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BHAKTI KI SHAKTI
🛡️ चन्द्रमा देव पद्म पुराण / मत्स्य पुराण ऋषि: गौतम ऋषि छंद: अनुष्टुप्

चन्द्र कवच

Chandra Kavach

चन्द्रमा देव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। मानसिक तनाव, अनिद्रा, डिप्रेशन व माता के स्वास्थ्य में सुधार।

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॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥

चन्द्र कवच मूल श्लोक व भावार्थ

श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
विनियोगः कवच श्लोक
अस्य श्रीचन्द्रकवचस्तोत्रमन्त्रस्य गौतम् ऋषिः । अनुष्टुप् छन्दः, श्रीचन्द्रो देवता, चन्द्रप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः । समं चतुर्भुजं वन्दे केयूरमुकुटोज्ज्वलम् । वासुदेवस्य नयनं शंकरस्य च भूषणम् ॥ १ ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक विनियोगः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse विनियोगः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
एवं ध्यात्वा जपेन्नित्यं शशिनः कवचं शुभम् । शशी पातु शिरोदेशं भालं पातु कलानिधिः ॥ २ ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
चक्षुषी चन्द्रमाः पातु श्रुती पातु निशापतिः । प्राणं क्षपाकरः पातु मुखं कुमुदबांधवः ॥ ३ ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
पातु कण्ठं च मे सोमः स्कंधौ जैवा तृकस्तथा । करौ सुधाकरः पातु वक्षः पातु निशाकरः ॥ ४ ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
हृदयं पातु मे चंद्रो नाभिं शंकरभूषणः । मध्यं पातु सुरश्रेष्ठः कटिं पातु सुधाकरः ॥ ५ ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
ऊरू तारापतिः पातु मृगांको जानुनी सदा । अब्धिजः पातु मे जंघे पातु पादौ विधुः सदा ॥ ६ ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
सर्वाण्यन्यानि चांगानि पातु चन्द्रोSखिलं वपुः । एतद्धि कवचं दिव्यं भुक्ति मुक्ति प्रदायकम् ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
यः पठेच्छरुणुयाद्वापि सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ ७ ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
॥ इति श्रीब्रह्मयामले चंद्र कवचम्‌ संपूर्ण ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8 कवच श्लोक
चंद्र कवचम्‌ ॥ Om gan ganpataye namah ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
asya shrichandrakavachastotramantrasya goutam rishih । anushtup chhandah, shrichandro devta, chandraprityartham jape viniyogah । samam chaturbhujam vande keyooramukutojjvalam । vasudevasya nayanam shankarasya ch bhushanam ॥ 1 ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
evam dhyatva japennityam shashinah kavacham shubham । shashi patu shirodesham bhalam patu kalanidhih ॥ 2 ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
chakshushi chandramaah patu shruti patu nishapatih । pranam kshpakarah patu mukham kumudabandhavah ॥ 3 ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
patu kantham ch me somah skandhau jaivaa trukastatha । karau sudhakarah patu vakshah patu nishakarah ॥ 4 ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
madhyam patu surashreshthah katim patu sudhakarah ॥ 5 ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
uru tarapatih patu mruganko januni sada । abdhijah patu me janghe patu padau vidhuh sada ॥ 6 ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
sarvanyanyani changani patu chandroSkhilam vapuh । etaddhi kavacham divyam bhukti mukti pradayakam ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
yah pathecchharunuyadvapi sarvatra vijayi bhavet ॥ 7 ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8 कवच श्लोक
॥ Iti shribramayamale chandra kavacham sampurna ॥
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 9 कवच श्लोक
चंद्र कवचम्‌ जन्मकुंडली में चंद्रमा ग्रह के बने दोष, जैसे विष दोष, चन्द्र ग्रह दोष, दरिद्र दोष, केंद्रुम दोष दूर करता है। चंद्रमा के कारण बनने वाली समस्या, जैसे स्मरण शक्ति का कम होना, हमेशा मानसिक तनाव बना रहना, पेट के रोग, नींद न आना, मन का चिड़ाचिड़ापन आदि ठीक होने लगता है। यह चंद्र कवचम्‌ सभी बुरे ग्रहों के प्रभाव से रक्षा प्रदान करता हैं। ऐसा माना जाता हैं, कि चंद्र कवचम्‌ का नित्य पाठ करने से साधक की सभी प्रकार की मानसिक परेशानियाँ दूर होंने लगती हैं। चंद्र कवचम्‌ का पाठ करने के साथ यदि साधक चन्द्र ग्रह कवच धारण करता हैं, तो उसका मन शांत और चिंता मुक्त हो जाता हैं साधक के जीवन से भय, क्रोध, अकेलापन दूर होने लगता हैं। वह सुखी और आरामदायक जीवन जीने लगता हैं। चंद्र कवचम्‌ का पाठ करते समय यदि चंद्र माला धारण करके रखें, तो शिक्षा और कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त होने लगती हैं। विघार्थियों के लिए चंद्र कवचम्‌ का नित्य पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है, इससे पढ़ाई में मन लगने लगता हैं, मन एकाग्र रहता हैं, जिससे विघार्थियों को सफलता प्राप्त होती हैं। उच्च शिक्षा प्राप्ति के योग बनते हैं। यह बहुत ही लाभदायक कवच है, जो बच्चे बार-बार कहने के बाद भी पढ़ते नही है, उनके लिए यह वरदान स्वरूप है। आरती स्तोत्र चालीसा स्तुतियाँ सूक्तम् अष्टकम् सहस्त्रनाम प्रार्थना कवच शिव कवच हनुमान कवच बगलामुखी कवच भैरव कवच चंडी कवच दुर्गा कवच गुरु कवच कामख्या कवच काली कवच लक्ष्मी कवच मातंगी कवच महाविधा कवच नारायण कवच नवग्रह कवच निखिल कवच सूर्य कवच
सरल भावार्थ: चन्द्र कवच (श्लोक 9): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandra Kavach (Verse 9): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥

पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम

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सर्वोत्तम शुभ समय: सोमवार, पूर्णिमा

🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:

  1. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
  2. पूजा वेदी पर चन्द्रमा देव का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  3. हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
  4. चन्द्र कवच का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
  5. पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।

✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:

  • ✔ मानसिक तनाव, अनिद्रा, डिप्रेशन व माता के स्वास्थ्य में सुधार।
  • ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
  • ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चन्द्र कवच का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
चन्द्र कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से मानसिक तनाव, अनिद्रा, डिप्रेशन व माता के स्वास्थ्य में सुधार। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
चन्द्र कवच का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः सोमवार, पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
चन्द्र कवच का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत पद्म पुराण / मत्स्य पुराण है। इसके ऋषि गौतम ऋषि एवं देवता चन्द्रमा देव हैं।

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