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माता वैष्णो देवी यात्रा - Vaishno Devi Yatra

Vaishno Devi ki yatra || माता वैष्णो देवी यात्रा ||


माता वैष्णो देवी मंदिर जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित है और यह हिंदू धर्म का एक पवित्र स्थान है । 

मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव को आपके साथ साझा करने जा रहा हूं और आशा करता हूं कि यह आपकी पवित्र स्थान पर अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद करेगा।


जय माता दी
जय माता दी 




    माता वैष्णो देवी मंदिर जम्मू एवं कश्मीर में हिमालय के त्रिकुट पहाड़ियों में स्थित है। 

    माता वैष्णो देवी भवन के नजदीक में सबसे नज़दीकी शहर कटरा है और जम्मू और कश्मीर राज्य के रियासी जिले के अंतर्गत आते हैं। 

    आप को कटरा होकर ही माता वैष्णो देवी के दरबार जाना पड़ेगा ! 

    यह शहर माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेस कैंप माना जाता है ! 

    आप की यात्रा कटरा से ही शुरू होती है जो माता वैष्णो देवी की भवन तक ले जाती और बापिस आपको कटरा आना पड़ता है ।

    माता वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर काटरा के बस स्टैंड / रेलवे स्टेशन से करीब 13.75 किमी की दूरी पर स्थित है। 

    हेलीकॉप्टर सेवा भी कटरा से संजी छत तक उपलब्ध है जो मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। कृपया ध्यान दें कि हेलीकॉप्टर सेवा केवल साफ मौसम में उपलब्ध है।

    आप यात्रा का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नई करवा सकते है | 

    इस से आपका समय बी बचेगा और लम्बी लाइन्स में नहीं लगना पड़ेगा | 

    होटल का ट्रेवल डेस्क आपकी इस काम में मदद कर सकता है , आपको अपना एक आइडेंटिटी प्रूफ देना होगा !

    आप की यात्रा दर्शिनी दरवाज़े से शुरू होगी , यह यात्रा को आरम्भ करने का मुख्या द्वार है |


    यहाँ एक चेक पोस्ट है , यहाँ पर आपकी यात्रा पर्ची की यांच होगी और सामान बी चेक होगा ! 

    कृपया नोट कर ले अगर आपके पास लैपटॉप,टेबलेट या कोई और बस्तु है जैसे धूम्रपान,खैनी , गुटखा ,बीड़ी ,सिग्रेटे , माचिस या लिक्विर ऐसी चीज़े सख्त मना है ! 

    कृपया ऐसी चीज़े अपने साथ न ले जाये !

    दर्शिनी दरवाज़ा वैष्णो देवी कटरा से आपकी यात्रा शुरू होती है

    दर्शिनी दरवाज़ा वैष्णो देवी कटरा 



    इसके बाद बाणगंगा का बाजार शुरू हो जाता है | आप यात्रा के लिए लाठी ले सकते है जो आपको यात्रा के दौरान आपको चढ़ने में सहायक होगी | 

    यहाँ से ये मात्र आपको २० रुपये में मिलेगी और यात्रा ख़तम करने पर अगर आप बापिस कर देते है तो आपको १० रुपये बापिस मिल जायेंगे ! 

    इसी जगह पर आपको टी सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार जी द्वारा प्रायोजिक लंगर मिल जायेगा ! यह लंगर निशुल्क भोजन और चाय जलपान की ब्यबस्था कर रहा है !
    baan ganga katra

    बाण गंगा वैष्णो देवी कटरा 


    इस चेक पॉइंट के आगे आपको बाणगंगा का चेक पॉइंट है ! यहाँ पर आप बाणगंगा में सनान कर सकते है, लोग अपने बच्चों का मुंडन बी यहाँ करवाते है ! 

    आप यहाँ से अपने लिए घोडा , पालकी , छोटे बच्चो के लिए पिटठू या सामान के लिए पिटठू कर सकते है ! 

    इन सब सर्विसेज का रेट श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कण्ट्रोल करता है | यहाँ श्राइन बोर्ड की तरफ से बुकिंग काउंटर बी है आप वहाँ से बी बुक कर सकते है !

    बाण गंगा
    बाण गंगा वैष्णो देवी कटरा 


    इसके आगे आपको बाणगंगा चेक पॉइंट पर यात्रा पर्ची चेक करवानी होगी , जिन यात्रियों ने ऑनलाइन यात्रा पर्ची ली है वो बी यहाँ अपनी यात्रा पर्ची चेक करवाएंगे ! 

    आपकी माता वैष्णो देवी के भवन की यात्रा होती है अब थोड़ी चढाई पर होगी | रस्ते के दोनों तरफ आपको दुकाने मिल जाएगी , यहाँ आप चाय कॉफ़ी , जलपान , खाना या थोड़ी देर बिश्राम कर आगे बढ़ सकते है !

    आगे चलने पर आपको माता वैष्णो देवी यात्रा का पहला चरण चरणपादुका मंदिर है | मान्यता है की यहाँ माता के चरणों के निशान है | 

    भक्त यहाँ रूककर माता के चरणों के दर्शन करके और उनके चरणामृत का प्रशाद लेकर आगे अपनी यात्रा की तरफ बढ़ते है ।


    आगे चलते हुए आपको माता के जयकारे आप को सुनाई देने लगेंगे , यह जय जय कार माता के भक्त अर्द्धक्वारि मंदिर में लगा रहे होते है | श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से रस्ते पर जगह जगह स्पीकर लगाए हुए जिसमे 24 घंटे माता के भजन चलते रहता है और बीच में जरुरी सुचना भी यात्रिओ को दी जाती है |

    माता अर्द्धकुवारी मंदिर को गर्भ जून मंदिर कहा जाता है , यह मंदिर एक प्राचीन गुफा में है | 

    मंदिर के अन्दर कोई भी मूर्ति नहीं है|आपको बस रेंगते हुए इस गर्भ गुफा से गुजरना होता है | 

    मान्यता की जब भैरोनाथ माता वैष्णो देवी का पीछा कर रहा था तो माता वैष्णवी इस गुफा में 9 महीने गुजरे थे | जिस प्रकार बच्चा पैदा होने से पहले माँ के गर्भ में 9 महीने रहता है , माँ भी यहाँ रही थी |

    चरण पादुका

     प्रथम दर्शन चरण पादुका वैष्णो देवी कटरा 



    यहाँ पर रहने के लिए श्राइन बोर्ड की तरफ से ठहरने के लिए आपको मिल जायेंगे | 

    यह आपको श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर एडवांस बुकिंग करनी होगी | 

    आप श्राइन बोर्ड की तरफ से बनाये गए बड़े हाल में रुक सकते है | आपको ठहरने के लिए कम्बल मिल जायेंगे | 

    कम्बल आपको ब्लैंकेट स्टोर से लेने होंगे | आपको सिक्योरिटी के लिए हर कम्बल पर 100 रुपये देना होगा | 

    यह पैसा आपको बापिस मिल जाता है जैसे ही आप अपने कम्बल ब्लैंकेट स्टोर में जमा करवा देते है |

    यहाँ पर श्राइन बोर्ड की तरफ से भोजनालय भी है | जो की फिक्स्ड मेनू पर काम करते है और सस्ता खाना आपको उपलब्ध करवाया जाता है ! 

    यहाँ पर कुछ और खाने के ढाबे भी है आप यहाँ भी खाना खा सकते है ! अर्ध कुंवारी भवन के प्रांगण से एक नया रास्ता माता वैष्णो देवी के मंदिर तक बनाया गया है | 

    यह रास्ता पुराने रस्ते के मुकाबले ज़्यादा समतल और सुखद है | इस रस्ते पर घोड़े वालो को जाने की इज़ाज़त नहीं है | 

    यह नया रास्ता सिर्फ पैदल यात्रिओ के लिए बनाया गया है | इस रस्ते पर आपको बीच बीच में चाय कॉफ़ी की दुकाने मिल जाएँगी जो की श्राइन बोर्ड की तरफ से लगाई गयी है |

    ardhkunwari gufa

    अर्धकुंवारी गुफा  



    माता के भवन के कुछ किलोमीटर्स दूर यह रास्ता थोड़ा कठिन हो जाता है | चढाई शुरू हो जाती है , यह एक ३ किलोमीटर की चढाई है और यहाँ से चढाई ख़तम होती है वो बड़ा सुखद एहसास होता है | 

    आपको माता वैष्णो देवी का भवन सामने चमकता हुआ देता है | दुधिआ रौशनी में नहाया हुआ , ऊँचे पहाड़ो के बीच , हर रंग से रंगा यह माँ वैष्णवी देवी का भवन है | 

    अब आप पुरे जोश से सराबोर हो जाते है , आपको आगे बढ़ने की ऊर्जा माँ के दरबार से मिलना शुरू हो जाती है | 

    आप यह रास्ता कैसे काट लेते हो यह आपको भी पता नहीं चलेगा , माता वैष्णवी के जैकारे, प्रेम से बोलो जय माता दी,ज़ोर से बोलो जय माता दी , हर चलते कदम के साथ जय माता दी और हर सांस के साथ जय माता दी |

    आपको यात्रा पर्ची चेक पॉइंट पर अपनी पर्ची चेक करवानी होगी और आपको अपना दर्शन के लिए ग्रुप नंबर लेना होगा | ऐसा सिर्फ तभी होता हैं जब आने वाले यात्रिओ का तादाद ज़्यादा है | 

    जब दर्शन के लिए ज़्यादा यात्री नहीं है तो ग्रुप नंबर के बिना भी आप कभी भी दर्शन कर सकते हो | इसके आगे आपका माता के भवन के प्रांगण में जाने से पहले अपना सामान चेक करवाइये |
    नया मार्ग वैष्णो देवी यात्रा के लिए

    वैष्णो देवी यात्रा के लिए नया मार्ग 



    भवन के प्रांगण से पहले आपको माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से माता की भेंट के लिए दुकान मिल जाएगी | 

    आप यहाँ से माता की भेंट ले सकते है अपनी श्रद्धा के अनुसार | 

    यह भेंट 11 रुपये , 21 रुपये , 31 रुपये , 51 रुपये , 101 रुपये की मिलती है | आप अपने बजट के अनुसार कोई भी भेंट ले सकते है |

    बस आप पहुँच गए माता वैष्णो देवी के दरबार | आप पहुंचकर थोड़ा बिश्राम करके या सनान करके दर्शन के लिए जा सकते है | 

    आप सनान के लिए किसी भी भवन के अन्दर बने शौचालय और स्नान घर का इस्तेमाल कर सकते है | प्राचीन समय में यात्री त्रिकुटा पर्वत से बहने वाले झरने के निचे नहाया करते थे | 

    आज भी यह झरना मौजूद है पर इसको अब सनान घर बना दिया गया है | झरने का पानी एक बड़े टैंक में गिराया जाता है और नलकूपों के द्वारा निचे गिराया जाता है | 

    पानी बहुत ही ठंडा होता है , कृपया नहाने से पहले हाथ लगाकर चेक कर ले | महिलाओ और पुरषो के लिए अलग स्नानघर है |

    दर्शन करने के लिए आपको कतार में लगना पड़ेगा | कृपया इस बात का ध्यान रहे , दर्शन की लाइन में जाने से पहले अपने जूते चप्पल , चमड़े की बेल्ट , वॉलेट , लेडीज पर्स , चमड़े के स्ट्रिप वाली घडी , प्लास्टिक कंगी और मोबाइल अन्दर नहीं जाने दिया जायेगा | 

    कृपया दर्शन की लाइन में जाने से पहले यह सामान आप वैष्णो देवी भवन में बने क्लॉक रूम में जमा करवाए , जो निशुलक है , इस सेवा का कोई चार्ज नहीं है |

    दर्शन की लाइन के गेट एंट्री पर आपको अपनी यात्रा पर्ची दिखानी होगी और यह यात्रा पर्ची आप से ले ली जाएगी | 

    अब आप दर्शन के लिए कतार में है | माता वैष्णो देवी गुफा के अन्दर पिंडी रूप में बिराजमान है | पिंडी रूप का डायरेक्ट लाइव कास्ट होता रहता है | 

    आप भवन में लगे एलसीडी टीवी पर पिंडी के दर्शन कर सकते है | 

    आपकी नारियल भेंट अन्दर गुफा तक नहीं जाएगी, एक चेक पॉइंट पर नारियल भेंट आप से ले ली जाएगी और इसके बदले आपको एक टोकन दिया जाता है | 

    आप इस टोकन को संभाल कर रखिये |

    आप थोड़ा आगे बढ़ते है तो आप माँ के दरबार तक पहुँच जाते है | यह पुराणी गुफा का रास्ता है , कुछ दशक पहले इस गुफा से गुजरकर ही माता के दर्शन किये जाते थे | 

    गुफा के अन्दर ठंडा पानी बहता है जिसमे खड़ा होना मुश्किल होता था | इस रस्ते से दर्शन करने के लिए समय ज़्यादा लगता था और पीछे यात्रिओ की लम्बी कतारें लग जाती थी | 

    इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए, माता के पिंडी रूप के दर्शन करने के लिए एक कृत्रिम गुफा का निर्माण किया गया है | 

    जो की सुगम है और कतार में आगे बढ़ते हुए आप आराम से दर्शन कर सकते है |

    आप इस कृत्रिम गुफा के मुहाने पर पहुंच चुके है जो की अन्दर जाने के लिए दो गुफाये है | 

    आप किसी भी लाइन में लग के दर्शन कर सकते है | गुफा के मुहाने पर ही माता की विशाल मूर्ति है जो की सोने , चांदी और हीरो के जेवरों से सजी है | 

    गुफा के बहार माता के रक्षक के रूप में दो बड़े पीतल के शेर रखे है | कहते है यह माता के अंगरक्षक और माता की सवारी भी है | 

    दान पैटी यहाँ रखी हुई है बाहर कृपया आप कोई भी चढ़ावा या दान इसी दान पात्र में डाले |

    गुफा के अन्दर प्रवेश करिये , अपना ध्यान माता के चरणों में लगाए रखे , धीरे धीरे आगे बढिये अपनी बारी का इंतज़ार करिये , त्रिकुटा पर्वत से रिस्ता हुआ पानी आप गुफा के अन्दर देख सकते है | 

    पुजारी आपको हल्दी और केसर से बना आपके माथे पर लगाएंगे | आगे बढिये , लो आ गए आप माँ के चरणों में | 

    सामने देखिये माँ वैष्णो देवी तीन पिंडियो में से बीच वाली पिंडी में बिराजमान है और दो पिण्डिया माँ सरस्वती और माँ लक्ष्मी जी की है | 

    आपको कुछ सेकण्ड्स का समय मिलता है दर्शन के लिए , इसलिए आप अपना धयान वही लगाए रखे | 

    छोटे बच्चों को उठा लीजिये और माथा टिकवा लीजिये | लो जी हो गए माँ के दर्शन , अब बोलो ज़ोर से ” जयकारा शेरोंवाली दा ” बोलो सच्चे दरबार की जय “


    Vaishno Devi Bhawan Trikuta Parvat

    वैष्णो देवी भवन 




    माई मेरी सच्चियाँ जोता वाली माता तेरी सदा ही जय – जय माता दी

    गुफा से बहार आइये , बहार आकर चरणामृत आप पी सकते है | आगे बढिये , थोड़ा आगे जाकर आपको माता वैष्णो देवी की तरफ से प्रशाद मिलेगा | 

    इस प्रशाद के रूप में एक श्री माता वैष्णो देवी लिखा हुआ सिक्का और मिश्री प्रशाद मिलता है | 

    यह प्रशाद छोटे से पैकेट में होता है , प्रशाद खाकर कृपया उस रैपर को फेंके नहीं , अपने पास अपने साथ रखे | सिक्का आप घर की तिजोरी में या अपने पास रख सकते है |

    कई लोग सीडीओं की रेलिंग्स के साथ चुनरी बाँध देते है , चुडिया रख देते है , सिंदूर गिरा देते है | 

    श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से यह अपील लोगो से यह की जाती है की कृपया ऐसा न करे | इससे गन्दगी फैलती है | इस यात्रा की गरिमा बनाये रखे | 

    यह सामान भी आपको आशीर्वाद के रूप में मिला है आप इसे घर ले जाए |

    108 सीडिया निचे उतारकर आपको शिव गुफा मिलेगी | अगर आप इस गुफा में जाना चाहते है तो जा सकते है वर्ना यह यात्रा का हिस्सा नहीं है | आप बिना यहाँ गए भी आगे बढ़ सकते है |

    अपना टोकन निकालिये जो नारियल के बदले आपको मिला था , इसको एक्सचेंज काउंटर पर दे दीजिये और इसके बदले आपको मिलेगा नारियल प्रसाद | 

    वाह : एक बार और माँ का आशीर्वाद | जय माता दी |

    आगे बढिये , अब आप दर्शन करने के बाद बाहर निकल चुके है | आप भोजनालय में जाकर कुछ खा सकते है | 

    श्री श्राइन बोर्ड की तरफ से यह भोजनालय बनाया गया है | ऐसे सभी भोजनालयो का रेट कण्ट्रोल श्राइन बोर्ड करता है , जो रस्ते में है या माता वैष्णो देवी भवन पर |

    कहते है माता वैष्णो देवी की यात्रा बिना भैरो बाबा के दर्शन पूरी नहीं होती | 

    माँ वैष्णवी ने भैरो बाबा का उद्धार  करते हुए और उनको पाप मुक्त करते हुए यह बचन दिया था की जो श्रद्धालु मेरे दर्शन करेगा और उसके पश्चात भैरो दर्शन करने पर ही यात्रा पूरी और सफल मानी जाएगी |

    यह तीन किलोमीटर की यात्रा है आप भवन से घोडा या पालकी भी कर सकते है या फिर पैदल यात्रा कर सकते है | भैरो भवन दर्शन करने के बाद आप निचे उतरने के लिए आगे बढिये |

    अगर आपके पास हेलीकाप्टर टिकट है तो आपको संजिशात हेलिपैड पर आप जा सकते है या फिर पुराने रस्ते से अर्धकुंवारी भवन की तरफ बढिये |

    आप उतरने के समय घोडा या पालकी के सेवा भी ले सकते है | 

    समय समय पर भवन से कुछ किलोमीटर दूर बैटरी वाली गाड़ी चलती है | आप उसमे भी अपना टिकट बुक करवा सकते है | 

    यह सेवा सिर्फ एक तरफ के लिए है | आप भवन से अर्धकुंवारी तक ही यह सेवा ले सकते है |

    जल्दी ही श्राइन बोर्ड की तरफ से माता वैष्णो देवी भवन से लेकर भैरो मंदिर तक रोप वे शुरू किया जायेगा | अभी इस सेवा के प्रारम्भ होने में थोड़ा बिलंभ है |

    आप कटरा में पहुँच कर बिश्राम कर सकते है | इस शहर के बाज़ारो में खरीदारी कर सकते है | यह प्राचीन शहर बड़ा शालीन और सुन्दर है |


    कटरा रेलवे स्टेशन

    कटरा रेलवे स्टेशन – भारत का सबसे खूबसूरत और साफ़ सुथरा रेलवे स्टेशन है | जम्मू से लेकर कटरा तक का रेल का सफर अनगिनत गुफाओ से होकर जाता है | 

    अगर आप यह यात्रा दिन में कर रहे है तो आप इनमे गुजरने का आनंद ले सकते है |

    जय माता दी – माँ आप पर कृपया बनाये रखे | माँ वैष्णो देवी का आशीर्वाद आप भक्तजनो को मिलता रहे | आप आये माँ के दरबार – शहर कटरा आपका हार्दिक स्वागत करता है |

    चलो बुलावा आया है – माता ने बुलाया है – ज़ोर से बोलो – जय माता दी – प्यार से बोलो – जय माता दी ||||||||

    माता वैष्णो देवी जाने का सही समय, इन ट्रेनों में कराएं रिजर्वेशन


     जम्मू और आसपास के इलाकों में खुशनुमा मौसम होने से माता वैष्णो देवी के भक्तों के चेहरे खिल गए हैं। 

    ऐसे में अगर आप माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आना चाहते हैं तो आप निकटतम स्टेशनों से इन ट्रेनों में रिजर्वेशन करा सकते हैं।



    1. दिल्ली से आने वाले तमाम यात्री जम्मू राजधानी और श्री शक्ति एक्सप्रेस में रिजर्वेशन करवा सकते हैं। इसके साथ ही सराय रोहिल्ला स्टेशन से दूरंतो एक्सप्रेस और पुरानी दिल्ली से जम्मू मेल ट्रेन का विकल्प भी मौजूद हैं।



    2. मुंबई से माता वैष्णों देवी जाने वाले लोग स्वराज एक्सप्रेस, बांद्रा जम्मूतवी एसी एक्सप्रेस और विवेक एक्सप्रेस ट्रेनों में आरक्षण करा सकते हैं। यह ट्रेनें मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रास्ते जम्मू पहुंचती हैं जिससे इसका लाभ यूपी और एमपी के लोगों को भी हो सकता है।



    3. उत्तर प्रदेश से आने के इच्छुक लोग वाराणसी से बेगमपुरा एक्सप्रेस और हिमगिरि एक्सप्रेस से यात्रा कर सकते हैं। इनकी सीट्स फुल होने पर अर्चना और जम्मूतवी एक्सप्रेस  का विकल्प भी मौजूद है।



    4. बिहार से जम्मूतवी आने वाले लोग पटना स्टेशन से अर्चना और हिमगिरि एक्सप्रेस में रिजर्वेशन करवा सकते हैं।



    5. यात्रा करने की चाह रखने वाले उत्तराखंड के लोगों के लिए हेमकुंड एक्सप्रेस और हावड़ा जम्मूतवी एक्सप्रेस का विकल्प मौजूद है। इन ट्रेनों के जरिए यात्री सुविधाजनक तरीके से सफर कर सकते हैं।


    माँ वैष्णो देवी, हिन्दू धर्म की प्रमुख देवियों में से एक हैं। माता के भक्त दुनियाभर में हैं और अपनी माँ को बेहद प्रेम भी करते हैं। माँ के नाम के जागरण भी किये जाते हैं। वैष्णो माता की पूजा विधि में नीचे दिए गए मन्त्रों का जाप होता है।

    इस मंत्र का उच्चारण करते हुए माता वैष्णो देवी को जल समर्पण करना चाहिए

    ॐ सर्वतीर्थ समूदभूतं पाद्यं गन्धादि-भिर्युतम् |
    अनिष्ट-हर्ता गृहाणेदं भगवती भक्त-वत्सला ||
    ॐ श्री वैष्णवी नमः |
    पाद्योः पाद्यं समर्पयामि

    स मंत्र के द्वारा माता वैष्णो देवी को दक्षिणा अर्पण करना चाहिए

    हिरण्यगर्भ-गर्भस्थं हेम बीजं विभावसोः |
    अनन्तं पुण्यफ़ल दमतः शान्ति प्रयच्छ मे ||


    माता वैष्णो देवी की पूजा के दौरान इस मंत्र को पढ़ते हुए उन्हें चन्दन समर्पण करना चाहिए

    ॐ श्रीखण्ड-चन्दनं दिव्यं गन्धाढ्यं सुमनोहरम् |
    विलेपन मातेश्वरी चन्दनं प्रति-गृहयन्ताम् ||


    इस मंत्र के द्वारा माता वैष्णो देवी का दधि स्नान करना चाहिए

    पयस्तु वैष्णो समुद-भूतं मधुराम्लं शशि-प्रभम् |
    दध्या-नीतं मया स्नानार्थ प्रति-गृहयन्ताम् ||


    माता वैष्णो देवी की पूजा करते समय इस मंत्र को पढ़ते हुए उन्हें वस्त्र समर्पण करना चाहिए

    शीत-शीतोष्ण-संत्राणं लज्जाया रक्षणं परम् |
    देहा-लंकारण वस्त्रमतः शान्ति प्रयच्छ मे ||


    इस मंत्र को पढ़ते हुए माता वैष्णो देवी को पुष्पमाला समर्पण करना चाहिए
    माल्या दीनि सुगन्धीनि माल्यादीनि वै देवी |
    मया-हृताणि-पुष्पाणि गृहायन्ता पूजनाय भो ||


    माता वैष्णो देवी की पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा उन्हें बिल्वपत्र एवं पुष्प समर्पण करना चाहिए

    बन्दारूज-नाम्बदार मन्दार प्रिये धीमहि |
    मन्दार जानि पुष्पाणि रक्त-पुष्पाणि-पेहि भो ||

    माता वैष्णो देवी की पूजा के दौरान इस मंत्र का उच्चारण करते हुए उन्हें अर्घ्य समर्पण करना चाहिए

    ॐ वैष्णो देवी नमस्ते-स्तु गृहाण करूणाकरी |
    अर्घ्य च फ़लं संयुक्तं गंधमाल्या-क्षतैयुतम् ||


    इस मंत्र को पढ़ते हुए माता वैष्णो देवी की पूजा में उन्हें आसन समर्पण करना चाहिए

    ॐ विचित्र रत्न्-खचितं दिव्या-स्तरण-संयुक्तम् |
    स्वर्ण-सिंहासन चारू गृहिष्व वैष्णो माँ पूजितः ||


    माता वैष्णो देवी की पूजा में उनका आवाहन इस मंत्र के द्वारा करना चाहिए

    ॐ सहस्त्र शीर्षाः पुरूषः सहस्त्राक्षः सहस्त्र-पातस-भूमिग्वं सव्वेत-स्तपुत्वा यतिष्ठ दर्शागुलाम् |
    आगच्छ वैष्णो देवी स्थाने-चात्र स्थिरो भव ||

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    ॐ ह्रींग डुंग दुर्गायै नमः

    माँ दुर्गा  के चमत्कारी महामंत्र यह मंत्र सभी प्रकार की सिद्धिः को पाने में मदद करता है, यह मंत्र सबसे प्रभावी और गुप्त मंत्र माना जाता है और सभी उपयुक्त इच्छाओं को पूरा करने की शक्ति इस मंत्र में होती है। 

    "ॐ अंग ह्रींग क्लींग चामुण्डायै विच्चे "

    यह देवी माँ का बहुत लोकप्रिय मंत्र है। यह मंत्र देवी प्रदर्शन के समारोहों में आवश्यक है।

    दुर्गासप्तशा प्रदर्शन से पहले इस मंत्र को सुनाना आवश्यक है।

    इस मंत्र की शक्ति : यह मंत्र दोहराने से हमें सुंदरता ,बुद्धि और समृद्धि मिलती है। 

    यह आत्म की प्राप्ति में मदद करता है।

    गौरी मंत्र लायक पति मिलने के लिए

    " हे गौरी शंकरधंगी ! यथा तवं शंकरप्रिया,
    तथा मां कुरु कल्याणी ! कान्तकान्तम् सुदुर्लभं "



    दुर्गासप्तशइ के अदबुध मंत्र
    सब प्रकार के कल्याण के लिये

    “सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। 
    शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥”



    धन के लिए मंत्र

    “दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो: 
    स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
    दारिद्र्यदु:खभयहारिणि का त्वदन्या 
    सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽ‌र्द्रचित्ता॥”



    आकर्षण के लिए मंत्र
    “ॐ क्लींग ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती ही सा,
    बलादाकृष्य मोहय महामाया प्रयच्छति "



    विपत्ति नाश के लिए मंत्र
    “शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। 
    सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥”



    शक्ति प्राप्ति के लिए मंत्र
    सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्ति भूते सनातनि। 
    गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥



    रक्षा पाने के लिए मंत्र
    शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके। 
    घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि:स्वनेन च॥



    आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए मंत्र
    देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। 
    रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥

    भय नाश के लिए मंत्र
    “सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते। 
    भयेभ्याहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥



    महामारी नाश के लिए मंत्र
    जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
    दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥

    सुलक्षणा पत्‍‌नी की प्राप्ति के लिए मंत्र
    पत्‍‌नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। 
    तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥

    पाप नाश के लिए मंत्र
    हिनस्ति दैत्यतेजांसि स्वनेनापूर्य या जगत्। 
    सा घण्टा पातु नो देवि पापेभ्योऽन: सुतानिव॥

    भुक्ति-मुक्ति की प्राप्ति के लिए मंत्र
    विधेहि देवि कल्याणं विधेहि परमां श्रियम्।
    रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥