कवच
काली कवच
लक्ष्मी कवच
मातंगी कवच
महाविधा कवच
नारायण कवच
नवग्रह कवच
निखिल कवच
सूर्य कवच
सरल भावार्थ:
कामकला काली (श्लोक 21): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Kamakala Kali Kavach (Verse 21): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥
पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम
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सर्वोत्तम शुभ समय:
शुक्रवार, अष्टमी, अमावस्या
🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:
- प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
- पूजा वेदी पर कामकला काली का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
- हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
- कामकला काली का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
- पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।
✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:
- ✔ तांत्रिक अभिचार, शत्रु बाधा व अकाल संकट का तत्क्षण संहार।
- ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
- ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कामकला काली का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
कामकला काली का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से तांत्रिक अभिचार, शत्रु बाधा व अकाल संकट का तत्क्षण संहार। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
कामकला काली का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः शुक्रवार, अष्टमी, अमावस्या के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
कामकला काली का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत महाकाल संहिता / तंत्र आगम है। इसके ऋषि महाकाल एवं देवता कामकला काली हैं।