BHAKTI KI SHAKTI
☀️ नवग्रह देवता: Lord Surya (दिवाकर / आदित्य)

सूर्य देव (Surya) मंत्र

Lord Surya (दिवाकर / आदित्य) के दिव्य नाद ब्रह्म का आश्रय लें। कुंडली के अशुभ दोषों का निवारण करें, आत्मबल व समृद्धि पाएं और 108 माला जप के माध्यम से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें।

🗓️ Day: Sunday (रविवार) ⏰ Timing: Early morning at sunrise (सूर्योदय काल) 🧭 Direction: East (पूर्व दिशा - Facing rising sun) 💎 Gemstone: Ruby (माणिक्य)
📿 डिजिटल साधना टूल

सूर्य देव (Surya) हेतु 108 माला जाप काउंटर

प्रत्येक मंत्र जाप के साथ मनका घुमाएं या टैप करें। इसमें 528Hz पावन घंटी की ध्वनि, कंपन और स्वतः माला गणना की सुविधा है।

सूर्य देव (Surya) के मुख्य व प्रभावशाली मंत्र

सर्वोपरि तांत्रोक्त बीज मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥

हिंदी भावार्थ: ब्रह्मांडीय बीज ध्वनियों ह्रां, ह्रीं, ह्रौं के साथ जगत् प्रकाशक भगवान सूर्य को सादर नमन।

सूर्य देव (Surya) गायत्री मंत्र

ॐ आदित्याय विद्महे मार्तण्डाय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्॥

आध्यात्मिक महत्व: हम अदिति के पुत्र का साक्षात्कार करें, मार्तण्ड का ध्यान करें। भगवान सूर्य हमारी बुद्धि को सत्य के मार्ग पर प्रेरित करें।

पौराणिक ध्यान श्लोक (नवग्रह स्तोत्र)

जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् । तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ॥

अर्थ व स्तुति: गुड़हल के फूल जैसे लाल कांतिवान, कश्यप ऋषि के तेजस्वी पुत्र, अंधकार के शत्रु और सब पापों को हरने वाले दिवाकर को मैं नमन करता हूँ।

Surya Namaskar 12 Mantras (द्वादश नाम मंत्र)

ॐ मित्राय नमः, ॐ रवये नमः, ॐ सूर्याय नमः, ॐ भानवे नमः, ॐ खगाय नमः, ॐ पूष्णे नमः, ॐ हिरण्यगर्भाय नमः, ॐ मरीचये नमः, ॐ आदित्याय नमः, ॐ सवित्रे नमः, ॐ अर्काय नमः, ॐ भास्कराय नमः॥

Simple Surya Shanti Mantra (सरल सूर्य मंत्र)

ॐ घृणिः सूर्याय नमः॥

सूर्य देव (Surya) मंत्र जाप की प्रामाणिक विधि व नियम

📿 जप की माला

Rudraksha Mala (रुद्राक्ष माला) or Red Sandalwood (रक्त चंदन)

🎯 कुल संकल्प संख्या

कुल 7,000 जप (40 दिन मंडल साधना) या प्रतिदिन 108 बार

🧭 मुख की दिशा

East (पूर्व दिशा - Facing rising sun)

🌸 पूजन सामग्री व नैवेद्य

Copper vessel with pure water, red vermillion (kumkum), red flowers (gudhal), and akshat.

दैनिक जाप की चरणबद्ध प्रक्रिया

  1. स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें और स्वच्छ आसन पर बैठें।
  2. उपयुक्त दिशा में मुख करके दीप प्रज्वलित करें और आचमन करें।
  3. हाथ में जल लेकर संकल्प लें कि आप किस मनोरथ या ग्रह शांति हेतु यह जप कर रहे हैं।
  4. माला को अनामिका या मध्यमा व अंगूठे के सहयोग से चलाएं, सुमेरु मनके का उल्लंघन न करें।
  5. नियमित रूप से एक ही समय पर प्रतिदिन न्यूनतम 108 बार जाप 40 दिनों तक करें।

सूर्य देव (Surya) मंत्र से मिलने वाले ज्योतिषीय व स्वास्थ्य लाभ

✓ कुंडली में नीचस्थ या पीड़ित सूर्य का दोष दूर करता है और पितृ दोष की शांति करता है।
✓ आत्मविश्वास, प्रशासनिक क्षमता, सरकारी नौकरी व सामाजिक सम्मान में तीव्र वृद्धि।
✓ नेत्र ज्योति, हृदय स्वास्थ्य, रीढ़ की हड्डी व शारीरिक ओज-तेज में चमत्कारी सुधार।
✓ पिता, वरिष्ठ अधिकारियों व कुल-बुजुर्गों के साथ संबंधों को सौहार्दपूर्ण बनाता है।

अन्य नवग्रह मंत्रों के दर्शन करें (Visit Here)

← संपूर्ण मंत्र संग्रह पर जाएं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

What is the most auspicious time to chant Surya Mantra? ▼

The ideal time is Brahma Muhurta or at the precise moment of sunrise on Sunday mornings, facing East while offering Arghya with a copper lota.

How many times should Surya Mantra be chanted? ▼

For daily spiritual practice, 108 chants (1 mala) is recommended. For complete planetary pacification (Anushthan), the scriptures prescribe 7,000 chants completed within 40 days.

Can anyone chant Surya Beej Mantra? ▼

Yes, anyone seeking mental clarity, vitality, career growth, or relief from weak Sun placement in their birth chart can chant it with purity and reverence.