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BHAKTI KI SHAKTI
🛡️ बुध ग्रह देव ब्रह्मवैवर्त पुराण ऋषि: कश्यप ऋषि छंद: अनुष्टुप्

बुध कवच

Budh Kavach

बुध ग्रह देव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। कुशाग्र बुद्धि, व्यापारिक उन्नति, वाणी माधुर्य व त्वचा रोगों का शमन।

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॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥

बुध कवच मूल श्लोक व भावार्थ

विनियोगः कवच श्लोक
अनुष्टुप् छंदः, बुधो देवता, बुधप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः । अथ बुध कवचम् बुधस्तु पुस्तकधरः कुंकुमस्य समद्युतिः । पीतांबरधरः पातु पीतमाल्यानुलेपनः ॥ 1 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक विनियोगः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse विनियोगः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
कटिं च पातु मे सौम्यः शिरोदेशं बुधस्तथा । नेत्रे ज्ञानमयः पातु श्रोत्रे पातु निशाप्रियः ॥ 2 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
घ्राणं गंधप्रियः पातु जिह्वां विद्याप्रदो मम । कंठं पातु विधोः पुत्रो भुजौ पुस्तकभूषणः ॥ 3 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
वक्षः पातु वरांगश्च हृदयं रोहिणीसुतः । नाभिं पातु सुराराध्यो मध्यं पातु खगेश्वरः ॥ 4 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
जानुनी रौहिणेयश्च पातु जंघे??उखिलप्रदः । पादौ मे बोधनः पातु पातु सौम्यो??उखिलं वपुः ॥ 5 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
फलश्रुतिः कवच श्लोक
अथ फलश्रुतिः एतद्धि कवचं दिव्यं सर्वपापप्रणाशनम् । सर्वरोगप्रशमनं सर्वदुःखनिवारणम् ॥ 6 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक फलश्रुतिः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse फलश्रुतिः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
आयुरारोग्यशुभदं पुत्रपौत्रप्रवर्धनम् । यः पठेच्छृणुयाद्वापि सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ 7 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
॥ इति श्रीब्रह्मवैवर्तपुराणे बुध ग्रह कवचम् संपूर्णम् ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
बुध ग्रह कवचम् budhastu pustakdharah kunkumasya samadyutih । pitambaradharah patu pitamalyanulepanah ॥ 1 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
katim ch patu me saumyah shirodesham budhastatha । netre dnyanamayah patu shrotre patu nishapriyah ॥ 2 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
ghranam gandhapriyah patu jihvaam vidyaprado mam । kantham patu vidhoh putro bhujau pustakbhushanah ॥ 3 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
vakshah patu varangasch hridayam rohinisutah । nabhim patu suraradhyo madhyam patu khageshvarah ॥ 4 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
januni rauhineyasch patu janghe??ukhilapradah । padau me bodhanah patu patu saumyo??ukhilam vapuh ॥ 5 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
etaddhi kavacham divyam sarvapapapranashanam । sarvarogaprashamanam sarvaduhkhanivaranam ॥ 6 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
aayurarogyashubhadam putrapautrapravardhanam । yah pathecchhanuyadvapi sarvatra vijayi bhavet ॥ 7 ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8 कवच श्लोक
॥ Iti shribramavaivartapurane budha kavacham sampurnam ॥
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 9 कवच श्लोक
बुध ग्रह का संबंध किसी व्यक्ति की बुद्धि और तर्क से हैं, बुध कवच ज्ञान और तर्क क्षमता का विकास करने में सहायक माना जाता हैं। इस कवच का पाठ करने से व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता और समझ बेहतर होती हैं। यदि आपके बच्चे का काफी समय से पढ़ाई में मन नही लग रहा हैं, बार-बार मन में गलत विचार आ रहे हैं, मन को एकाग्र करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा हैं, जिस कारण परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं, बार-बार असफलता मिल रही हैं, तो ऐसे में, आपके बच्चे को बुध ग्रह कवचम् का पाठ अवश्य करना चाहिए। इस पाठ को करने से पढ़ाई में मन लगने लगता हैं, फोकस करने की क्षमता बढ़ती हैं, शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धि प्राप्त होती हैं ज्ञान की कमी होने के कारण इंटरव्यू में बार-बार असफलता प्राप्त हो रही हैं, जिस कारण नौकरी मिलने में बहुत अधिक देरी का सामना करना पड़ रहा हैं, ऐसी स्थिति में, यदि आप बुध कवचम् का पाठ करने के साथ बुध यंत्र कवच धारण करते हैं, तो आपके ज्ञान में वृद्धि होने लगती हैं, इंटरव्यू में सफलता प्राप्त होती हैं, अच्छी नौकरी मिलने के योग बनने लगते हैं। ऐसे बच्चे जो अच्छा करियर बनाना चाहते हैं और अपने जीवन में शीघ्र ही सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें नित्य पूजा में बुध ग्रह कवचम् का पाठ अवश्य करना चाहिये। आरती स्तोत्र चालीसा स्तुतियाँ सूक्तम् अष्टकम् सहस्त्रनाम प्रार्थना कवच शिव कवच हनुमान कवच बगलामुखी कवच भैरव कवच चंडी कवच दुर्गा कवच गुरु कवच कामख्या कवच काली कवच लक्ष्मी कवच मातंगी कवच महाविधा कवच नारायण कवच नवग्रह कवच निखिल कवच सूर्य कवच
सरल भावार्थ: बुध कवच (श्लोक 9): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Budh Kavach (Verse 9): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥

पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम

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सर्वोत्तम शुभ समय: बुधवार

🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:

  1. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
  2. पूजा वेदी पर बुध ग्रह देव का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  3. हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
  4. बुध कवच का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
  5. पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।

✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:

  • ✔ कुशाग्र बुद्धि, व्यापारिक उन्नति, वाणी माधुर्य व त्वचा रोगों का शमन।
  • ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
  • ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुध कवच का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
बुध कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से कुशाग्र बुद्धि, व्यापारिक उन्नति, वाणी माधुर्य व त्वचा रोगों का शमन। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
बुध कवच का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः बुधवार के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
बुध कवच का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत ब्रह्मवैवर्त पुराण है। इसके ऋषि कश्यप ऋषि एवं देवता बुध ग्रह देव हैं।

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