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BHAKTI KI SHAKTI
📜 भगवान दत्तात्रेय (गुरुदेव) • 9 श्लोक

दत्तात्रेयाष्टकम्

ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संयुक्त अवतार परम अवधूत भगवान दत्तात्रेय की स्तुति का यह अष्टक साधक को समस्त गुरु-दोषों, पितृ-दोषों और मानसिक विकारों से मुक्त कर आत्मज्ञान प्रदान करता है।

रचयिता महर्षि परंपरा / पद्म पुराण
स्रोत / ग्रन्थ पद्म पुराण व अवधूत गीता साहित्य
छन्द अनुष्टुप छन्द
शुभ दिन / मुहूर्त गुरुवार, दत्तात्रेय जयंती, पूर्णिमा
श्लोक 1 ॥ श्री ॥
जटाधरं पाण्डुरङ्गं शूलहस्तं कृपानिधिम् । सर्वभूतहितैषीं तं दत्तात्रेयं नमाम्यहम् ॥ १ ॥
हिंदी भावार्थ: जटा धारण करने वाले, पाण्डुरंग (शुभ्र कान्ति वाले), हाथ में त्रिशूल लिए, करुणा के भंडार और समस्त प्राणियों का कल्याण चाहने वाले भगवान दत्तात्रेय को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Translation: Bearer of matted hair, fair-complexioned, holding the trident in hand, ocean of compassion, well-wisher of all living beings, to Lord Dattatreya I bow.
श्लोक 2 ॥ श्री ॥
अनुसूयासुतं देवं अत्रिनेत्रसमुद्भवम् । त्रिमूर्तिरूपं शान्तात्मानं दत्तात्रेयं नमाम्यहम् ॥ २ ॥
हिंदी भावार्थ: माता अनसूया के पुत्र, महर्षि अत्रि के नेत्रों के तेज से प्रकट, ब्रह्मा-विष्णु-महेश तीनों रूपों में एक और परम शांत स्वरूप दत्तात्रेय को मैं नमन करता हूँ।
English Translation: Son of Mother Anasuya, born of the spiritual luster of sage Atri's eyes, embodiment of the Holy Trinity, deeply peaceful, to Lord Dattatreya I bow.
श्लोक 3 ॥ श्री ॥
अवधूतं दिगम्बरं बालमुन्मत्तवच्चरम् । सर्वसङ्गपरित्यागं दत्तात्रेयं नमाम्यहम् ॥ ३ ॥
हिंदी भावार्थ: परम अवधूत, दिशाओं को वस्त्र बनाने वाले (दिगम्बर), बालक और उन्मत्त की भांति संसार में विचरण करने वाले और समस्त आसक्तियों को त्यागने वाले दत्तात्रेय को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Translation: Supreme Avadhuta, clad in cosmic space (Digambara), wandering like an innocent child or divine ecstatic, free from all attachments, to Lord Dattatreya I bow.
श्लोक 4 ॥ श्री ॥
योगिध्येयं महात्मानं ज्ञानवैराग्यसागरम् । भक्तरक्षणदीक्षितं दत्तात्रेयं नमाम्यहम् ॥ ४ ॥
हिंदी भावार्थ: योगियों के ध्यान में आने वाले महात्मा, ज्ञान और वैराग्य के अगाध सागर तथा भक्तों की रक्षा में सदा तत्पर रहने वाले भगवान दत्तात्रेय को मैं नमन करता हूँ।
English Translation: Meditation object of yogis, exalted soul, boundless ocean of knowledge and detachment, ever committed to protecting devotees, to Lord Dattatreya I bow.
श्लोक 5 ॥ श्री ॥
स्मरणात् सर्वपापघ्नं दर्शनात् सर्वकामदम् । वन्दनात् सर्वसिद्धिदं दत्तात्रेयं नमाम्यहम् ॥ ५ ॥
हिंदी भावार्थ: जिनके स्मरण मात्र से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं, दर्शन से सभी कामनाएं पूर्ण होती हैं और वन्दना करने से सर्व सिद्धियां प्राप्त होती हैं, उन दत्तात्रेय को मैं नमन करता हूँ।
English Translation: Whose mere remembrance dissolves all sins, whose vision fulfills all desires, and whose adoration bestows all spiritual perfections, to Lord Dattatreya I bow.
श्लोक 6 ॥ श्री ॥
कामक्रोधविहीनं तं समदृष्टिं दयानिधिम् । सर्ववेदान्ततत्त्वज्ञं दत्तात्रेयं नमाम्यहम् ॥ ६ ॥
हिंदी भावार्थ: काम और क्रोध से सर्वथा रहित, समदर्शी, दया के भंडार और समस्त वेदों व उपनिषदों के परम तत्त्व के ज्ञाता भगवान दत्तात्रेय को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Translation: Free from lust and anger, viewing all creation with equal vision, treasure of mercy, Knower of the supreme truth of Vedanta, to Lord Dattatreya I bow.
श्लोक 7 ॥ श्री ॥
औदुम्बरवृक्षवासं कामधेनुसमाश्रितम् । चारुवेदानुगातारं दत्तात्रेयं नमाम्यहम् ॥ ७ ॥
हिंदी भावार्थ: औदुम्बर (गूलर) वृक्ष के नीचे निवास करने वाले, कामधेनु और चार वेदरूपी श्वान जिनके साथ रहते हैं, उन वेदों का गान करने वाले दत्तात्रेय को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Translation: Dwelling beneath the holy Audumbara tree, accompanied by Kamadhenu and the four dogs embodying the Vedas, singing divine wisdom, to Lord Dattatreya I bow.
श्लोक 8 ॥ श्री ॥
दीनानाथशरण्यं तं भवसागरतारकम् । सद्गुरुं सर्वदेवेशं दत्तात्रेयं नमाम्यहम् ॥ ८ ॥
हिंदी भावार्थ: दीन और अनाथों के परम आश्रय, संसार-सागर से पार उतारने वाले नौका स्वरूप, समस्त देवों के स्वामी परम सद्गुरु दत्तात्रेय को मैं साष्टांग नमन करता हूँ।
English Translation: Supreme refuge of the humble and helpless, ferryman across the ocean of worldly existence, True Master and Lord of all celestials, to Dattatreya I bow.
फलश्रुति 9 ॥ श्री ॥
दत्तात्रेयाष्टकमिदं यः पठेद्भक्तितत्परः । सर्वान् कामानवाप्नोति गुरुसायुज्यमाप्नुयात् ॥ ९ ॥
हिंदी भावार्थ: जो मनुष्य भक्तिभाव से इस दत्तात्रेयाष्टकम् का पाठ करता है, वह समस्त सांसारिक मनोकामनाओं को प्राप्त कर अंत में सद्गुरु के चरणों में सायुज्य मोक्ष पाता है।
English Translation: Whoever devoutly recites this Dattatreya Ashtakam realizes all heartfelt desires and ultimately merges into oneness with the Supreme Master.
✨ समाप्ति
।। इति श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यश्रीवासुदेवानन्दसरस्वतीविरचितं श्रीदत्तात्रेयाष्टकं सम्पूर्णम् ।।

🪔 प्रामाणिक पाठ विधि एवं नियम

  • 1 गुरुवार को प्रातः स्नान कर स्वच्छ पीले या गेरुए वस्त्र धारण करें।
  • 2 भगवान दत्तात्रेय या औदुम्बर (गूलर) वृक्ष के पास घी का दीपक प्रज्वलित करें।
  • 3 चंदन, पीले पुष्प और पंचामृत का भोग लगाएं।
  • 4 शांतचित्त होकर दत्तात्रेयाष्टकम् का पाठ करें।

✨ फलश्रुति एवं अलौकिक लाभ

  • ✔ कुंडली में गुरु चांडाल दोष और पितृ दोष की शांति।
  • ✔ मानसिक चंचलता, भ्रम और अनिद्रा का निवारण।
  • ✔ आध्यात्मिक योग सिद्धि, अवधूत चेतना और आत्मज्ञान का उदय।
🗓️ शुभ वार व मुहूर्त: गुरुवार, दत्तात्रेय जयंती, पूर्णिमा