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BHAKTI KI SHAKTI
🛡️ मां महाचंडी / नवदुर्गा वाराह पुराण / दुर्गा सप्तशती ऋषि: मार्कण्डेय छंद: अनुष्टुप्

चंडी कवच

Chandi Kavach

मां महाचंडी / नवदुर्गा का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। शरीर के समस्त अंगों, नौ दिशाओं और जीवन की सर्वांगीण सुरक्षा।

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॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥

चंडी कवच मूल श्लोक व भावार्थ

विनियोगः कवच श्लोक
ॐ अस्य श्रीदेव्या: कवचस्य ब्रह्मा ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द:, ख्फ्रें चामुण्डाख्या महा-लक्ष्मी: देवता, ह्रीं ह्रसौं ह्स्क्लीं ह्रीं ह्रसौं अंग-न्यस्ता देव्य: शक्तय:, ऐं ह्स्रीं ह्रक्लीं श्रीं ह्वर्युं क्ष्म्रौं स्फ्रें बीजानि, श्रीमहालक्ष्मी-प्रीतये सर्व रक्षार्थे च पाठे विनियोग:। ॥ ऋष्यादि-न्यास: ॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक विनियोगः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse विनियोगः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
विनियोगः कवच श्लोक
ब्रह्मर्षये नम: शिरसि, अनुष्टुप् छन्दसे नम: मुखे, ख्फ्रें चामुण्डाख्या महा-लक्ष्मी: देवतायै नम: हृदि, ह्रीं ह्रसौं ह्स्क्लीं ह्रीं ह्रसौं अंग-न्यस्ता देव्य: शक्तिभ्यो नम: नाभौ, ऐं ह्स्रीं ह्रक्लीं श्रीं ह्वर्युं क्ष्म्रौं स्फ्रें बीजेभ्यो नम: लिंगे, श्रीमहालक्ष्मी-प्रीतये सर्व रक्षार्थे च पाठे विनियोगाय नम: सर्वांगे। ॥ ध्यान: ॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक विनियोगः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse विनियोगः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
ॐ रक्ताम्बरा रक्तवर्णा, रक्त-सर्वांग-भूषणा । रक्तायुधा रक्त-नेत्रा, रक्त-केशाऽति-भीषणा ॥1॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
रक्त-तीक्ष्ण-नखा रक्त-रसना रक्त-दन्तिका । पतिं नारीवानुरक्ता, देवी भक्तं भजेज्जनम् ॥2॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
वसुधेव विशाला सा, सुमेरू-युगल-स्तनी । दीर्घौ लम्बावति-स्थूलौ, तावतीव मनोहरौ ॥3॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
कर्कशावति-कान्तौ तौ, सर्वानन्द-पयोनिधी । भक्तान् सम्पाययेद् देवी, सर्वकामदुघौ स्तनौ ॥4॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
खड्गं पात्रं च मुसलं, लांगलं च बिभर्ति सा । आख्याता रक्त-चामुण्डा, देवी योगेश्वरीति च ॥5॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
अनया व्याप्तमखिलं, जगत् स्थावर-जंगमम् । इमां य: पूजयेद् भक्तो, स व्याप्नोति चराचरम् ॥6॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
॥ मार्कण्डेय उवाच: ॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
ॐ यद् गुह्यं परमं लोके, सर्व-रक्षा-करं नृणाम् । यन्न कस्यचिदाख्यातं, तन्मे ब्रूहि पितामह ॥1॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
॥ ब्रह्मोवाच: ॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
ॐ अस्ति गुह्य-तमं विप्र सर्व-भूतोपकारकम् । देव्यास्तु कवचं पुण्यं, तच्छृणुष्व महामुने ॥2॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
प्रथमं शैल-पुत्रीति, द्वितीयं ब्रह्म-चारिणी । तृतीयं चण्ड-घण्टेति, कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ॥3॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
पंचमं स्कन्द-मातेति, षष्ठं कात्यायनी तथा । सप्तमं काल-रात्रीति, महागौरीति चाष्टमम् ॥4॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
नवमं सिद्धि-दात्रीति, नवदुर्गा: प्रकीर्त्तिता: । उक्तान्येतानि नामानि, ब्रह्मणैव महात्मना ॥5॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
अग्निना दह्य-मानास्तु, शत्रु-मध्य-गता रणे । विषमे दुर्गमे वाऽपि, भयार्ता: शरणं गता ॥6॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
न तेषां जायते किंचिदशुभं रण-संकटे । आपदं न च पश्यन्ति, शोक-दु:ख-भयं नहि ॥7॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8 कवच श्लोक
यैस्तु भक्त्या स्मृता नित्यं, तेषां वृद्धि: प्रजायते । प्रेत संस्था तु चामुण्डा, वाराही महिषासना ॥8॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 9 कवच श्लोक
ऐन्द्री गज-समारूढ़ा, वैष्णवी गरूड़ासना । नारसिंही महा-वीर्या, शिव-दूती महाबला ॥9॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 9): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 9): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 10 कवच श्लोक
माहेश्वरी वृषारूढ़ा, कौमारी शिखि-वाहना । ब्राह्मी हंस-समारूढ़ा, सर्वाभरण-भूषिता ॥10॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 10): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 10): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 11 कवच श्लोक
लक्ष्मी: पद्मासना देवी, पद्म-हस्ता हरिप्रिया । श्वेत-रूप-धरा देवी, ईश्वरी वृष वाहना ॥11॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 11): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 11): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 12 कवच श्लोक
इत्येता मातर: सर्वा:, सर्व-योग-समन्विता । नानाभरण-षोभाढया, नाना-रत्नोप-शोभिता: ॥12॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 12): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 12): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 13 कवच श्लोक
श्रेष्ठैष्च मौक्तिकै: सर्वा, दिव्य-हार-प्रलम्बिभि: । इन्द्र-नीलैर्महा-नीलै, पद्म-रागै: सुशोभने: ॥13॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 13): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 13): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 14 कवच श्लोक
दृष्यन्ते रथमारूढा, देव्य: क्रोध-समाकुला: । शंखं चक्रं गदां शक्तिं, हलं च मूषलायुधम् ॥14॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 14): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 14): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 15 कवच श्लोक
खेटकं तोमरं चैव, परशुं पाशमेव च । कुन्तायुधं च खड्गं च, शार्गांयुधमनुत्तमम् ॥15॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 15): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 15): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 16 कवच श्लोक
दैत्यानां देह नाशाय, भक्तानामभयाय च । धारयन्त्यायुधानीत्थं, देवानां च हिताय वै ॥16॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 16): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 16): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 17 कवच श्लोक
नमस्तेऽस्तु महारौद्रे ! महाघोर पराक्रमे ! महाबले ! महोत्साहे ! महाभय विनाशिनि ॥17॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 17): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 17): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 18 कवच श्लोक
त्राहि मां देवि दुष्प्रेक्ष्ये ! शत्रूणां भयविर्द्धनि ! प्राच्यां रक्षतु मामैन्द्री, आग्नेय्यामग्नि देवता ॥18॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 18): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 18): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 19 कवच श्लोक
दक्षिणे चैव वाराही, नैऋत्यां खड्गधारिणी । प्रतीच्यां वारूणी रक्षेद्, वायव्यां वायुदेवता ॥19॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 19): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 19): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 20 कवच श्लोक
उदीच्यां दिशि कौबेरी, ऐशान्यां शूल-धारिणी । ऊर्ध्वं ब्राह्मी च मां रक्षेदधस्ताद् वैष्णवी तथा ॥20॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 20): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 20): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 21 कवच श्लोक
एवं दश दिशो रक्षेच्चामुण्डा शव-वाहना । जया मामग्रत: पातु, विजया पातु पृष्ठत: ॥21॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 21): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 21): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 22 कवच श्लोक
अजिता वाम पार्श्वे तु, दक्षिणे चापराजिता । शिखां मे द्योतिनी रक्षेदुमा मूर्ध्नि व्यवस्थिता ॥22॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 22): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 22): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 23 कवच श्लोक
मालाधरी ललाटे च, भ्रुवोर्मध्ये यशस्विनी । नेत्रायोश्चित्र-नेत्रा च, यमघण्टा तु पार्श्वके ॥23॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 23): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 23): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 24 कवच श्लोक
शंखिनी चक्षुषोर्मध्ये, श्रोत्रयोर्द्वार-वासिनी । कपोलौ कालिका रक्षेत्, कर्ण-मूले च शंकरी ॥24॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 24): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 24): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 25 कवच श्लोक
नासिकायां सुगन्धा च, उत्तरौष्ठे च चर्चिका । अधरे चामृत-कला, जिह्वायां च सरस्वती ॥25॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 25): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 25): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 26 कवच श्लोक
दन्तान् रक्षतु कौमारी, कण्ठ-मध्ये तु चण्डिका । घण्टिकां चित्र-घण्टा च, महामाया च तालुके ॥26॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 26): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 26): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 27 कवच श्लोक
कामाख्यां चिबुकं रक्षेद्, वाचं मे सर्व-मंगला । ग्रीवायां भद्रकाली च, पृष्ठ-वंशे धनुर्द्धरी ॥27॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 27): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 27): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 28 कवच श्लोक
नील-ग्रीवा बहि:-कण्ठे, नलिकां नल-कूबरी । स्कन्धयो: खडि्गनी रक्षेद्, बाहू मे वज्र-धारिणी ॥28॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 28): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 28): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 29 कवच श्लोक
हस्तयोर्दण्डिनी रक्षेदिम्बका चांगुलीषु च । नखान् सुरेश्वरी रक्षेत्, कुक्षौ रक्षेन्नरेश्वरी ॥29॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 29): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 29): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 30 कवच श्लोक
स्तनौ रक्षेन्महादेवी, मन:-शोक-विनाशिनी । हृदये ललिता देवी, उदरे शूल-धारिणी ॥30॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 30): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 30): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 31 कवच श्लोक
नाभौ च कामिनी रक्षेद्, गुह्यं गुह्येश्वरी तथा । मेढ्रं रक्षतु दुर्गन्धा, पायुं मे गुह्य-वासिनी ॥31॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 31): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 31): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 32 कवच श्लोक
कट्यां भगवती रक्षेदूरू मे घन-वासिनी । जंगे महाबला रक्षेज्जानू माधव नायिका ॥32॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 32): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 32): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 33 कवच श्लोक
गुल्फयोर्नारसिंही च, पाद-पृष्ठे च कौशिकी । पादांगुली: श्रीधरी च, तलं पाताल-वासिनी ॥33॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 33): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 33): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 34 कवच श्लोक
नखान् दंष्ट्रा कराली च, केशांश्वोर्ध्व-केशिनी । रोम-कूपानि कौमारी, त्वचं योगेश्वरी तथा ॥34॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 34): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 34): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 35 कवच श्लोक
रक्तं मांसं वसां मज्जामस्थि मेदश्च पार्वती । अन्त्राणि काल-रात्रि च, पितं च मुकुटेश्वरी ॥35॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 35): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 35): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 36 कवच श्लोक
पद्मावती पद्म-कोषे, कक्षे चूडा-मणिस्तथा । ज्वाला-मुखी नख-ज्वालामभेद्या सर्व-सन्धिषु ॥36॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 36): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 36): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 37 कवच श्लोक
शुक्रं ब्रह्माणी मे रक्षेच्छायां छत्रेश्वरी तथा । अहंकारं मनो बुद्धिं, रक्षेन्मे धर्म-धारिणी ॥37॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 37): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 37): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 38 कवच श्लोक
प्राणापानौ तथा व्यानमुदानं च समानकम् । वज्र-हस्ता तु मे रक्षेत्, प्राणान् कल्याण-शोभना ॥38॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 38): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 38): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 39 कवच श्लोक
रसे रूपे च गन्धे च, शब्दे स्पर्शे च योगिनी । सत्वं रजस्तमश्चैव, रक्षेन्नारायणी सदा ॥39॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 39): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 39): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 40 कवच श्लोक
आयू रक्षतु वाराही, धर्मं रक्षन्तु मातर: । यश: कीर्तिं च लक्ष्मीं च, सदा रक्षतु वैष्णवी ॥40॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 40): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 40): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 41 कवच श्लोक
गोत्रमिन्द्राणी मे रक्षेत्, पशून् रक्षेच्च चण्डिका । पुत्रान् रक्षेन्महा-लक्ष्मीर्भार्यां रक्षतु भैरवी ॥41॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 41): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 41): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 42 कवच श्लोक
धनं धनेश्वरी रक्षेत्, कौमारी कन्यकां तथा । पन्थानं सुपथा रक्षेन्मार्गं क्षेमंकरी तथा ॥42॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 42): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 42): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 43 कवच श्लोक
राजद्वारे महा-लक्ष्मी, विजया सर्वत: स्थिता । रक्षेन्मे सर्व-गात्राणि, दुर्गा दुर्गाप-हारिणी ॥43॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 43): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 43): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 44 कवच श्लोक
रक्षा-हीनं तु यत् स्थानं, वर्जितं कवचेन च । सर्वं रक्षतु मे देवी, जयन्ती पाप-नाशिनी ॥44॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 44): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 44): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 45 कवच श्लोक
॥ फल-श्रुति: ॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 45): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 45): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 45 कवच श्लोक
सर्वरक्षाकरं पुण्यं, कवचं सर्वदा जपेत् । इदं रहस्यं विप्रर्षे ! भक्त्या तव मयोदितम् ॥45॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 45): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 45): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 46 कवच श्लोक
देव्यास्तु कवचेनैवमरक्षित-तनु: सुधी: । पदमेकं न गच्छेत् तु, यदीच्छेच्छुभमात्मन: ॥46॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 46): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 46): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 48 कवच श्लोक
कवचेनावृतो नित्यं, यत्र यत्रैव गच्छति । यं यं चिन्तयते कामं, तं तं प्राप्नोति निश्चितम् । परमैश्वर्यमतुलं प्राप्नोत्यविकल: पुमान् ॥48॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 48): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 48): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 49 कवच श्लोक
निर्भयो जायते मर्त्य:, संग्रामेष्वपराजित: । त्रैलोक्ये च भवेत् पूज्य:, कवचेनावृत: पुमान् ॥49॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 49): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 49): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 50 कवच श्लोक
इदं तु देव्या: कवचं, देवानामपि दुर्लभम् । य: पठेत् प्रयतो नित्यं, त्रि-सन्ध्यं श्रद्धयान्वित: ॥50॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 50): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 50): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 51 कवच श्लोक
देवी वश्या भवेत् तस्य, त्रैलोक्ये चापराजित: । जीवेद् वर्ष-शतं साग्रमप-मृत्यु-विवर्जित: ॥51॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 51): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 51): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 52 कवच श्लोक
नश्यन्ति व्याधय: सर्वे, लूता-विस्फोटकादय: । स्थावरं जंगमं वापि, कृत्रिमं वापि यद् विषम् ॥52॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 52): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 52): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 53 कवच श्लोक
अभिचाराणि सर्वाणि, मन्त्र-यन्त्राणि भू-तले । भूचरा: खेचराश्चैव, कुलजाश्चोपदेशजा: ॥53॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 53): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 53): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 54 कवच श्लोक
सहजा: कुलिका नागा, डाकिनी शाकिनी तथा । अन्तरीक्ष-चरा घोरा, डाकिन्यश्च महा-रवा: ॥54॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 54): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 54): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 55 कवच श्लोक
ग्रह-भूत-पिशाचाश्च, यक्ष-गन्धर्व-राक्षसा: । ब्रह्म-राक्षस-वेताला:, कूष्माण्डा भैरवादय: ॥55॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 55): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 55): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 56 कवच श्लोक
नष्यन्ति दर्शनात् तस्य, कवचेनावृता हि य: । मानोन्नतिर्भवेद् राज्ञस्तेजो-वृद्धि: परा भवेत् ॥56॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 56): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 56): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 57 कवच श्लोक
यशो-वृद्धिर्भवेद् पुंसां, कीर्ति-वृद्धिश्च जायते । तस्माज्जपेत् सदा भक्तया, कवचं कामदं मुने ॥57॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 57): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 57): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 58 कवच श्लोक
जपेत् सप्तशतीं चण्डीं, कृत्वा तु कवचं पुर: । निर्विघ्नेन भवेत् सिद्धिश्चण्डी-जप-समुद्भवा ॥58॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 58): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 58): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 59 कवच श्लोक
यावद् भू-मण्डलं धत्ते ! स-शैल-वन-काननम् । तावत् तिष्ठति मेदिन्यां, जप-कर्तुर्हि सन्तति: ॥59॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 59): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 59): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 60 कवच श्लोक
देहान्ते परमं स्थानं, यत् सुरैरपि दुर्लभम् । सम्प्राप्नोति मनुष्योऽसौ, महा-माया-प्रसादत: ॥60॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 60): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 60): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 61 कवच श्लोक
तत्र गच्छति भक्तोऽसौ, पुनरागमनं न हि । लभते परमं स्थानं, शिवेन सह मोदते ॐॐॐ ॥61॥
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक 61): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse 61): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
इति देव्या कवचम् सम्पूर्णं
सरल भावार्थ: चंडी कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Chandi Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥

पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम

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सर्वोत्तम शुभ समय: प्रतिदिन, नवरात्रि, अष्टमी

🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:

  1. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
  2. पूजा वेदी पर मां महाचंडी / नवदुर्गा का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  3. हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
  4. चंडी कवच का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
  5. पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।

✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:

  • ✔ शरीर के समस्त अंगों, नौ दिशाओं और जीवन की सर्वांगीण सुरक्षा।
  • ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
  • ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडी कवच का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
चंडी कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से शरीर के समस्त अंगों, नौ दिशाओं और जीवन की सर्वांगीण सुरक्षा। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
चंडी कवच का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः प्रतिदिन, नवरात्रि, अष्टमी के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
चंडी कवच का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत वाराह पुराण / दुर्गा सप्तशती है। इसके ऋषि मार्कण्डेय एवं देवता मां महाचंडी / नवदुर्गा हैं।

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